विशेष कोविड पैकेज की दूसरी किस्त घोषित करने पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार ; मनोहर

चंडीगढ़(Abtaknews.com) 15 मई, 2020; हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आज 20 लाख करोड़ रुपये के विशेष कोविड पैकेज की दूसरी किस्त घोषित करने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस आर्थिक पैकेज से प्रवासियों और हरियाणा के किसानों को बड़े पैमाने पर लाभ होगा।
जारी एक बयान में मनोहर लाल ने कहा कि वित्त मंत्री ने किसानों के लिए नाबार्ड के माध्यम से 30,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त आपातकालीन कार्यशील पूंजी कोष को मंजूरी दी हैजो सामान्य रिफाइनेंस रूट के माध्यम से प्रदान किए जाने वाले 90,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त है। इसके अलावाकेंद्र द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड विशेष अभियान के माध्यम से 2.5 करोड़ किसानों को 2 लाख करोड़ रुपये का रियायती ऋण प्रोत्साहन दिया जाएगा।
उन्होंने सीतारमण को राष्टï्रीय पोर्टेबिलिटी कार्ड (एक राष्ट्र एक राशन कार्ड) के शुभारंभ की घोषणा के लिए भी धन्यवाद दियाजिसका इस्तेमाल देश के किसी भी हिस्से में राशन की किसी भी दुकान पर किया जा सकता है क्योंकि प्रवासी एक राज्य से दूसरे राज्य में जाते रहते हैं। उन्होंने दो महीने तक गैर-पीडीएस कार्ड धारकों के लिए 5 किलो प्रति व्यक्ति गेहूं या चावल और एक किलो चना प्रति परिवार देनेजिससे 8 करोड़ प्रवासियों को लाभ होगाप्रवासियों और शहरी गरीबों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत किफायती किराये के आवास और शहरीअर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगाार के अवसर पैदा करने के लिए 6000 करोड़ रुपये के प्रतिपूरक वनीकरण प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण (सीएएमपीए) कोष की स्थापना के निर्णयों की भी प्रशंसा की।
        मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री ने आज एमएसएमई और गैर बैंकिंग वित्त कंपनियों (एनबीएफसीज) से लेकर रियल एस्टेट और बिजली वितरण तथा वेतनभोगी वर्ग के लिए कई अन्य घोषणाएं की हैं जिससे अर्थव्यवस्था में नया जोश आएगा और विभिन्न आर्थिक क्षेत्र लाभान्वित होंगेे। 
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चंडीगढ़, 15 मई,2020 हरियाणा से अपने घर जाने के इच्छुक प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्यों को भेजना निरंतर जारी है। इसी कड़ी में आज विशेष रेलगाडिय़ों से 7000 हजार से ज्यादा श्रमिकों को उनके गृह राज्यों को भेजा गया। गुरुग्राम से खजुराहो (मध्यप्रदेश) के लिए 1600, गुरुग्राम से खगरिया (बिहार) के लिए 1200, पानीपत से मुजफ्फरपुर (बिहार) के लिए 1440, रेवाड़ी से बिहार के किशनगंज जाएंगे 1443 और नारनौल से पूर्णिया (बिहार) के लिए भी 1440 श्रमिकों को विशेष रेलगाडिय़ों के माध्यम से उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया।
मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने जिला प्रशासन के तमाम अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रवासी मजदूरों को मात्र उनके गृह राज्यों को भेजना ही जरूरी नहीं है बल्कि यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि इस यात्रा के दौरान उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो। बकौल मुृख्यमंत्री ये मजदूर हरियाणा के नवनिर्माण में भागीदार रहे हैं और इस नाते इनके सुख-दुख का ख्याल रखना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।
 गुरुग्राम रेलवे स्टेशन से गई दो ट्रेनें----आज गुरुग्राम रेलवे स्टेशन से 1600 प्रवासी मजदूरों को लेकर एक श्रमिक स्पेशल ट्रेन खजुराहो (मध्यप्रदेश) के लिए  जबकि लगभग 1200 श्रमिकों को लेकर दूसरी ट्रेन बिहार के खगरिया के लिए रवाना हुई। जाने से पहले स्टेशन परिसर में गृह मंत्रालय की गाइडलाइन्स के अनुसार यात्रियों की थर्मल स्कैनिंग की गई। जिला प्रशासन द्वारा सभी श्रमिकों को भोजन के पैकेट सहित पीने का पानीबच्चों को चिप्सचॉकलेट व अन्य जरूरत का सामान दिया गया। इस कार्य में जिला रेडक्रॉस सोसाइटी व सिविल डिफेंस के वॉलंटियर्स ने अहम भूमिका निभाई। विशेष ट्रेन में सवार होते समय श्रमिकों के चेहरों पर एक ओर जहां अपने गांव व घर जाने की खुशी झलक रही थीवहीं मन के किसी कोने में गुरुग्राम से जाने का मलाल भी था। घर पहुंचाने की मुफ्त व्यवस्था करने के लिए उन्होंने ट्रेन चलने से पहले हाथ हिलाकर तथा तालियां बजाकर राज्य सरकार तथा जिला प्रशासन का आभार जताया।
ट्रेन में सवार कटिहार के रहने वाले अजय कुमार मंडल ने बताया कि वह गुरुग्राम के सोहना में पिछले वर्षों से रहता है। वह लॉकडाउन से पहले आइसक्रीम की रेहड़ी लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता आ रहा है। अब लॉकडाउन के कारण काम ठप्प हो गया है लेकिन वह स्थिति सामान्य होने का इंतजार करेगा और हालात बेहतर होते ही वापस लौटेगा। वहींनवीनमिथुन मुकेशजवाहरमुन्नामोहम्मद आदि ने बताया कि इस मुश्किल घड़ी में राज्य सरकार ने उन्हें मुफ्त घर भिजवाने की व्यवस्था करके एक बड़ा तोहफा दिया है। इन 50 दिनों के अंदर उन्हें खानेरहने से लेकर अन्य जरूरत के सामान समेत किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आई लेकिन एक बार तो उन्हें अपने गांव जरूर जाना है।
पानीपत से मुजफ्फरपुर (बिहार) के लिए 1440 श्रमिकों को रवाना किया
अंतर्राष्ट्रीय फलफूलसब्जी एवं डेयरी उद्योग टर्मिनल (बागवानी मंडी) गन्नौर से 1440 मजदूरों को पहले बसों के माध्यम से पानीपत भेजा गयाजहां से उन्हें मुजफ्फरपुर (बिहार) के लिए रवाना किया गया।
इन मजदूरों के चेहरों पर घर जाने की खुशी दूर से देखी जा सकती थी। सिवान जाने वाले राजा व अजय कुमार तथा मधुबनी के चंदन तथा बलिराम यादव का कहना था कि हरियाणा सरकार ने उन्हें लॉकडाउन में घर वापसी की बड़ी खुशी दी है। सरकार और जिला प्रशासन द्वारा किए गए प्रबंधों के लिए वे दिल से आभार प्रकट करते हैं। वहीं मधुबनी के राजकुमाररोशन कुमार व राधेमंडल का कहना था कि सोनीपत में जिला प्रशासन ने बेहतरीन व्यवस्था की थी। गोपालगंज के कृष्णा राय व सीतामढ़ी के विवेक कुमार ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान भी मजदूरों को भोजन की कोई परेशानी नहीं होने दी। नियमित रूप से रोजाना भोजन कराया गया। किंतु अब उनकी एक बार अपने घर वापस जाने की इच्छा है ताकि अपने परिजनों से मिलना हो सके।
रेवाड़ी से बिहार के किशनगंज जाएंगे 1443 खेतीहर मजदूर
वहीं रेवाड़ी जंक्शन से आज लगातार आठवें दिन 1443 खेतीहर प्रवासी श्रमिकों को लेकर श्रमिक स्पेशल ट्रेन बिहार के किशनगंज के लिए रवाना हुई। लॉकडाउन में फंसे इन सभी खेतीहर श्रमिकों को केन्द्र सरकार द्वारा जारी स्टेंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर (एसओपी) के अनुसार मेडिकल स्क्रीनिंग के बाद ट्रेन में बैठने की अनुमति दी गई। इसके अलावाप्रवासी श्रमिकों को रेल में बैठाने से पहले चिकित्सकों की टीमों द्वारा प्रत्येक श्रमिक की थर्मल स्कैनिंग व स्वास्थ्य जांच की गई। श्रमिकों को रास्ते के लिए पर्याप्त भोजन व पेयजल इत्यादि मुहैया करवाया गया।
नारनौल से 1440 श्रमिकों को किया बिहार के पूर्णिया के लिए रवाना
लॉकडाउन के कारण महेन्द्रगढ़ जिले में फंसे 1440 प्रवासी श्रमिकों को लेकर आज एक और ट्रेन नारनौल रेलवे स्टेशन से बिहार के पूर्णिया के लिए रवाना हुई। इससे पहलेमंगलवार व बुधवार को भी एक-एक रेलगाड़ी नारनौल रेलवे स्टेशन से मध्यप्रदेश के लिए रवाना हो चुकी हैं। केंद्र सरकार दिशा-निर्देशों के अनुसार हर कोच को सेनेटाइज करने के बाद ही मजदूरों को बैठाया गया। रेड क्रॉस की ओर से भी मास्क वितरित किए गए ।

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