Sunday, May 31, 2020

विश्व में धूम्रपान एवं तम्बाकू सेवन से प्रतिवर्ष लगभग 50 लाख लोगों की मृत्यु होती है: डॉ ब्रह्मदीप सिंह

पलवल(Abtaknews.com)31मई,2020:विश्व धूम्रपान निषेद्ध दिवस के अवसर पर डॉ ब्रह्मदीप सिंह ने बताया कि धूम्रपान में चार हजार से अधिक रसायन होते हैं और कैंसर पैदा करने के लिए 60 रसायन ही काफी हैं। विश्व में धूम्रपान एवं तम्बाकू सेवन से प्रतिवर्ष लगभग 50 लाख लोगों की मृत्यु होती है। प्रत्येक 8 सेकंड में एक मौत तम्बाकू के सेवन व उसके कुप्रभावों के कारण होती है। भारत में प्रतिदिन करीब 2000 से 2500 लोगों की मृत्यु तम्बाकू सम्बन्धित कारणों से होती है।
सिविल सर्जन ने बताया कि 15 वर्ष से अधिक उम्र के 40 से 60 प्रतिशत पुरुष, 2 से 15 प्रतिशत शहरी महिलाएं और 20 से 50 प्रतिशत ग्रामीण महिलाएं तंबाकू का सेवन करते हैं। कैंसर से होने वाली 30 प्रतिशत मौतें सिगरेट व बीड़ी के सेवन से होती हैं। धूम्रपान सेवन से प्रजनन क्षमता एवं गुणवत्ता पर भी असर पड़ता है। आज धूम्रपान के कारण करीब 70 लाख लोग सांस की बीमारियों से पीडि़त हैं। महिलाओं और बच्चों में बढ़ती हुई धूम्रपान की लत काफी चिन्ता का विषय है। उन्होनें बताया कि तंबाकू सेवन से बढती बीमारियों के दृष्टिïगत हर दिन तम्बाकू निषेध दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए। ताकि लोग तंबाकू के सेवन से बचे और स्वस्थ रहें।
तंबाकू से सम्भावित बीमारियां
तंबाकू के सेवन से मनुष्य के शरीर में कई प्रकार की बीमारियां घर कर लेती हैं जिनमें मुख्यत: एलर्जी, दमा, सांस की बीमारी, खाज-खुजली व निकोटिन से होने वाली बीमारियां भी शामिल हैं। इसमें कैंसर, हार्ट अटैक, सीने में दर्द, ब्लड प्रेशर, स्ट्रोक, मस्तिष्क आघात, पेट की बीमारी एसीडीटी आदि भी शामिल हैं।
डा. ब्रह्मïदीप सिंह ने बताया कि अधिकांश धूम्रपान करने वालों का कहना है कि वे इस लत को छोडना चाहते हैं, लेकिन वे इसे छोड नहीं पाते। क्योंकि उनका मानना है कि धूम्रपान उनको तनाव और चिंता से राहत देता है। यह हमारे समाज में एक आम धारणा है कि धूम्रपान आपको तनावमुक्त करने में मदद करता है। लेकिन धूम्रपान वास्तव में चिंता और तनाव को बढ़ाता है। धूम्रपान न करने वालों की तुलना में धूम्रपान करने वालों में अवसाद और अन्य मानसिक बीमारी ज्यादा पाई जाती है।
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डा. ब्रह्मïदीप सिंह ने बताया कि धूम्रपान मस्तिष्क में कुछ रसायनों के साथ हस्तक्षेप करता है। जब धूम्रपान करने वालों के पास थोड़ी देर के लिए सिगरेट नहीं होती है, तो धूम्रपान करने वाले चिड़चिड़े और चिंतित हो जाते है। लेकिन जब वे सिगरेट पी लते हैं तो उनको कुछ समय के लिए चिड़चिड़ापन और चिंता से अस्थायी रूप से छुटकारा मिल जाता है। इसलिए धूम्रपान करने वाले मूड और चिंता को धूम्रपान से जोड़ते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है कि धूम्रपान की मदद से हम  मानसिक तनाव को दूर कर सकते है। मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ के अनुसार अधिक धूम्रपान अवसाद और चिंता से पीडि़त लोगो के जीवन को 10 से अधिक वर्षों तक छोटा कर सकते हैं। हरियाणा में धूम्रपान करने वाले हुक्का को अपनी पहली पसंद मानते है और ज्यादातर हरियाणवी मानते हैं कि हुक्का आतिथ्य सत्कार के लिए जरूर होना चाहिए तथा अक्सर अन्य धूम्रपान की तुलना में  हुक्का को सुरक्षित होने का दावा भी करते है। यहां तक कि गांव मे हुक्का को गैस्ट्रिक समस्या से छुटकारा पाने के लिए एक दवा माना जाता है, लेकिन इस दावे का तो कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। लेकिन हुक्का से कोविड-19 के संक्रमण के फैलाव सहित कई अन्य संचारी रोग जैसे हेपेटाइटिस, तपेदिक, मुंह में कैंसर और मेनिनजाइटिस फैल सकते हैं। डा. सिंह ने बताया कि धूम्रपान करने वालों मे कोविड-19 का संक्रमण फैलने  की अधिक संभावना है क्योंकि धूम्रपान के लिए उंगलियां (संभवत: दूषित सिगरेट) होंठों के संपर्क में लाई जाती है जो हाथ से मुंह तक वायरस के संचरण की संभावना को बढ़ाता है। धूम्रपान करने वालों को पहले से ही फेफड़े की बीमारी हो सकती है या फेफड़ों की क्षमता कम हो सकती है, जिससे गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ जाता हैं। सिविल सर्जन ने सफलतापूर्वक और स्थायी रूप से धूम्रपान छोडऩे के लिए टिप्स बताए। उन्होंने बताया की लोग सबसे पहले धूम्रपान को छोडऩे के फायदों के बारे में सोचें बेहतर शारीरिक स्वास्थ्य, ताजा सांस, बेहतर एकाग्रता और धनराशि की बचत तथा तनाव से निपटने के लिए वैकल्पिक तरीके खोजें। शराब और सिगरेट का इस्तेमाल आमतौर पर तनाव से निपटने के लिए किया जाता है, लेकिन अन्य स्वास्थ्यवर्धक तरीके भी हैं जैसे नियमित व्यायाम करना, संतुलित आहार खाना, ध्यान व दोस्तों और परिवार से बात करना, तनावपूर्ण घटनाओं या परिस्थितियों का सामना करना, तनाव के स्रोतों की पहचान करना आदि इससे निपटने के रास्ते पर  कदम बढ़ाएं। इसके साथ-साथ सरकारी अस्पताल पलवल में मनोवैज्ञानिक परामर्श की सहयता भी आप ले सकते है। धूम्रपान छोडऩे की कोशिश कर रहे लोगों की मदद करने के लिए टॉकिंग थेरेपी उपलब्ध है जहां संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी (सीबीटी) के द्वारा व्यवहार को बदलने में मदद की जाती है। अपने सभी धूम्रपान ट्रिगर से बचने में सक्षम नहीं होंगे और यह सीखते हुए कि सिगरेट की क्रेविंग का प्रबंधन कैसे किया जाता है। इसलिए जब एक लालसा शुरू होती है, तो उस धुएं को पीटने की योजना बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। क्रेविंग आमतौर पर 5 से 10 मिनट तक रहती है। यह असुविधाजनक हो सकता है, लेकिन इसे बाहर इंतजार कराने की कोशिश करें। उन चीजों की एक सूची बनाएं जिन्हें आप लालसा को प्रबंधित करने के लिए कर सकते हैं। यहां कुछ करने की कोशिश कर रहे हैं। धूम्रपान छोडऩे के स्वास्थ्य लाभ आपके शरीर के अधिकांश प्रमुख भागों जैसे मस्तिष्क से आपके डीएनए में मदद कर सकते हैं।
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कोरोना से बचाव के लिए पलवल-होडल-हथीन के बाजारों को बंद करके किया गया सेनेटाइज
पलवल, 31 मई।पलवल व होडल शहरों में बीते सप्ताह के दौरान आए कोविड-19 संक्रमण के मामलों के दृष्टिगत कोरोना वायरस से बचाव के लिए  रविवार को जिला के शहरी क्षेत्र नामत: पलवल, होडल व हथीन में बाजारों को सेनेटाइज किया गया।
उल्लेखनीय है कि जिलाधीश एवं उपायुक्त नरेश नरवाल ने दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 144 व आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 2, 30 व 34 में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए इस संदर्भ में आदेश जारी किए थे। इन आदेशों के तहत शनिवार को होडल, हथीन व पलवल के बाजारों में रविवार के दिन बाजारों को बंद करके सैनेटाइज करने के लिए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग एवं नगर परिषद सहित की टीम ने व्यापक मुनादी की गई। पलवल व होडल नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी तथा सचिव नगर पालिका हथीन फायर टेंडर्स के माध्यम से अपने-अपने क्षेत्र को पूर्णतया सेनेटाइज किया गया। जिला के सभी नागरिकों ने भी रविवार के दिन घरों में रहकर सोशल डिस्टेंश का पालन कर कोरोना के फलाव से बचाव के नियमों का पालन किया।
नगर परिषद पलवल के कार्यकारी अधिकारी हरदीप सिंह ने बताया कि रविवार के दिन होडल, हथीन व पलवल के बाजारों की दुकानों व प्रतिष्ठïानों को पूर्णतय सेनेटाइज किया गया। होडल की सब्जीमंडी, अनाज मंडी, कालीमूर्ति बाजार, सफेदमूर्ति बाजार, हसनपुर चौक, पुन्हाना चौक, बामरी मोड, दशहरा ग्राउंड एवं हथीन के सभी मुख्य बाजारों में और पलवल की हाउसिंग बोर्ड मार्किट, माल गोदाम रोड, अलावलपुर चौक, रसूलपुर चौक, अनाज मंडी, सब्जी मंडी, मैन बाजार, गुप्तागंज बाजार, खटीकवाडा मौहल्ला, जैंदीपुरा व लाइनपुरा मौहल्ल, अहिरिया चौपाल, पीरबाबा से मंडी चौक, दया बस्ती के नजदीक, मीनारगेट, रेलवे रोड, कैंप कॉलोनी, न्यू कॉलोनी, सेक्टर-2, बस अड्डïा, हथीन रोड, पुराना जी.टी. रोड व राष्टï्रीय राजमार्ग के नजदीक स्थित दुकानों आदि सभी बाजारों को फायर ब्रिगेड, ट्रैक्टरों व नगर परिषद के कर्मचारियों द्वारा नेप सेक मशीनों से सेनेटाइज किया गया।
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पलवल, 31 मई।सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप ने कहा कि जिला में कोरोना पॉजीटिव केस 59 से बढकर 69 हो चुके हैं। जिनमें से 44 लोग ठीक होकर घर जा चुके है। कुल 31 लोग कोविड अस्पताल में उपचाराधीन है। जिला में सर्विलांस पर 6097 लोग आ चुके है, जिनमें से 2502 लोगों की 28 दिन की सर्विलांस अवधि पूर्ण हो चुकी है। जिला में 94 सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार है। जिला के 5725 सैंपल्स में से 5562 की रिपोर्ट नेगेटिव है। उन्होंने बताया कि हमारे पास लगातार दूसरे प्रेदेशों से काफी लोग आ रहे है। लगातार उनकी स्क्रीनिंग जारी है और हमारे नागरिक अस्पताल में दुकानदरों व गर्भवती महिलाओं व आपातकालीन में आने वाली सभी मरीजों की जांच की जा रही है।
उन्होंने लोगों से आह्वïान किया है कि नागरिक कही पर भी भीड़ देखे तो जिम्मेदार नागरिक होने के नाते एक दूसरे को सोशल डिस्टेंसिंग के प्रति जागरूक करें। उन्होंने लोगो से अपील की है कि कोरोना के खिलाफ जंग में स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन का साथ देंगे तो हम जल्द ही इस जंग को जीत पाएंगे। उन्होंने लोगों से कहा है कि जब तक जरुरी न हो तब तक घर से न निकले और सामाजिक दूरी बनाए रखें तथा मास्क पहनकर ही घर से निकले। किसी को भी अपने आस-पास संदिग्ध मरीज की जानकारी मिले तो वे तुरंत हेल्पलाइन नंबर- 1950, 100, 108 पर जानकारी दे। उन्होंने सभी दुकानदारो व नागरिकों से अपील की है कि सभी घर से मास्क पहनकर निकले और बार-बार अपने हाथों को 20 सेकंड तक साबुन से धोए व सैनिटायज करें। उन्होंने बताया कि अपने मोबाइल में आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करे ताकि अपने आस-पास के संदिग्ध मरीजों की सूचना प्राप्त होती रहे। उन्होंने दुकानदारों से आह्वïान किया है कि वे अपनी दुकानो में ग्राहकों  की भीड़ ना लगाए। सभी के लिए सोशल डिस्टन्सिंग का पालन करवाना सुनिश्चित करें।
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प्रैस निमंत्रण
माननीय उपायुक्त श्री नरेश नरवाल कल दिनांक 01 जून 2020 को दोपहर 01 बजे पलवल के लघु सचिवालय के द्वितील तल पर स्थित सभागार में संवाददाताओं को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर आप सभी संवाददाता, छायाकार, प्रिंट व इलैक्ट्रोनिक मीडियाकर्मी सादर आमंत्रित है

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