Saturday, May 16, 2020

हरियाणा में आज 3 विशेष रेलगाडिय़ों से 4400 से ज्यादा प्रवासी श्रमिकों को भेजा गया है बिहार

चंडीगढ़(Abtaknews.com)16मई, 2020: हरियाणा से अपने घर जाने के इच्छुक प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्यों को भेजा जाना निरंतर जारी है। इसी कड़ी मेंआज 3 विशेष रेलगाडिय़ों से 4400 से ज्यादा श्रमिकों को बिहार के बरौनीगया और दरभंगा भेजा गया है।
पानीपत से दो ट्रेनें 2840 श्रमिकों को लेकर गई बिहार के बरौनी व गया
        पानीपत रेलवे स्टेशन से बरौनी के लिए 1440 और गया (बिहार) के लिए 1400 श्रमिकों को रवाना किया गया। श्रमिकों के लिए भोजनपानी इत्यादि की पर्याप्त व्यवस्था भी की गई थी ताकि इन्हें रास्ते में कोई परेशानी न हो। उन्होंने इस कार्य के लिए जी जान से जुटे सभी अधिकारियों और समाजसेवी संस्थाओं का भी धन्यवाद किया। जिले के प्रशासनिक अधिकारियों ने श्रमिकों से बातचीत कर उनसे मास्क पहनने और शारीरिक दूरी का ख्याल रखते हुए साफ-सफाई का भी ध्यान रखने की अपील की। जब इन मजदूरों से बात की गई तो वे जिला प्रशासन द्वारा किए गए प्रबंधों से संतुष्ट नजर आए।
        पटना जाने वाले 28 वर्षीय श्रमिक रंजीत शाह और इलाहबाद जाने वाली सीता कुमारी ने अपनी घर वापसी पर खुशी का इजहार करते हुए राज्य सरकार और स्थानीय अधिकारियों का धन्यवाद किया। वहीं भोजपुर जाने वाले संजीव भी अपनी पत्नी संध्या सहित इस ट्रेन में सवार थे। उनका कहना था कि उनकी शादी को करीब एक साल हो गया हैवे अपने घर जाना चाहते थे लेकिन लॉकडाउन में फंस गए। अब सरकार ने ट्रेन की व्यवस्था कर उनके घर जाने का इंतजाम किया हैजिससे उन्हें बहुत खुशी हुई।
गुरुग्राम से 1424 श्रमिकों को भेजा दरभंगा (बिहार)
        आज गुरुग्राम रेलवे स्टेशन से बिहार के दरभंगा के लिए स्पेशल श्रमिक ट्रेन में 1424 प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्य के लिए रवाना किया गया। यहां से अब तक 6 स्पेशल ट्रेनों के माध्यम से 8500 से ज्यादा प्रवासी श्रमिकों को अलग-अलग राज्यों में उनके गंतव्य स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। आज रेलवे स्टेशन पर श्रमिकों के प्रवेश से पूर्व थर्मल स्कैनिंग से उनके स्वास्थ्य की जांच की गई और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ-साथ यह सुनिश्चित किया गया कि सभी श्रमिकों ने फेस मास्क पहने हों।
        प्रवासी श्रमिक अपने परिजनों से मिलने को लेकर खासे उत्साहित थे और उनके चेहरों पर संतुष्टि का भाव दिखाई दे रहा था। जिला प्रशासन द्वारा उन्हें सुरक्षा कवच के रूप में मास्कपानी की बोतल व बिस्कुट के पैकट देकर रवाना किया गया। उन्हें ट्रेन की टिकट नि:शुल्क उपलब्ध करवाई गई थी। श्रमिकों ने तालियां बजाकर हरियाणा सरकार और गुरुग्राम प्रशासन का आभार व्यक्त किया। रेलवे स्टेशन पर अक्षर फाउंडेशन द्वारा भी प्रवासी श्रमिकों के लिए एक हजार फूड पैकेट तैयार करवाए गए थे जिसमें यात्रियों के लिये दहीरोटीसब्जी व पानी की बोतलें थीं।
यात्रियों ने कुछ इस प्रकार से व्यक्त किए अपने भाव
ट्रेन में सीतामढ़ी जा रहे आशुतोष का कहना था कि वे सुखद अनुभूति के साथ अपने घर जा रहे हैं। गुरुग्राम में उन्हें रोजगार के साथ-साथ यहां के लोगों का प्यार भी मिला हैजिसे वे कभी नहीं भुला पांएगे। मुश्किल की घड़ी में सरकार ने उनके खान-पान से लेकर रहने तक का इंतजाम कियाजिसे वे हमेशा याद रखेंगे। आशुतोष ने कहा कि गुरुग्राम ने मुझे बहुत कुछ दिया हैहालात सुधरने का इंतजार करूंगा और लौटकर आऊँगा
क्रमांक-2020



चंडीगढ़, 16 मई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने 20 लाख करोड़ रुपये के विशेष आर्थिक पैकेज में छोटे दुकानदारोंकृषिकिसानोंमंडियों में बुनियादे ढ़ांचों में सुधारमजदूरों तथा हर किसी के लिए छत मुहैया कराने के लिए शामिल की गई योजनाओं के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का विशेष आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में अलग से हाऊसिंग फॉर ऑल’ विभाग का गठन किया है और इसके अलावा, ‘रेंटल हाऊसिंग स्कीम’ भी आरंभ करने की भी योजना है।
        मुख्यमंत्री आज हरियाणा आज कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेशवासियों को संबोधित कर रहे थे।
        वैश्विक महामारी कोरोना के संकट के समय केंद्र सरकार द्वारा राज्यों के लिए मेगा आर्थिक पैकेज की घोषणा करने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे हरियाणा में एमएसएमई को अवश्य ही  लाभ होगा और प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया’ के विजऩ को आगे बढ़ाने में बल मिलेगाइससे एमएसएमई की स्वायत्तता बढ़ेगी और निर्यात के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि इस दिशा में हरियाणा पहले ही कदम बढ़ा चुका है। हरियाणा के वर्ष 2020-21 के बजट में पहले से ही 4 एस- शिक्षास्वास्थ्यसुरक्षा और स्वावलंबन पर ध्यान केंद्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में उद्योग के अनुरूप 22 विशेष कलस्टर स्थापित करने की योजना तैयार की जा रही है।
        मुख्यमंत्री ने सब्जीबागवानी व अन्य फसलों के लिए हरियाणा की 3 वर्ष पहले लागू की गई भावांतर भरपाई योजना’ को इस विशेष पैकेज में शामिल करने तथा इसे पूरे देश में  लागू करने का सुझाव देने के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि योजना के तहत हरियाणा में पहले से 500 एफपीओ गठित किए जा चुके हैं और इनकी संख्या 1500 तक बढ़ाई जाएगीताकि किसान फसलों की बिक्री आसानी से कर सकें। उन्होंने कहा कि सीधे खेत से ही किसान अपनी उपज बेच सकेइसके लिए भी हरियाणा ने योजना बनाई है।
        उन्होंने यह भी कहा कि लॉकडाउन के बाद हर तरह की औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियां पुन: सुचालित करने के लिए केंद्र सरकार ने हर क्षेत्र के लिए आर्थिक पैकेज की घोषणा की है और हरियाणा तो पहले ही कोरोना की इस लड़ाई में बेहतर कदम उठा रहा है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के कारण उद्योग बंद होने के चलते कई श्रमिकों के रोजगार भी बंद हुए हैं और ऐसे श्रमिकों का कौशल का उपयोग होइसके लिए अलग से एक योजना बनाई जा रही है और इनको प्रशिक्षण दिलाया जाएगा ताकि इनका नई व्यवस्था के अनुरूप आवश्यकतानुसार अपने कार्यक्षेत्र में बदलाव ला सकें। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था को पुन: पटरी पर लाना हम सबकी प्राथमिकता है।
        मुख्यमंत्री ने आर्थिक पैकेज में मंडियों के सुदृढ़ीकरण में फसलों को सुखाने के लिए ड्रायर की व्यवस्था करने के प्रावधान करने के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अब मंडियों में रबी फसलों की खरीद जोरों पर है तथा लॉकडाउन के बाद भी सरकार ने समुचित प्रबंध किए हैं। उन्होंने कहा कि कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्रों के विस्तार के लिए भी नई योजनाएं शामिल की गई हैं। उन्होंने कहा कि किसान के्रडिट कार्ड की तर्ज पर मत्स्य पालन व पशुपालन के लिए भी क्रेडिट कार्ड योजना लागू की जाएगी जो स्वागत योग्य हैइसके लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना बनाई है। इसके तहत 20 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में लवणीय व क्षारीय जमीन पर मत्सय पालन की संभावना अधिक है और इस योजना से हरियाणा के किसानों को 400 से 500 करोड़ रुपए तक का लाभ मिल सकता है।
        उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के इस संकट के समय का हमे सदुपयोग करने का संकल्प लेना चाहिएक्योंकि किसी को मालूम नहीं कि यह संकट कितने लंबे समय तक चल सकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए हर किसी को अपनी जीवनशैली में बदलाव करना होगा और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सारे काम करने होंगे। केंद्र सरकार द्वारा भी सरकारी व्यवस्थाओं में बदलाव किया जा रहा है।
        मुख्यमंत्री ने कोरोना वायरस से लडऩे की अपनी प्रतिबद्धता पुन: दोहराते हुए कहा कि कोरोना को हम हराएंगे और भारत से भगाएंगे।

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