Thursday, May 28, 2020

इच्छुक श्रमिकों की सकुशल रवानगी के लिए हरियाणा से विशेष श्रमिक रेलगाड़ी पश्चिम बंगाल के लिए रवाना

चंडीगढ़(Abtaknews.com)28मई,2020: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के चलते राज्य सरकार द्वारा प्रदेश से इच्छुक श्रमिकों को उनके गृह राज्यों में पहुंचाने के लिए रोजाना विशेष श्रमिक रेलगाडिय़ों को प्रदेश के विभिन्न रेलवे स्टेशनों से चलाया जा रहा है और इसी श्रृंखला में आज हरियाणा से एक विशेष श्रमिक रेलगाड़ी पश्चिम बंगाल के लिए रवाना किया गया हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा राज्य की उन्नति व विकास में श्रमिकों का उल्लेखनीय योगदान है।
गुरूग्राम से पश्चिम बंगाल के न्यू-कूच-बिहार के लिए रेलगाड़ी--
हरियाणा के गुरूग्राम रेलवे स्टेशन से आज सायं 6 बजे 1600 श्रमिकों को लेकर पश्चिम बंगाल के लिए पहली श्रमिक स्पेशल ट्रेन रवाना हुई। यह ट्रेन पश्चिम बंगाल के  न्यू-कूच-बिहार नामक क्षेत्र के लिए गई है। जाते समय ट्रेन में बैठे नागरिकों ने हाथ हिलाकर व हाथ जोडक़र आभार जताया और जय हरियाणा के नारे लगाते हुए विदा हुए। हरियाणा के अलग-अलग जिलों से यहां लाए गए नागरिकों को सरकारी खर्च पर उनके गृह राज्य में स्पेशल श्रमिक ट्रेन से भिजवाया गया है।
आज श्रमिक स्पेशल ट्रेन से भेजे जाने वाले 1600 नागरिकों को बसों के माध्यम से गुरूग्राम रेलवे स्टेशन लाया गया। इनमें बिहार के विभिन्न जिलों के नागरिक भी शामिल थे। रेलवे स्टेशन पर इन सबके स्वास्थ्य की जांच की गई व हाथों को सैनेटाइज करवाकर भोजन व पानी दिया गया। प्रत्येक यात्री की थर्मल स्कैनिंग करके उन्हें मास्क उपलब्ध करवाए गए। इसके उपरांत प्रत्येक श्रमिक को नि:शुल्क टिकट देकर ट्रेन में बिठाया गया।
रेलवे स्टेशन पर श्रमिकों को भोजन के पैकेट व पानी सहित अन्य खाद्य सामग्री वितरित की गई। ट्रेन के सभी डिब्बों में साबुन व सैनेटाइजर्स रखवाए गए थे। ट्रेन में महिला यात्री व बच्चे भी थे जिन्हें खिलौनेबिस्किट व चॉकलेट दी गईं।
आज गुरूग्राम से 13वीं स्पेशल श्रमिक ट्रेन से पंजीकृत नागरिकों को बंगाल के न्यू-कूच-बिहार के लिए रवाना किया गया है। श्रमिकों को पिछले कई दिनों से सरकार के आदेशानुसार ट्रेन व बसों के माध्यम से उनके गृह राज्यों तक भिजवाया जा रहा है। भेजे जाने वाले प्रत्येक नागरिक को मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र के आधार पर ही उनके गृह राज्यों में भिजवाया जा रहा है।
क्रमांक-2020


चंडीगढ़, 28 मई- हरियाणा के उप मुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटाला ने युवाओं का आह्वïान किया है कि वे सरकारी नौकरियों की तरफ अपने रूझान के साथ-साथ उद्यमशील बनने की ओर भी अग्रसर हों क्योंकि केन्द्र सरकार ने कुटीरलघुसूक्ष्म और मध्यम उद्यमों की परिभाषा को बदलकर इनके पूंजी निवेश व वार्षिक कारोबार का दायरा भी बढ़ाया है। इसी कड़ी में एमएसएमई उद्यमियों को सभी प्रकार के विभागीय अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने व उद्यम स्थापित करने के लिए अन्य प्रक्रियाओं की सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध करवाने के लिए हरियाणा सरकार ने अपने उद्योग विभाग में अलग से एमएमएमई निदेशालय गठित करने का निर्णय लिया गया है।
         उप-मुख्यमंत्री जिनके पास उद्योग एवं वाणिज्य विभाग का प्रभार भी हैने इस सम्बन्ध में आज यहां जानकारी देते हुए बताया कि भविष्य में इन उद्योगों में आर्थिक लेन-देन तो बढ़ेगा ही और साथ ही देश के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास में बड़े उद्योगों की तरह इनकी भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी।
         श्री दुष्यंत चौटाला ने बताया कि केन्द्र सरकार के हाल ही में घोषित किये गए आर्थिक पैकेज का मुख्य उद्देश्य लॉकडाउन के चौथे चरण के बाद औद्योगिक एवं अन्य वाणिज्यिक गतिविधियों को अपनी पहले जैसी सामान्य स्थिति की ओर बढ़ाना हैजो राज्य सरकार की प्राथमिकता भी है।
         श्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि इस आर्थिक पैकेज से वित्त वर्ष 2020-21 की दूसरी तिमाही के बाद देश के सकल घरेलू उत्पाद को पुन: पटरी पर लाया जा सकेगा तथा यह पैकेज औद्योगिक विकास के लिए एमएसएमई उद्योगों के लिए एक लिवरेज का काम करेगा।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने इससे पहले भी एमएसएमई उद्यमियों के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि आगामी अगस्त माह तक नई उद्यम प्रोत्साहन नीति-2020 को तैयार किया जा रहा हैएमएसएमई पर भी मुख्य रूप से फोकस किया जाएगा।
         श्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्र तथा विनिर्माण क्षेत्र के साथ-साथ सेवा क्षेत्र का सकल घरेलू उत्पाद दर में महत्वपूर्ण योगदान है तथा हरियाणा में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्रविशेषकर गुरुग्राम में सेवा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विस्तार हुआ है। केन्द्र सरकार द्वारा सेवा क्षेत्र को एमएमएमई में शामिल करने की घोषणा से प्रदेश के राजस्व में भी निश्चित रूप से वृद्धि होगी। 
क्रमांक-2020



चंडीगढ़, 28 मई-  नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) वैश्विक महामारी के चलते वर्तमान में उत्पन्न हुई स्थिति के मद्देनजर हरियाणा भू-संपदा अपीलीय न्यायाधिकरण ने अधिवक्ताओंकर्मचारियों और वादियों की सुरक्षा को सुनिश्चित रखने के मद्देनजर आगामी 1 जून, 2020 से अगले आदेशों तक विभिन्न व्यवस्थाओं के अनुसार कार्यदिवसों पर न्यायाधिकरण के कार्य का संचालन करने का निर्णय लिया है।
         इस संबंध में जानकारी देते हुए न्यायाधिकरण के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस बारे में न्यायाधिकरण के चेयरमैन ने एक कार्यालय आदेश जारी किया हैं।
उन्होंने बताया कि सभी प्रकार के मामलेजिनमें तात्कालिकता हैन्यायाधिकरण द्वारा विचार किया जाएगा।  हालाँकितात्कालिकता के विषय में निर्णय न्यायाधिकरण द्वारा लिया जाएगा और इसकी मैनशनिंग न्यायाधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट पर की जाएगी। 
         अपीलों की सुनवाई के संबंध में जानकारी देते हुए प्रवक्ता ने बताया कि मामलों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सॉफ्टवेयर वैबैक्स’ के माध्यम से ही आयोजित की जाएगी। हालांकितकनीकी विफलता के मामले मेंसुनवाई वटसअप्प’ या गूगल डुओ’ के माध्यम से  ट्रिब्यूनल की सुविधा के अनुसार वीडियो कॉल द्वारा आयोजित की जा सकता है वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग या वीडियो कॉलिंग में शामिल होना और डिस्कनेक्ट करना ट्रिब्यूनल के अधिकार में होगा।
         उन्होंने बताया कि संबंधित अधिवक्ता/वादी यह सुनिश्चित करेंगे कि वह वीडियो- कॉन्फ्रेंसिंग या वीडियो कॉल के माध्यम से प्रस्तुत होने वाले कमरे या स्थान को सभी प्रकार की अव्यवस्था/अशांति से मुक्त रखेंगें। न्यायाधिकरण के सम्मुख नियमित कार्यवाहियों के दौरान शिष्टाचार और प्रोटोकॉल के साथ न्यायिक कार्यवाहियां सुनिश्चित की जाएगी। जिस कमरे से वीडियो-कान्फ्रेंसिंग/वीडियो कॉल सुविधा के माध्यम से वादी/अधिवक्ता प्रस्तुत हो रहे हैंवहां पर अधिवक्ता/वादी के अलावा किसी और व्यक्ति को अनुमति नहीं होगी। 
         प्रवक्ता ने बताया कि न्यायाधिकरण अपने कोर्ट-रूम या चैम्बर और लर्नड काऊंसल/पार्टी/एडवोकेट जनरल इत्यादि से वीडियो कान्फे्रंसिंग आयोजित करेगा।  स्वास्थ्य की सुरक्षा के उद्देश्य के लिए नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) से उत्पन्न हुई स्थिति में सभी अधिवक्ताओं को सहयोग देने का आग्रह किया गया है। उन्होंने बताया कि वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से तर्क-वितर्क के दौरान अधिवक्ताओं/वादियों को सही तरीके से डेऊस पहनने की सलाह दी गई हैं। इसके अलावान्यायाधिकरण के भवन में बिना मास्क पहने किसी भी व्यक्ति को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी और सरकार के नियमों के अनुसार सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखा जाएगा।
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चंडीगढ़, 28 मई- हरियाणा के मौलिक शिक्षा विभाग द्वारा राज्य के सरकारी स्कूलों में अधिक से अधिक विद्यार्थियों को अध्यापक उपलब्ध करवाने के लिए जेबीटीटीजीटी/सीएंडवी अध्यापकों का रेशनलाइजेशन किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने राज्य के समस्त जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों से 31 मई 2020 तक विवरण मांगा है।
         एक सरकारी प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि आर.टी.ई एक्ट 2009 के नाम्र्स के अंतर्गत 30 सितंबर 2019 को स्कूलों में दर्ज विद्यार्थी संख्या के आधार पर जेबीटीटीजीटी/सीएंडवी अध्यापकों का रेशनलाइजेशन किया जाना है। उन्होंने बताया कि रेशनलाइजेशन करते वक्त विभाग द्वारा निर्धारित मापदंडों को आधार माना जाएगा।
         प्रवक्ता के अनुसार सरप्लस अध्यापकों में स्कूल में सर्वप्रथम कनिष्ठï अतिथि अध्यापक को सरप्लस माना जाएगा। यदि अतिथि अध्यापक/नियमित अध्यापक 70 प्रतिशत विकलांग विधवा या तलाकशुदा है तो उसके विकलांगता/ श्रेणी का विवरण कथन में अंकित किया जाए। उन्होंने बताया कि यदि जिले में सभी जेबीटी अतिथि अध्यापक सरप्लस हंै तो उस स्थिति में सभी जेबीटी अतिथि अध्यापकों को सरप्लस घोषित किया जाएगा तथा उन्हें अन्य जिले में समायोजन नीति के अनुसार समायोजित किया जाएगा।
         उन्होंने बताया कि यदि किसी स्कूल में अतिथि जेबीटीटीजीटी/सीएंडवी अध्यापक कार्यरत नहीं है तो उस स्थिति में उस नियमित जेबीटीटीजीटी/सीएंडवी अध्यापक को सरप्लस किया जाएगाजिसका उस स्कूल में ठहराव सबसे अधिक है। किसी भी मुख्य शिक्षक/मौलिक मुख्य अध्यापक को सरप्लस नहीं माना जाएगा तथा अन्य अध्यापक जिसकी सेवानिवृत्ति होने में एक वर्ष या एक वर्ष से कम अवधि रहती हैउसे सरप्लस नहीं किया जाएगा।
         प्रवक्ता ने आगे बताया कि मौलिक मुख्य अध्यापक/ टीजीटी/सीएंडवी अध्यापकों के लिए एक दिन में 6 पीरियड तथा सप्ताह में 36 पीरियड तक अलॉट किए जाएंगे।
         उन्होंने यह भी बताया कि विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार संबंधित अधिकारी को सरप्लस अध्यापकों का विवरण निर्धारित प्रोफार्मा में मौलिक शिक्षा विभाग की ई-मेल आई.डी eduprimaryee@gmail.com पर तथा एक प्रति दस्ती तौर पर निदेशालय को भिजवानी है।
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चंडीगढ़, 28 मई- हरियाणा राज्य चौकसी ब्यूरो ने फरवरी माह, 2020 में 8 जांचें दर्ज की है इनमें एक जांच उच्च न्यायालय के आदेशानुसारएक जांच मुख्यमंत्री के आदेशानुसार व 6 जांचें चौकसी विभाग के आदेशानुसार दर्ज की गई हैं। इसके अलावा, 13 जांचे पूर्ण की हैजिसकी अन्तिम रिपोर्ट चौकसी विभागहरियाणा को भेज दी गई है।
         इस संबंध में जानकारी देते हुए ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि इस माह के दौरान पूर्ण की गई 13 जांचों में से 3 जांचों में आरोप सिद्ध नहीं रहे। वहीं 6 जांचों में, 8 राजपत्रित अधिकारियों व 11 अराजपत्रित अधिकारियों के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही करने व 3 प्राईवेट व्यक्तियों से 3,01,790/- रुपयेे की वसूली करने, 1 जांच में 3 प्राईवेट व्यक्तियों से 83,602/- रुपये की वसूली करने,  2 जांचों में 4 प्राईवेट व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने व 7 राजपत्रित अधिकारियों और 3 अराजपत्रित अधिकारियों के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही करने तथा एक मामले की जांच सीबीआई से करवाने बारे सुझाव दिया गया है।
         इसके अतिरिक्तपहले 10 जिलों से संबंधित जांच की अन्तिम रिपोर्ट पहले भेजी गई थी और अब करनाल जिला से संबंधित जांच की अंतिम रिपोर्ट सरकार को भेजी गई हैजिसमें 4 राजपत्रित अधिकारियों, 2 अराजपत्रित अधिकारियों तथा 2 प्राइवेट व्यक्तियों के विरूद्ध आपराधिक मुकदमा दर्ज करने बारे सुझाव दिया गया है।
         उन्होंने बताया कि माह फरवरी 2020 के दौरानशहरी स्थानीय निकाय विभाग में कार्यरत राजपालसुपरवाईजरनगर निगमफरीदाबाद को गत 5 फरवरी को 3 हजार रुपये तथा 7 फरवरी को राजस्व विभाग के जिला कैथल उप-तहसील कार्यालय सिवानी में लिपिक के पद पर कार्यरत जसबीर सिंह को भी 3 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है।

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