जे सी बोस यूनिवर्सिटी प्रशासन का दावा झूठा, इम्पलाईज एसोसिएशनों की सहमति के बिना काटा वेतन: सुभाष लाम्बा



फरीदाबाद(abtaknews.com)7 मई, 2020: जे सी बोस युनिवर्सिटी वाईएमसीए इम्पलाईज एसोसिएशन व वर्कशॉप इम्पलाईज एसोसिएशन ने युनिवर्सिटी प्रशासन के उस दावे का जोरदार खंडन किया है, जिसमें कहा गया है कि वेतन कटौती इम्पलाईज एसोसिएशनों की सहमति के बाद की गई थी। वाईएमसीए युनिवर्सिटी इम्पलाईज एसोसिएशन के प्रधान अशोक कुमार व वर्कशॉप इम्पलाईज एसोसिएशन के प्रधान विजय कुमार ने बताया की रजिस्ट्रार ने 30 मार्च,2020 को मार्च महीने के वेतन से बिना एसोसिएशन की सहमति के  कोरोना रिलीफ फंड के लिए 10 प्रतिशत वेतन काटने के आदेश जारी कर दिए थे। जिसका दोनों एसोसिएशनों ने 30 मार्च को ही पत्र लिखकर कड़ा विरोध किया था। पत्र में यह अनुरोध किया था कि जो कर्मचारी स्वेच्छा से कोरोना रिलीफ फंड में जितना दान देना चाहें, उससे उतना ही दान लिया जाए। जबरन 10 प्रतिशत वेतन कर्मचारियों का न काटा जाए। उन्होंने बताया कि इसके बावजूद युनिवर्सिटी प्रशासन ने अपने सरकार में नंबर बनाने के लिए सभी कर्मचारियों के जबरन 10 प्रतिशत वेतन की कटौती कर दी। जबकि 31 मार्च को माननीय मुख्यमंत्री ने सरकार के 25 मार्च के इस बाबत दिए आदेशों की समीक्षा करने उपरांत सभी कर्मचारियों से स्वेच्छा से हरियाणा कोरोना रिलीफ फंड में दान देने की अपील की थी और सरकार ने इसके लिए बकायदा ऐप भी जारी किया गया था। ताकि कर्मचारी अपनी इच्छा बता सके। जिसके बाद सभी विभागों के कर्मचारियों व अधिकारियों ने कोरोना रिलीफ फंड में 100 करोड़ से ज्यादा दान दिया है। लेकिन इसके बावजूद युनिवर्सिटी प्रशासन ने मुख्यमंत्री की अपील को भी अनदेखा करके कर्मचारियों के मार्च महीने के वेतन से जबरन 10 प्रतिशत की कटौती कर दी। जबकि सभी कर्मचारी एक दिन का वेतन रिलीफ फंड में दान देने के लिए तैयार थे।

उन्होंने बताया कि इसके बावजूद युनिवर्सिटी के वीसी ने 1 मई को पुनः आदेश जारी करके अप्रैल महीने के वेतन से फिर एक दिन का वेतन रिलीफ फंड में दान देने को कहा गया। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा द्वारा मामला सार्वजनिक करने के बाद बृहस्पतिवार को रजिस्ट्रार ने उस पत्र की निरंतरता में पत्र जारी करके कहा है कि स्वेच्छा से वेतन कटौती की जाएगी। जबरन कटौती नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि दोनों एसोसिएशनों ने सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की थी।  सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि युनिवर्सिटी प्रशासन सरकार व अपने आकाओं को खुश करने के लिए कोरोना रिलीफ फंड के नाम से जबरन वेतन कटौती कर चुका है और इस महीने फिर प्रयास कर रहा है। जिसकी शुक्रवार को शिकायत महामहिम राज्यपाल, मुख्यमंत्री, एसीएस हायर एजुकेशन,डीजीटीई हरियाणा को की जाएगी।

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