मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 60 प्रमुख अमेरिकी कंपनियों के शीर्ष प्रबंधन प्रतिनिधियों से की चर्चा

चंडीगढ़(Abtaknews.com)20मई,2020:हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल तथा संयुक्त राज्य अमेरिका भारत व्यापार परिषद (यूएसआईबीसी)’ की चेयरपर्सन सुश्री निशा बिस्वाल की अध्यक्षता में कल देर सायं ऑनलाइन वीडियो कान्फ्रेंसिंग हुईजिसमें घरेलू स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा देनेऑटोमोबाइल घटक विनिर्माण को एयरोस्पेस मशीनरी विनिर्माण में परिवर्तन करने और 5-जीएजआर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और गवर्नेंस तथा इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग में ब्लॉक-चेन जैसे क्षेत्रों की पहचान की गई जिनमें आगे बढऩे के काफी अवसर हैं। इस बैठक में बोइंगकोका कोलाबैक्सटरवॉलमार्टस्ट्राइकरमास्टर कार्डट्रॉय कॉर्पोरेशनजीई और इंटेल जैसी 60 से अधिक प्रमुख अमेरिकी कंपनियों के सीईओ/शीर्ष प्रबंधन प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि पिछले दो महीनों से हम में से प्रत्येक ने एक ऐसे जीवन का अनुभव किया है जिसमें लोकल’ और ग्लोबल’ के बीच का अंतर पूरी तरह से गायब हो गया है। हम सभी ने केवल आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं के साथ घर से काम किया है और देखा है कि आर्थिक जीवन धीमा हो गया है। उन्होंने कहा कि हमारा जीवन बिना यात्रादिनचर्या और मनोरंजन रहित हो गया है।
उन्होंने कहा कि सुरक्षित रहने और अपने प्रियजनों को सुरक्षित रखने की संतुष्टि है। उन्होंने कहा कि अगर यह वायरस 20 साल पहले आता तो मानवीय अस्तित्व को बहुत ज्यादा खतरा हो सकता था। मुख्यमंत्री ने कहाइसलिए मैं आप सभी को विश्व भर में हासिल किए गए अविश्वसनीय रूप से सकारात्मक सार्वजनिक स्वास्थ्य परिणामों के लिए बधाई देता हूं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन उपायों के प्रतिकूल मानवसामाजिकराजकोषीय और आर्थिक प्रभाव हर दिन सामने आए हैं। अन्य सभी सरकारों की तरह हमने इन्हें कम करने की पूरी कोशिश की। हमने हरियाणा में किसी को भूखा नहीं सोने दिया और कोरोना वायरस के प्रसार को रोककर रखा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाऊन अवधि में हमने कई शासन-सुधारों को शुरू कर उनका प्रभावी ढंग से उपयोग किया है। उन्होंने बताया कि मार्च से मई तक हमने 3 नए विभाग बनाए जिनमें एमएसएमईहाऊसिंग फोर ऑल और सिटीजन रिसोर्स इन्फोरमेशन शामिल हैं। इसके अलावाहमारी सरकार ने ज्यादा कीमती भूमि की चिंता को दूर करने के लिए लीज के आधार पर विनिर्माण इकाइयों के लिए भूमि आवंटन का एक नया निवेशक अनुकूल तत्व जोड़ा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने हमारे सकल घरेलू उत्पाद के 10 प्रतिशत के बराबर आर्थिक प्रोत्साहन की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि हम वृद्धिशील सुधारों को नहीं देख रहे हैं बल्कि एक क्वांटम-लीप लगा रहे हैं। उन्होंने इस पैकेज के भूमिश्रमतरलता और कानून समेत चार पहलुओं को रखा। उन्होंने आश्वासन दिया कि इन पहलुओं में से प्रत्येक पर हरियाणा आने वाले दिनोंहफ्तों और महीनों में भारत के सभी राज्यों में सबसे आगे रहेगा।
इस अवसर पर कान्फ्रैंस के प्रतिभागियों ने हरियाणा सरकार और उसके अधिकारियों द्वारा राज्य में विशेष रूप से गुरुग्राम और फरीदाबाद में कोविड-19 की स्थिति के प्रबंधन में किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने हरियाणा में अपने आगे के निवेश के लिए अपने प्रोजेक्ट प्रस्तावों और विचारों को साझा किया।
मुख्यमंत्री ने एचएसआईआईडीसी के एमडी श्री अनुराग अग्रवाल को वच्र्युवल-वेब-डेस्क के माध्यम से उक्त कंपनियों से व्यक्तिगत तौर पर नियमित रूप से आगे की कार्रवाई के लिए संपर्क बनाए रखने की जिम्मेवारी सौंपी। उन्होंने सुश्री निशा बिस्वाल को संयुक्त राज्य अमेरिका भारत व्यापार परिषद (यूएसआईबीसी)’ की ओर से किसी व्यक्ति को नियुक्त करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि आज की चर्चा के परिणामस्वरूप हरियाणा में आने वाले सभी निवेशों को हरियाणा सरकार द्वारा सुविधा प्रदान की जाएगी।
       यूएसआईबीसी की चेयरपर्सन सुश्री निशा बिस्वाल ने कहा कि कोविड-19 के बाद दुनिया भर में अपने उत्पादन में विविधता लाने की इच्छुक अमेरिकी कंपनियों के विनिर्माण अड्डों की स्थापना के लिए हरियाणा सबसे उपयुक्त है।
इस अवसर पर बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव और एचएसआईआईडीसी के अध्यक्ष श्री राजेश खुल्लरउद्योग विभाग के प्रमुख सचिव उद्योग श्री ए.के. सिंह और प्रबंध निदेशक एचएसआईआईडीसी श्री अनुराग अग्रवाल शामिल थे।
वीडियो कॉन्फ्रेंस में बोइंग के सलिल गुप्तेमहेश पलासीकरजीई मैन्युफैक्चरिंगप्रेसिडेंट और सीईओ साउथ एशियानितिन एट्रोलीकेपीएमजी (सलाहकार) आधिकारिक प्रबंध भागीदारनिवृति रायकंट्री हेडइंटेल इंडियाविवेक वशिष्ठलीड ऑपरेशंस आईबीएम ग्लोबल प्रोसेस सर्विसेजनीलिमा द्विवेदीमाइक्रोसॉफ्ट कॉर्पोरेशन ग्रुप हेडएड्रियन क्रिएगमैनट्रॉय कॉर्पोरेशननिदेशकउत्पाद पंजीकरणमीनाक्षीस्ट्राइकरउपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशकअश्मिता सेठी यूटीसी इंडिया प्राइवेट लिमिटेडअध्यक्ष और देश प्रमुखअनाम शर्माकोका-कोला इंडिया प्राइवेट लिमिटेडसौरभ सिंहनोकिया सॉल्यूशंस एंड नेटवक्र्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेडराकेश स्वामीजीई हेल्थकेयरसीनियर डायरेक्टरआनंद विजय झावॉलमार्टउपाध्यक्ष और प्रमुख-सार्वजनिक नीति और संचाररविंदर डांग महाप्रबंधकबैक्सटर इंडियाश्रीनाथ वेंकटेशअध्यक्षडेनहरभारतमीनाक्षी नेवतियास्ट्राइकर वीपी और एमडीपंकज भारद्वाज एवरी डेनिसन (विनिर्माण) वीपी एंड जनरल मैनेजरपलाश रॉय चौधरी स्मार्टई (ई-वाहन) के अध्यक्ष और एमडी शामिल हुए।
क्रमांक-2020



चंडीगढ़, 20 मई- हरियाणा के उप-मुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के बावजूद सरकार द्वारा सरसों व गेहूं की खरीद प्रक्रिया की व्यवस्थित तरीके से की जा रही मॉनिटरिंग तथा निगरानी के फलस्वरूप ही कल तक 71 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूँ तथा 7.58 लाख मीट्रिक टन सरसों की रिकॉर्ड खरीद संभव हो सकी है। इसके अलावा, 4,422 मीट्रिक टन से अधिक चने की खरीद की जा चुकी है तथा किसानों के भुगतान के लिए पूल अकाउंट के माध्यम से 7500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की जा चुकी है।
        उप-मुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटालाजिनके पास खाद्यनागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग का कार्यभार भी हैने कहा कि विपक्षी पार्टियों के कुछ नेताओं को लॉकडाउन के बावजूद सुचारू रूप से चल रही खरीद प्रक्रिया हजम नहीं हो रही और वे किसानों को गुमराह करने के लिए मीडिया में तरह-तरह की ब्यानबाजी कर रहे हैंजबकि वास्तविकता यह है कि किसान को उसकी गेहूं की फसल की खरीद का भुगतान तथा आढ़ती को उसकी ढ़ाई प्रतिशत आढ़त का भुगतान साथ-साथ होइसके लिए 22,000 करोड़ रूपये का कैश क्रेडिट का प्रबंध पहले ही किया जा चुका है।
        श्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि ज्यों-ज्यों मंडियों से खरीद की गई गेहूं का उठान गोदामों के लिए होता है त्यों-त्यों किसानों व आढ़तियों दोनों का भुगतान उठान के तीसरे या चौथे दिन हो जाता है। उन्होंने कहा कि कृषि लागत एवं मूल्य आयोग की सिफारिशों पर केन्द्र सरकार की गेहूंचनाजौंधानज्वारबाजरा तथा मक्का जैसे खाद्यान्नों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन में हरियाणा देश का एक प्रमुख राज्य है।
         उप मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पर दी गई जानकारी के अनुसार कितनी भी ऊपज ला सकता हैइसके लिए कोई पाबंदी नहीं है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में हमेशा से ही गेहूं की खरीद मुख्य रूप से चार सरकारी खरीद एजेंसियों नामत: खाद्यनागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभागहैफेडहरियाणा भाण्डागार निगम तथा केन्द्रीय एजेंसी भारतीय खाद्य निगम द्वारा की जाती है जिसमें खाद्यनागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा 25 प्रतिशतहैफेड द्वारा 45 प्रतिशतहरियाणा भाण्डागार निगम द्वारा 18 प्रतिशत तथा भारतीय खाद्य निगम द्वारा 12 प्रतिशत की खरीद की जाती है।
        श्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि गेहूं के लिए इस बार मंडियों की संख्या जो आरंभ में 389 थीइसमें 1507 नए अतिरिक्त केन्द्र जोडक़र 1895 किया गयाजबकि सरसों के लिए इसे 71 मंडियों से बढ़ाकर 112 नए खरीद केन्द्र जोडक़र 182 किया गया। इसी प्रकारचने के लिए भी 30 मंडियां या खरीद केन्द्र स्थापित किए गए। उन्होंने बताया कि गेहूं की खरीद 1925 रुपये प्रति क्विंटलसरसों की 4425 रुपये प्रति क्विंटल तथा चने की 4875 रुपये प्रति क्विंटल की न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ खरीद की जा रही है।
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चंडीगढ़, 20 मई- हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री जय प्रकाश दलाल ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण लगे लॉकडाउन को ध्यान में रखते हुएभावांतर भरपाई योजना के अंतर्गत फसल पंजीकरण की अंतिम तारीख 31 मार्च से बढ़ाकर 31 मई, 2020 कर दी गई हैजिससे किसान इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।  उन्होंने कहा कि बागवानी विभाग द्वारा पंजीकरण के लिए विशेष अभियान चलाकर किसानों को जागरूक किया जा रहा हैताकि किसान स्वयं सर्वे सेवा केंद्रई-दिशा केंद्रमार्केटिंग बोर्डबागवानी विभागकृषि विभाग और इन्टरनेट कियोस्क के माध्यम से मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल fasalhry.in के माध्यम से पंजीकरण करवा सकें।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी मार्किट कमेटियों को दिशानिर्देश जारी कर दिए गए हैं कि किसानों की सब्जियों के उत्पाद का विपणन सुनिििश्चत करें। इस दौरान अगर सब्जियों के भाव सरकार द्वारा निर्धारित संरक्षित मूल्य से कम रहते हैं तो सरकार द्वारा भावांतर की भरपाई की जाएगी।
कृषि मंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान लॉकडाउन की वजह से सब्जियों की खपत में कमी आई है। उन्होंने कहा कि किसानों की मदद के लिए डायरेक्ट मार्किटिंग की ओर से प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि लगभग 110 किसानों को उत्पादक संघों के माध्यम से सीधा विपणन करने के लिए लाइसेंस जारी करवाया गया है ताकि वे हरियाणा के विभिन्न शहरों में जाकर लगभग 8 हजार क्विंटल प्रतिदिन का सीधे उपभोक्ता तक विक्रय कर सकेंगेजिससे किसानों को सीधा लाभ पहुंचेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा यह भी प्रयास किया जा रहा है कि हरियाणा के किसानों की सब्जियों को दिल्ली की आजादपुर मंडी में बिना रूकावट के भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि 5 बॉर्डर -मार्गों द्वारा प्रतिदिन लगभग 150 वाहनों के माध्यम से सब्जी उत्पाद का यातायात किया जा रहा है जोकि किसी भी अन्य राज्य से कई गुणा ज्यादा है। इससे बिक्री में मदद होगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा लगभग 3 लाख 70 हजार हैक्टेयर क्षेत्रफल में सालाना सब्जी का उत्पादन करता है। जिसमें से लगभग 50 प्रतिशत रबी व जायज सीजन के दौरान सब्जियों का उत्पादन होता है। इस समय मुख्यत: टमाटरशिमला मिर्चघियातौरीकरेलाखीरामिर्चभिंडी  इत्यादि का उत्पादन हो रहा है।
उन्होंने कहा कि किसानों को किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े। इसके लिए वे अपने जिला स्तर के जिला उद्यान अधिकारी व सब्जी मंडी में जिला विपणन प्रवर्तन अधिकारीमार्किटिंक बोर्ड से सम्पर्क कर सकते हैं।

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