गुरूग्राम के पलड़ा की सरपंच मुनेश देवी ने हरियाणा राहत कोष के लिए दिए 21 करोड़ का चेक

चंडीगढ़(Abtaknews.com)12मई,2020: हरियाणा के मुख्यमंत् मनोहर लाल को आज गुरुग्राम जिला की ग्राम पंचायत पलड़ा की सरपंच मुनेश देवी ने कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए 21 करोड़ रुपये की राशि का चेक भेंट किया।इस मौके पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ग्राम पंचायत की ओर से हरियाणा कोरोना रिलीफ फण्ड के लिए दी गई राशि को एकत्रित करने के प्रयास हेतू पंचायत के लोगों की प्रशंसा करते हुए कहा कि कोविड-19 संक्रमण को रोकने के अलावा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सामाजिक संगठनों के साथ-साथ पंचायतों का भी बेहतर सहयोग मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश सरकार द्वारा कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए बेहतर कदम उठाए जा रहे हैंजिसके तहत हरियाणा के जिन जिलों में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैंवहां पर स्वास्थ्य प्रबंधों को बेहतर किया गया है। उन्होंने प्रदेशवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि जल्द ही प्रदेश कोविड-19 पर शिकंजा कसते हुए इस पर विजय पा लेगा।
जिला गुरुग्राम की ग्राम पंचायत पलड़ा की सरपंच श्रीमती मुनेश देवी ने कहा कि गांव के लोग सदैव ही संकट की घड़ी में योगदान देने में अग्रणी रहे है और गांव हमेशा सरकार के निर्णय के साथ मिलकर कदम उठाता रहा है।

--------------------------
चंडीगढ़, 12 मई- हरियाणा सरकार ने कोविड-19 महामारी के संक्रमण के मद्देनजर अपने कर्मचारियों को आधार सक्षम बायोमीट्रिक हाजिरी प्रणाली (एईबीएएस) के माध्यम से हाजिरी लगाने से दी गई छूट को अगले आदेशों तक जारी रखने का निर्णय लिया है।
        एक सरकारी प्रवक्ता ने आज इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस दौरान सभी कर्मचारी एईबीएएस शुरू होने से पहले जारी प्रथा के अनुसार हाजिरी रजिस्टरों में अपनी हाजिरी लगाएंगे। मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा राज्य सरकार के सभी प्रशासकीय सचिवोंविभागाध्यक्षोंमंडलायुक्तोंसभी बोर्डों व निगमों के प्रबन्ध निदेशकोंउपायुक्तोंउप-मंडल अधिकारियों और राज्य में सभी विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार को इस सम्बन्ध में निर्देश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि कोरोना कोविड-19 महामारी के संक्रमण की आशंका के मद्देनजर राज्य सरकार द्वारा 8 मार्च को अपने कर्मचारियों को आधार सक्षम बायोमीट्रिक हाजिरी प्रणाली (एईबीएएस) के माध्यम से हाजिरी लगाने से दी गई छूट दी गई थी।
क्रमांक-2020


चंडीगढ़, 12 मई- हरियाणा के उप मुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटाला ने नर्सिंग को मानवता की सेवा और त्याग का मिशन का नाम देने वाली फ्लोरेन्स नाइटिंगेल के जन्मदिन पर आज प्रदेश की नर्सिंग से जुड़े सभी लोगों को शुभकामनाएं एवं बधाई दी है।
        श्री दुष्यंत चौटाला ने  अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस’ के अवसर पर आज यहां जारी एक संदेश में कहा कि नर्सिंग केवल आजीविका कमाने का साधन मात्र नहीं बल्कि मानवता की सेवा का नेक कार्य भी है। उन्होंने कहा कि आज जहां नर्सिंग समुदाय एक तरफ जहां फ्लोरेन्स नाइटिंगेल की समर्पणप्रतिबद्धता और करूणा की भावना को याद कर रहा है तो वहीं दूसरी ओर नर्सिंग व अन्य स्टॉफ कोरोना की इस वैश्विक महामारी में एक योद्धा की भूमिका में उभरकर सामने आया है। संकट की इस घड़ी में यह समुदाय स्वयं के साथ-साथ अपने परिवार की चिंता किये बगैर दिन-रात कोविड-19 अस्पताल और आईसोलेटिड वाड्रस में अपनी सेवाएं दे रहा है। उनका मानव सेवा का यह जज्बा इस महामारी से लडऩे में हम सबके लिए हौसला अफजाई का काम भी कर रहा है।
        उन्होंने कहा कि मरीजों के उपचार में नर्सों की भूमिका भी अहम होती है और इसी को देखते हुए कोविड-19 अस्पताल और आईसोलेटिड वाड्रस में अपनी सेवाएं दे रही नर्सिज को भी एक डॉक्टर की तर्ज पर जीवन बीमा का लाभ दिया गया है।
क्रमांक-2020



चंडीगढ़, 12 मई- हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज ने अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस’ के अवसर पर नर्सिंग समुदाय को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नर्सिंग का पेशा मानव सेवा की बेजोड़ मिशाल है।
         ‘अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस’ के अवसर पर आज यहां जारी एक संदेश में स्वास्थ्य मंत्री ने नर्सिंग को मानव सेवा मिशन का रूप देने वाली फ्लोरेन्स नाइटिंगेल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि आज का दिन उन द्वारा मानवता की सेवा के लिए शुरू किये गए इस पावन यज्ञ की वर्तमान युग में बड़ी महत्ता है।
        श्री विज ने कहा कि युद्ध के दौरान घायल सैनिकों को फ्लोरेन्स नाइटिंगेल रात को लैम्प लेकर उनकी देखभाल के लिए जाती थी। उन्होंने कहा कि उनके आदर्श और सिद्धांत नर्सों तथा स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए हमेशा प्रेरणा स्त्रोत रहेंगे।
         स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हरियाणा में नर्सिंग सेवा को और अधिक बेहतर बनाने के लिए नर्सिंग कॉलेजों को व्यवस्थित ढ़ंग से संचालित करने का निर्णय लिया है। समाज के गरीब से गरीब तबके को विश्वस्तरीयसस्ती एवं उच्च स्तर की चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए सार्वजनिक-निजी सहभागीदारी से स्वास्थ्य तंत्र का चरणबद्ध तरीके से कायाकल्प किया जा रहा है।
        श्री विज ने कहा कि नर्सिंग समुदाय लोगों की भक्ति भाव से पूरी प्रतिबद्धता के साथ सेवा करता है। उन्होंने कोरोना महामारी की इस लड़ाई में डॉक्टर तथा स्वास्थ्य सेवा से जुड़े सभी लोग ज्यादा से ज्यादा अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और हमें उनके इस जज्बे पर नाज है।
क्रमांक-2020


चंडीगढ़
, 12 मई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस’ के अवसर पर मानवता की सेवा के नेक कार्य में लगी सभी नर्सिज को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।
        नर्सिंग दिवस के अवसर पर आज यहां जारी एक संदेश में मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि पूरी दुनिया में 12 मई को फ्लोरेन्स नाइटिंगेल के जन्मदिन को अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।  उन्होंने कहा कि नर्सिंग का प्रोफेशन मानवता की सेवा से जुड़ा एक ऐसा पेशा हैजिसमें मरीज नर्सिज को सिस्टर कहकर पुकारते हैं और उनकी कर्तव्यपरायणता और चेहरे की मुस्कान से रोगियों को बीमारी से लडऩे में ताकत मिलती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फ्लोरेन्स नाइटिंगेल ने 1854 में हुए क्रीमियन युद्ध के दौरान दुश्मन देश के भी घायल सैनिकों की जो सेवा की थीवह विश्व इतिहास में एक मिसाल है। आज पूरा विश्व एक बार फिर कोरोना महामारी से जुझ रहा है। उन्होंने कहा कि मरीजों के उपचार में जितनी एक डॉक्टर की अहमियत होती हैनर्स की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। संकट की इस घड़ी में हमारी नर्सिंग सिस्टर्स व अन्य पैरा-मेडिकल स्टॉफ ने कोरोना महामारी की लड़ाई में कोरोना योद्धा की जो भूमिका निभाई हैउनकी सेवाओं पर हमें नाज है।
क्रमांक-2020

  
चंडीगढ़, 12 मई- हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री जय प्रकाश दलाल ने प्रदेश के किसानों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हरियाणा के बहादुर किसानों ने कोरोना के इस संकट के समय में बहुत सारी दिक्कतें होने के बावजूद देश व प्रदेश के खाद्यान भण्डार भरने का काम किया है। सारा देश किसानों का ऋणी रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसान हितैषी सरकार है और सदैव किसानों के हित में कल्याणकारी योजनाएं चला रही है।
        कृषि मंत्री आज प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस संकट के समय में सबको साथ मिलकर ही आगे बढऩा है।
        विपक्षी पार्टी के नेताओं को बेवजह राजनीति न करने की सलाह देते हुए श्री जय प्रकाश दलाल ने कहा कि यह घड़ी साथ मिलकर इस महामारी से लडऩे की है न कि राजनीतिक बयानबाजी करने की। लेकिन ऐसा लगता है कि विपक्ष का एकमात्र उद्देश्य सरकार की हर कल्याणकारी नीतियों पर केवल कटाक्ष करना है।
        श्री जे पी दलाल ने कांग्रेस नेता कुमारी शैलजा व रणदीप सिंह सुरजेवाला के हाल ही में सरकार द्वारा जल संरक्षण के लिए शुरू की गई एक अनूठी योजना मेरा पानी मेरी विरासत पर दिए बयान पर जवाब देते हुए कहा कि उनकी इस प्रकार की बयानबाजी केवल उनके राजनीतिक अपरिपक्वता और संदिग्ध मंशा का परिचय देती हैं। उनके इस बयान से ऐसा प्रतीत होता है कि वर्तमान सरकार द्वारा जन हित में किए जा रहे कार्यों की प्रगति उन्हें रास नहीं आ रही हैइसीलिए वे जनता को गुमराह करने के लिए ऐसी मनगढ़ंत बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज जो किसान हितैषी होने का ढ़ोंग कर रही हैउनकी सरकार के कार्यकाल के दौरान किसानों के हित में ऐसी कोई भी योजना नहीं चलाई गई।
        कृषि मंत्री बताया कि सरकार ने एक लाख हेक्टेयर में धान के स्थान पर मक्का / कपास / बाजरा / दलहन की फसल की खेती करने के लिए नई फसल विविधिकरण योजना मेरा पानी-मेरी विरासत’ की शुरुआत की है। इस योजना के अंतर्गत  धान के स्थान पर अन्य वैकल्पिक फसलों को उगाकर विविधीकरण करने की एवज में किसानों को 7000 रुपये  प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके तहत 8 खंडों जिनमेंफतेहाबाद जिले का रतियाकैथल जिले का सिवान और गुहलाकुरुक्षेत्र जिले के पिपलीशाहबादबाबैनइस्माइलाबाद और सिरसा जिले का सिरसा खण्ड शामिल हैको चिहिन्त किया गया हैजहां भू-जल स्तर 40 मीटर से ज्यादा नीचे है।
        उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष इन 8 खण्डों में धान का कुल क्षेत्र 2 लाख 6 हजार हेक्टेयर थाइस बार 50 प्रतिशत क्षेत्र अर्थात 1 लाख 3 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलों की खेती होगी।
        उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा उच्च उत्पादकता वाले मक्का हाइब्रिड बीज की कंपनियां सूचीबद्ध की जाएंगी और किसान उनसे बीज खरीद सकेंगे। कृषि मंत्री ने बताया कि केवल उन कंपनियों को ही अनुमति दी जाएगीजिनके बीजों की उत्पादन क्षमता प्रति एकड़ में 25 क्विवंटल से अधिक होगी। इसके लिए कंपनियों द्वारा हर खण्ड में डेमोस्ट्रेशन फार्म तैयार किए जाएंगे
        इन खण्डों के अलावा अन्य खण्डों के किसान भी इस फसल विविधीकरण योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र होंगेयदि वे अपने धान के क्षेत्र पर अन्य वैकल्पिक फसलों की खेती करते हैं। ऐसे किसानों को आवेदन करना होगा और विविधकरण करने के लिए पिछले वर्ष के दौरान धान की खेती के बारे में राजस्व रिकॉर्ड का विवरण प्रस्तुत करना होगाइस शर्त के साथ कि वे किसी भी नए क्षेत्र जहाँ पहले धान नहीं उगाया जाता थामें धान नहीं उगाएंगे।
        उन्होंने बताया कि लक्षित 1 लाख हेक्टेयर भूमि में 10,000 हेक्टेयर बागवानी की फसलों की खेती के लिए आरक्षित रखा गया है। बागवानी को बढ़ावा देने के  लिए बागवानी फसलों के बीजों पर सब्सिडी दी जाएगी।
        उन्होंने बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान भी खरीद प्रक्रिया को सुचारू रुप से चलाने और किसानों को मंडियों में अपनी उपज लाने के लिए अधिक दूरी तय न करनी पड़ेइसके लिए मंडियों की संख्या बढ़ाई गई। रबी सीजन 2020 के दौरान गेहूं के लिए 1831 और सरसों के लिए 162 खरीद केंद्रों की स्थापना की गई है। अब तक 604.77 लाख क्विंटल गेहूं और 54.20 लाख क्विंटल सरसों की मंडियों में आवक हो चुकी है। सरकार किसानों की उपज का एक-एक दाना खरीदेगी। उन्होंने कहा कि यह खरीद बहुत थोड़े समय में हुई है। गेहूं की तो केवल 20 दिन में हुई हैजबकि यही विपक्षी नेता कहते थे कि गेहूं को हम तीन महीनों में भी नहीं खरीद पाएंगे।
        उन्होंने बताया कि वर्ष 2018-19 के दौरान प्रदेश में कुल खाद्यान उत्पादन 181.44 लाख मीट्रिक टन हुआजबकि वर्ष 2013-14 में यह आंकड़ा 153.54 लाख मीट्रिक टन था।
        कृषि मंत्री ने वर्तमान सरकार और पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान किसानों के हित में किए गए कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार ने किसानों के जोखिम की पूर्ति हेतू प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को खरीफ 2016 में पूरे हरियाणा प्रदेश में शुरू की गईजिसके तहत बाजराधानकपासमक्कागेंहूचनाजोंसरसों एवं सूरजमुखी फसलों को कवर किया गया है और अब तक 50.37 लाख किसानों को इस योजना के तहत पंजीकृत किया गया है और 12.09 लाख किसानों से 825.69 करोड़ रुपये प्रीमियम के रूप में लिए और 2546.96 करोड़ रूपए बीमा राशि के रूप में दिए जा चुके हैं। इस योजना का भी कांग्रेस ने भरपूर विरोध किया था। जबकि पिछली सरकार के दौरान बीमा योजना निम्नलिखित स्कीमों राष्ट्रीय कृषि फसल बीमा योजनामौसम आधारित फसल बीमा योजना तथा संशोधित राष्ट्रीय कृषि फसल बीमा योजना के तहत प्रदान किया जाता थाजोकि कुछ ही ब्लॉकों/जिलों तक सीमित थी। कांग्रेस शासन (2005-06 से 2013-14) के दौरान केवल 12.53 लाख किसानों को पंजीकृत किया गया और केवल 4.20 लाख किसानों को इस योजना का लाभ मात्र 164.30 करोड़ रूपए के रूप में दिया गया।
        उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार ने (2014-15 से 2019-20) के दौरान आपदा प्रबंधन के तहत किसानों को 2764.93 करोड़ रूपए मुआवजा राशि के तौर पर वितरित किए जबकि पिछली सरकार के दौरान (2005-06 से 2013-14) मात्र 827.01 करोड़ रूपए मुआवजा राशि के तौर पर वितरित किए गए।
        उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 के अंदर किसानों को आर्थिक तौर पर मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री किसान योजना शुरू की गईजिसके तहत हर वर्ष 6000/- रूपए की राशि किसानों के खाते में ऑनलाइन जमा करवाई जा रही है। इस स्कीम के तहत 16.53 लाख किसानों को 1362.36 करोड़ रूपए किसानों के खातों में डाले जा चुके हैंजबकि पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान इस तरह की कोई भी स्कीम किसानों के हित में नहीं चलाई गई थी।
        उन्होंने बताया कि किसानों को विभिन्न योजनाओं के तहत वर्ष 2019-20 में बिजली पर 6856.02 करोड़ रुपये की सब्सिडी जारी कीजबकि कांग्रेस के समय में वर्ष 2013-14 के दौरान यह राशि 4853.40 करोड़ रुपये थी।
        उन्होंने बताया कि राज्य में सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा देने के लिए कुल लागत का 85 प्रतिशत अनुदान सभी वर्ग के किसानों को वर्ष 2019 से दिया जा रहा है। 2019-20 तक 1.08 लाख हेक्टेयर को सूक्ष्म सिंचाई के तहत कवर किया गया है जो 2014-15 से पहले 66,808 हेक्टेयर था। प्रेस वार्ता के दौरान कृषि मंत्री ने वर्तमान सरकार द्वारा चलाई जा रही बागवानीफसल खरीदभू-जल में सुधार करने जैसी अन्य योजनाओं की भी विस्तृत जानकारी दी।

No comments

Powered by Blogger.