हरियाणा में वर्ष 2022 तक सभी ग्रामीण घरों को मिलेगा पानी का कनेक्शन

चंडीगढ़(Abtaknews.com)14मई, 2020: हरियाणा में सभी ग्रामीण परिवारों को पानी का कनेक्शन देने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुएहरियाणा सरकार 'जल जीवन मिशनके तहत दिसंबर 2022 तक सभी ग्रामीण परिवारों को कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन प्रदान करने के लिए तेजी से आगे बढ़ रही है और हरियाणा इस लक्ष्य को राष्ट्रीय लक्ष्य जोकि वर्ष 2024 हैसे बहुत पहले पूरा कर लेगा।
        यह जानकारी आज यहां हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आयोजित जल 'जल जीवन मिशनकी समीक्षा बैठक के दौरान जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री देवेंद्र सिंह ने दी।
        बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि 29.72 लाख घरों का सर्वेक्षण किया गया है और शेष घरों का भी सर्वेक्षण का कार्य जल्द पूरा कर लिया जाएगा। बैठक में यह भी बताया गया कि दिसंबर 2019 तकग्रामीण क्षेत्रों में 11.82 लाख घरों में कार्यात्मक घरेलू नल कनैक्शन उपलब्ध थे। दिसंबर 2019 से जन स्वास्थ्य अभियां‌त्रिकी विभाग द्वारा ग्रामीण घरों में 9.28 लाख नियमित पानी के कनेक्शन जारी किए हैं। शेष 8.62 लाख घरों में जल्द घरेलू नल कनैक्शन उपलब्ध करवा दिये जायेंगे।
        श्री देवेंद्र सिंह ने बताया कि कार्यों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है। योजना के अनुसार श्रेणी- में ऐसे गाँव शामिल हैं जहाँ पानी के स्रोत की कोई समस्या नहीं है। श्रेणी- में उन गाँवों को सम्मिलित किया है जहां ग्रीष्मकाल में पानी की समस्या हो सकती है और श्रेणी- में ऐसे गाँव शामिल हैं जहां पानी के स्रोत की समस्याएँ हैं।
        बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि 12 मई, 2020 कोजल जीवन मिशन के तहत कार्यात्मक घरेलू नल कनैक्शन प्रदान करने के लिए हरियाणा वार्षिक कार्य योजना 2020-21 को केंद्र सरकार को प्रस्तुत किया गया था और जल शक्ति मंत्रालय द्वारा राज्य की कार्य योजना को व्यापक रूप से सराहा गया। श्री देवेंद्र सिंह ने बताया कि मंत्रालय द्वारा माइक्रो और मैक्रो योजना को उत्कृष्ट स्थान दिया गया था और वे चाहते हैं कि अन्य राज्य जल जीवन मिशन में आगे बढ़ने के लिए हरियाणा स्वरूप का अनुकरण करें।     
        बैठक में बताया गया कि जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की एक पहल हैजिसका उद्देश्य देश के हर घर में पाइपयुक्त पानी पहुँचाना है। हरियाणा मेंइस मिशन को मुख्यमंत्री द्वारा दिसंबर 2019 में शुरू किया गया था। इस योजना के शुभारंभ के बादराज्य सरकार ने पानी कनेक्शन के नियमित करने हेतु प्रोत्साहित करने के लिए रोड कट शुल्क के रूप में 2000 रुपये प्रति नये कनेक्शन को माफ करने का निर्णय लिया।
        बैठक में बताया गया कि जल जीवन मिशन के तहत प्रगति की समीक्षा और निगरानी के लिए जिला उपायुक्तोंविभाग के अधिकारियों और आम जनता के लिए विभिन्न डैशबोर्ड बनाए गए।  मुख्यमंत्री ने 29 अप्रैल, 2020 को आम जनता के लिए जल जीवन मिशन डैशबोर्ड लॉन्च कियाजो कि विभाग की वेबसाइट https: //phedharyana.govin/PHED-Dashboard/Index.html पर उपलब्ध है।
        बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती केशनी आनन्द अरोड़ावित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी. वी. एस. एन प्रसादजन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री देवेंद्र सिंह और मुख्यमंत्री की उप प्रधान सचिव श्रीमती आशिमा बराड़ उपस्थित थे।
क्रमांक- 2020


चंडीगढ़, 14 मई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने अपने अंत्योदय के सिद्धांत पर खरा उतरते हुए इच्छुक प्रवासी श्रमिकों तथा अन्य व्यक्तियों को राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन अवधि के दौरान उनके गृह राज्यों में पहुंचाने के लिए रोजाना विशेष श्रमिक रेलगाडिय़ों को प्रदेश के विभिन्न रेलवे स्टेशनों से व्यवस्थित तरीके से भेजने के प्रबन्ध करके मानवता का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है।
        इस बारे में जानकारी देते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि वैश्विक महामारी कोरोना के चलते राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन अवधि के दौरान औद्योगिकभवन निर्माण कार्य  तथा अन्य आर्थिक गतिविधियों के काफी समय तक बंद रहने के कारण प्रवासी श्रमिकों को हरियाणा से विशेष श्रमिक रेलगाडिय़ों को भेजा जा रहा है।
        उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने दूसरे राज्यों में फंसे हरियाणा के विद्यार्थियों व अन्य लोगों को वहां के प्रशासन से सीधा संवाद कर उनके उचित खाने-पीने की व्यवस्था करवाकर व उनको प्रदेश में वापिस लाने की व्यवस्था कर संकट की इस घड़ी में हर जरूरतमंद की मदद करने की सरकार की प्रतिबद्धता को सिद्ध कर रहे हैं।
        प्रवक्ता ने बताया कि इसके अलावा निकट के राज्यों में बसों के माध्यम से सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करते हुए प्रवासी श्रमिकों को भेजा जा रहा है। प्रवासी मजदूरों को शैल्टर होम से रोडवेज की बसों के माध्यम से रेलवे स्टेशन तक लाया गया। उनके गृह प्रदेश रवाना करने से पूर्व सभी जरूरी इंतजाम किए गए। जहां एक तरफ रेलवे प्लेटफार्म को वैक्यूम क्लीनर मशीन से बार-बार साफ किया जा रहा थातो वहीं दूसरी ओर प्रत्येक प्रवासी श्रमिक के हाथों को भी सैनिटाइज किया गया तथा उनके लिए भोजन व पीने के पानी की समुचित व्यवस्था भी की गई। श्रमिकों को निर्धारित कोच में बैठाने के लिए स्वयंसेवकों को लगाया गया ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो। जिला प्रशासन के पास पंजीकरण करवाने के बाद तथा उनके गृह राज्यों से भेजने की स्वीकृति मिलने उपरांत ही श्रमिकों को भेजा जा रहा है। रेलवे स्टेशनों पर विशेष हैल्पडेस्क स्थापित किये गए हैं तथा जिला प्रशासन के अधिकारी रेलगाड़ी में श्रमिकों को भेजने के लिए विशेष रूप से उपस्थित रहते हैं। घर जाते हुए कई प्रवासी श्रमिकों का तो यहां तक कहना है कि जितना सम्मान उन्हें अब घर जाते हुए मिला हैउतना जीवन में कभी नहीं मिला और हरियाणा सरकार व यहां के अधिकारियों का व्यवहार देख उनको भारत के आतिथ्य देवो भव: की कहावत यहां चरितार्थ होती नजर आ रही है। इतना ही नहीं जब पहले दिन प्रवासी श्रमिकों के लिए हिसार से कटिहार (बिहार) रेलगाड़ी भेजी जा रही थी तो एकाएक मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने रेलगाड़ी में बैठे कुछ श्रमिकों से स्वयं मोबाइल के माध्यम से बातचीत कर उनका हालचाल पूछा और उनसे कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री श्री नितीश कुमार को उनका राम-राम कहना तो मुख्यमंत्री की इस बात पर श्रमिक आश्चर्यचकित हुए बिना नहीं रह सके और उनके चेहरे पर खुशी के भाव छलक उठे। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री के प्रयासों से सभी के टिकट व खाने-पीने की व्यवस्था के प्रबन्ध हरियाणा सरकार द्वारा किये गए। हरियाणा सरकार द्वारा किये गए प्रबन्ध प्रवासी श्रमिकों के लिए किवदन्ती बन गए हैं। 
        प्रवक्ता ने बताया कि कल तक 87072 व्यक्तियोंजिसमें प्रवासी श्रमिकविद्यार्थी व अध्यापक तथा अन्य व्यक्ति शामिल हैंको विशेष रेलगाडिय़ों व बसों तथा अन्य वाहनों से उनके गृह जिलों तक पहुंचाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि हरियाणा से पंजाब को बसों व अन्य वाहनों के माध्यम से 222, हिमाचल प्रदेश को 63, उत्तर प्रदेश को 38181, उत्तराखंड को 9551, मध्यप्रदेश को 11965, गुजरात को 27, राजस्थान को  464, महाराष्ट्र को 58, केरल को जगन्नाथ विश्वविद्यालय के 22 विद्यार्थी व दो अध्यापकअसम को 32, बिहार को 17653, जम्मू व कश्मीर को 185, दिल्ली को 84, आंध्र प्रदेश को 20, तेलंगाना को 11, तमिलनाडु को 17, पश्चिम बंगाल को 11, कर्नाटक को 4 तथा पास लेकर अन्य राज्यों को गए 8500 व्यक्ति शामिल हैं।
        उन्होंने बताया कि इसी प्रकार, 9912 व्यक्ति अन्य राज्यों व विदेशों से हरियाणा में आएजिनमें पंजाब से 1, हिमाचल प्रदेश से 42, उत्तर प्रदेश से 179, उत्तराखंड से 36, मध्य प्रदेश से 10, गुजरात से 9, राजस्थान से कोटा के विद्यार्थी व अन्य मजदूरों सहित 2568, महाराष्ट्र से 17, केरल से जगन्नाथ विश्वविद्यालय के 22 विद्यार्थी तथा 22 भूतपूर्व सैनिक सहित 44, तेलंगाना से जगन्नाथ विश्वविद्यालय के विद्यार्थी व अन्य सहित 34, ओडि़सा से 16, नांदेड़ साहिब से 105, दिल्ली से 6, आंध्र प्रदेश से जगन्नाथ विश्वविद्यालय के 19 विद्यार्थीछत्तीसगढ़ से 18 तथा पास लेकर अन्य राज्यों से आए 6600 व्यक्ति तथा सिंगापुरबंगलादेशउज्जबेकिस्तानसाऊदी अरब तथा फिलीपिंस से आए 208 व्यक्ति शामिल हैं।  
        प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह जिलों में भेजने तथा अन्य राज्यों से हरियाणा मेें आने वाले व्यक्तियों के आगमन पर किये गए प्रबन्धों की निगरानी कर रहे हैं और अधिकारियों से प्रतिदिन फीडबैक भी ले रहे हैं। 
क्रमांक-2020






चंडीगढ़, 14 मई- हरियाणा में 15 मई से चुनिंदा मार्गों पर शुरू हो रही बस सेवा के माध्यम से यात्रा के लिए केवल कन्फर्म बुकिंग वाले यात्रियों को ही बस अड्डे में प्रवेश की अनुमति होगी। बसों में यात्रा करने के लिए केवल ऑनलाइन पोर्टल http://hartrans.gov.in के माध्यम से ही बुकिंग की जा सकेगी। यात्रा के लिए मार्गों का विवरण और किराये से संबंधित जानकारी भी वेबसाइट पर उपलब्ध करवाई गई है।
        राज्य के परिवहन मंत्री श्री मूलचंद शर्मा ने बताया कि सरकार ने लोगों की सुविधा के लिए जरूरी सुरक्षा उपायों के साथ 15 मई2020 से कुछ चुनिंदा मार्गों पर बस सेवा शुरू करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि शुरू में केवल 10 जिलों-अम्बालाभिवानीहिसारकैथलकरनालनारनौलपंचकूलारेवाड़ीरोहतक और सिरसा से ही बसें चलाई जाएंगी। इसके लिए प्रदेश के सभी डिपो महाप्रबंधकों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं और सुरक्षा सम्बन्धी निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करवाना सम्बन्धित डिपो महाप्रबंधक की जिम्मेदारी होगी।
        उन्होंने बताया कि इस दौरान सोशल डिस्टेंस का खास ख्याल रखते हुए प्रत्येक बस में अधिकतम 30 यात्रियों को ही बिठाया जाएगा। निर्धारित बस अड्डे में प्रवेश से पहले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी और हर यात्री के लिए मास्क पहनना जरूरी होगा। बिना मास्क पहने यात्री को बस में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
        श्री मूलचंद शर्मा ने बताया कि राज्य परिवहन की बसें फिलहाल हरियाणा से बाहर और कोरोना वायरस से अत्यधिक प्रभावित क्षेत्रों में शुरू नहीं जाएंगी। बसों का परिचालन हरियाणा राज्य परिवहन के बस अड्डों से निर्धारित बस अड्डों तक ही किया जाएगा और रास्ते में पडऩे वाले स्टेशन से किसी भी यात्री को बस में चढऩे या उतरने की अनुमति नहीं होगी। कोरोना वायरस से प्रभावित जिलों से गुजरने वाली बसें बाइपास या फ्लाईओवर से गुजरेंगी।
        उन्होंने बताया कि अगर किसी कारणवश किसी मार्ग पर बस परिचालन संभव नहीं होगा तो प्रस्थान के समय से दो घंटे पूर्व सूचना के साथ बस परिचालन रद्द कर दिया जाएगा। ऐसी स्थिति यात्री द्वारा दिया गया किराया वापिस कर दिया जाएगा।
क्रमांक-2020


चंडीगढ़, 14 मई- हरियाणा सरकार ने प्रदेश के उन लोगों को बड़ी राहत दी है जो लॉकडाउन के कारण दिल्ली में फंसे हैं लेकिन अपने जिले में जाना चाहते हैं या फिर अपने आवासीय जिले से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जाना चाहते हैं।
        परिवहन मंत्री श्री मूलचंद शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने ऐसे लोगों की सुविधा के लिए 18 मई से राज्य परिवहन की बसें चलाने का निर्णय लिया है। इन बसों में यात्रा करने के लिए केवल ऑनलाइन पोर्टल http://hartrans.gov.in के माध्यम से ही बुकिंग की जा सकेगी और केवल कन्फर्म बुकिंग वाले यात्रियों को ही बस अड्डे में प्रवेश की अनुमति होगी। श्री मूलचंद शर्मा ने बताया कि बसों का परिचालन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से हरियाणा राज्य परिवहन के निर्धारित बस अड्डों तक ही किया जाएगा और रास्ते में पडऩे वाले स्टेशन से किसी भी यात्री को बस में चढऩे या उतरने की अनुमति नहीं होगी। कोरोना वायरस से प्रभावित जिलों से गुजरने वाली बसें बाइपास या फ्लाईओवर से गुजरेंगी।
        उन्होंने बताया कि इस दौरान सोशल डिस्टेंस का खास ख्याल रखते हुए प्रत्येक बस में अधिकतम 30 यात्रियों को ही बिठाया जाएगा। निर्धारित बस अड्डे में प्रवेश से पहले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी और हर यात्री के लिए मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी होगा। बिना मास्क पहने यात्री को बस में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
        परिवहन मंत्री ने बताया कि अगर किसी कारणवश किसी मार्ग पर बस परिचालन संभव नहीं होगा तो प्रस्थान के समय से दो घंटे पूर्व सूचना के साथ बस परिचालन रद्द कर दिया जाएगा। ऐसी स्थिति में यात्री द्वारा दिया गया किराया वापस कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि यात्रा के लिए मार्गों का विवरण और किराये से संबंधित जानकारी भी वेबसाइट पर उपलब्ध करवाई गई है।
क्रमांक-2020


चंडीगढ़, 14 मई- आज यहां जारी एक बयान मेंकृषि एवं किसान कल्याण और सहकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल ने बताया कि आज हरियाणा के खरीद केन्द्रों में 13,042 किसानों से 1.25 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया। इसके साथ राज्य में पिछले 22 दिनों में 4,35,201 किसानों से 66.91 लाख मीट्रिक टन गेहूँ की खरीद की जा चुकी  है।
        उन्होंने यह भी कहा कि आज 9,238 किसानों से 25,207.34 मीट्रिक टन सरसों की खरीद की गई और अब तक 2,34,181 किसानों से कुल 6.50 लाख मीट्रिक टन सरसों की खरीद की गई है।
        उन्होंने कहा कि राज्य के खरीद केंद्रों पर चने की खरीद भी शुरू कर दी गई है और अब तक 1,501 किसानों से 3,259.96 मीट्रिक टन चने की खरीद की जा चुकी है।

No comments

Powered by Blogger.