Sunday, May 17, 2020

पलवल में 2.24 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद, 155.60 करोड़ रुपए का भुगतान :डीसी नरेश नरवाल

पलवल(Abtaknews.com)17 मई। पलवल जिला में जारी वर्तमान खरीद सीजन के दौरान मंडी व अतिरिक्त खरीद केंद्रों पर गेहूं की खरीद सुचारू ढंग से की जा रही है। कोविड-19 वैश्विक महामारी से बचाव के लिए आवश्यक इंतजामों व सोशल डिस्टेंस की पालना करते हुए जिला के सभी फसल खरीद केंद्रों पर अब तक 17081 किसानों से दो लाख 24 हजार 176 मीट्रिक टन गेहूं की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की जा चुकी है। साथ ही किसानों व आढ़तियों को होने वाले भुगतान की निरंतर समीक्षा भी की जा रही है ताकि किसानों को फसल का मूल्य समय पर प्राप्त होने में असुविधा न हो।
उपायुक्त नरेश नरवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला में पलवल व हथीन में सरसों की खरीद के लिए केंद्र बनाए गए थे। इन खरीद केंद्रों के माध्यम से जिला के 1311 किसानों की 3141 मीट्रिक टन सरसों की खरीद हो चुकी है। वहीं गेहूं के लिए भी मुख्य खरीद केंद्रों के साथ-साथ सोशल डिस्टेंस की पालना करने के लिए अतिरिक्त खरीद केंद्र भी बनाए गए थे। इन खरीद केंद्रों पर 20 अप्रैल से खरीद जारी है और रविवार को छोडक़र सप्ताह के अन्य दिनों में निरंतर मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकृत किसानों को उपज की बिक्री के लिए मैसेज भेजे गए। जिसके चलते जिला में शनिवार तक 17081 किसानों से 224176 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। जबकि किसानों को भुगतान आवश्यक प्रक्रिया के अनुसार निरंतर जारी है।
उन्होंने बताया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों की उपज की खरीद के लिए सरकार द्वारा चार एजेंसी क्रमश: हैफेड, हरियाणा वेयरहाऊस कार्पोरेशन, खाद्य एवं नागरिक आपूॢत विभाग हरियाणा तथा भारतीय खाद्य निगम निर्धारित की गई थी। सभी एजेंसियां खरीद केंद्रों पर नियमित रूप से किसानों की उपज की खरीद व केंद्र से गोदाम तक उठान का कार्य सुचारू ढंग से कर रही है। साथ ही किसानों व आढ़तियों को होने वाले भुगतान की दैनिक आधार पर रिपोर्ट प्राप्त की जा रही है। सभी चार एजेंसियां अपने शेड्यूल के अनुसार जिला में आढ़तियों व किसानों को 155.60 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान कर चुकी है। यह राशि एक निर्धारित प्रक्रिया से होकर गुजरती है जिसके चलते मंडी के शेड्यूल के अनुसार किसानों को भुगतान भी हो रहा है। जिन किसानों को अभी तक अपनी उपज का मूल्य नहीं मिला है उनको भी शेड्यूल के अनुसार फसल का समर्थन मूल्य निर्धारित समय पर मिलेगा।
पलवल जिला में एजेंसीवार खरीद की स्थिति
एजेंसी                       खरीद                    किसान                भुगतान

हैफेड                        82548                  6319                  55 करोड़
एचडब्ल्यूसी                59426                  4368                  50 करोड़
खाद्य एवं आपूॢत विभाग 35936                  2544                  25.52 करोड़
एफसीआई                  46266                 3850                  25.08 करोड़ 
                          कुल 224176 एमटी      17081              155.60 करोड़ रुपए
(खाद्य एवं नागरिक आपूॢत विभाग ने खरीद व किसानों की संख्या शनिवार तक उपलब्ध कराई है जबकि सभी एजेंसियों के भुगतान की राशि शनिवार के स्थान पर निर्धारित शेड्यूल के अनुसार है।)
---------------------‐--------------------------------
पलवल से 129 प्रवासियों को रोडवेज की बसों में भेजा गया उत्तर प्रदेश   
पलवल, 17 मई।
 कोविड-19 वैश्विक महामारी से बचाव के लिए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान पलवल जिला से अपने घर जाने के इच्छुक प्रवासी श्रमिकों व अन्य को उनके गृह राज्यों में भेजे जाने का सिलसिला निरंतर जारी है। उपायुक्त नरेश नरवाल के मार्गदर्शन में पलवल जिला से अब 365 प्रवासी श्रमिकों व अन्य को ट्रेन, हरियाणा राज्य परिवहन विभाग की बसों व निजी वाहनों द्वारा भेजा जा चुका है। रवानगी से पहले हरियाणा में लॉकडाउन के दौरान मिली आश्रय व अन्य सुविधाओं के लिए प्रवासी राज्य सरकार व जिला प्रशासन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त कर रहे हंै और लॉकडाउन खुलने के उपरात पुन: हरियाणावापसी की इच्छा भी जाहिर कर रहे हैं।
अक्षय ऊर्जा विभाग के सहायक परियोजना अधिकारी एवं प्रवासी श्रमिकों की वापसी के लिए प्रभारी नवीन शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला प्रशासन की ओर से बीते शनिवार को भी 129 प्रवासी श्रमिकों को पांच बसों द्वारा उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर व सहारनपुर छोड़ा गया। अतिरिक्त उपायुक्त वत्सल वशिष्ठ के निर्देशानुसार महाराणा प्रताप भवन, पलवल में बने शेल्टर होम में रवानगी से पहले प्रवासी श्रमिकों की मेडिकल जांच की गई तथा यात्रा में रास्ते के लिए पीने के पानी व खाद्य सामग्री भी वितरित की गई। कोविड-19 से बचाव के लिए बसों में फेस मास्क, सुरक्षा इंतजामों व सोशल डिस्टेंस की पालना भी सुनिश्चित की गई। उन्होंने बताया कि रवानगी से पहले सभी प्रवासी श्रमिकों ने पलवल जिला से जुड़े अपने अच्छे अनुभव सांझा किए और घर वापसी की व्यवस्था के लिए जिला प्रशासन का आभार भी जताया।
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि जिला प्रशासन अतिरिक्त उपायुक्त वत्सल वशिष्ठ पलवल जिला से अब तक उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश आदि के निवासियों को भेजा जा चुका है। बीती आठ मई को भी दो बसों के माध्यम से 37 प्रवासी श्रमिकों को रोहतक भेजा गया था जहां से बिहार जाने वाली ट्रेन पकड़ कर वे सभी अपने गृह राज्य की ओर रवाना हुए। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन में अन्य राज्यों से पलवल जिला के 76 निवासी भी यहां पहुंचे हैं। बाहर से आने वालों को जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य जांच के लिए बनाए गए क्वारंटाइन सेंटर्स में रखा जाता है। सिविल सर्जन कार्यालय द्वारा स्वास्थ्य जांच की रिपोर्ट नेगेटिव मिलने के उपरांत इन सेंटर्स से बाहर से आने वालों को डिस्चार्ज किया जाता है।  

No comments:

Post a Comment

Post Top Ad

Your Ad Spot

Pages