Friday, May 29, 2020

कोविड-19की आड़ में 1538 पदों की भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने की तैयारी में हरियाणा सरकार:सुभाष लाम्बा

चंडीगढ़(Abtaknews.com)29मई,2020:कोविड 19 की आड़ में नई भर्तियां पर एक साल तक रोक लगाने के बाद अब सरकार 2015 में विज्ञापित 1538 पदों की भर्ती प्रक्रिया को भी रद्द करने की तैयारी में है। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा ने ने सरकार द्वारा किए जा रहे ऐसे प्रयासों की घोर निन्दा करते हुए 1535 पदों के परिणाम घोषित कर नवचयनित को ज्वाइनिंग देने की मांग की है। उन्होंने बताया कि अन्य मांगों के साथ ज्वाइनिंग की इस मांग को शामिल करते हुए 4 जून को प्रदेशभर में प्रर्दशन किए जाएंगे। उन्होंने कमजोर पैरवी के कारण सुप्रीम कोर्ट से केस हार चुके 1983 पीटीआई को वैधानिक शक्तियों का प्रयोग करते हुए सेवा सुरक्षा प्रदान करने की बजाय तीन दिन में नौकरी से बहार करने पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने सरकार से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उन्होंने सवाल किया कि किसी के द्वारा भर्ती में रही खामियों की सजा दस साल से नौकरी कर रहे पीटीआई क्यों भुगते ? जिसकी गलती सजा भी उन्हीं को मिलनी चाहिए, निर्दोष की नहीं।

सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा ने बताया कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने सरकार की मांग पर साल 2015  में टीजीटी (अंग्रेजी) के 1035 पदों सहित अलग अलग विभागों में 1538 पदों के लिए विज्ञापन जारी किए थे, जिन पर पात्र उम्मीदवारों की लिखित परीक्षा भी हो चुकी है। परीक्षा का रिजल्ट भी जारी हो चुका है। परंतु इस भर्ती प्रक्रिया को इस आधार पर रद्द करने की ओर आगे बढ़ा जा रहा है कि सरकारे ऐसा पहले भी करती रही है। उन्होंने बताया कि हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन ने 20 मार्च,2020 को एडवोकेट जनरल द्वारा दी गई रिपोर्ट मुख्य सचिव, हरियाणा सरकार को 13 मई, 2020 को भेजकर 1538 पदों की अधिसूचना को वापिस लेने का प्रस्ताव भेजा है।  इनमे टीजीटी (अंग्रेजी) के 1035 पद, एक्साइज इंस्पेक्टर के 35 , टेक्सेशन इंस्पेक्टर 171, सोशल एजुकेशन एन्ड पंचायत ऑफीसर के 61, फूड एंड सप्लाई इंस्पेक्टर  38, जिला परिषद में क्लर्क 26, साइकलिंग जूनियर कोच 12 व फोरेस्टर के 112 पद शामिल है। 

उन्होंने बताया कि कमीशन ने इन पदों की अधिसूचना को वापिस लेने के लिए हास्यस्पद तर्क दिए गए है कि ऐसा पहले भी होता रहा है। इन्ही पदों के लिए कमीशन के पास ओर मांग आ गई है।  सरकार ने चयन के मापदंड बदल दिए है। चयन प्रक्रियाओं पर मामले माननीय न्यायालय के विचाराधीन है। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा का स्पष्ट कहना है कि अतिरिक्त पदों की मांग को वेटिंग लिस्ट से पूरा किया जा सकता है या दोबारा चयन प्रक्रिया चलाई जा सकती है। इसलिए ही तो कमीशन है। वह अपना काम करे।  जंहा तक चयन मापदंड को बदलने पर व चयन प्रक्रिया में कोई मामला कोर्ट के विचाराधीन है तो इसके लिए सरकार जिम्मेवार है। अधिसूचनाओं को रद्द कर उम्मीदवारों को सजा क्यो दी जा रही है। वास्तव में सजा नियम बनाने वालों व चयनकर्ताओं को मिलनी चाहिए। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने कहा कि प्रदेश के सरकारी विभागों, बोर्डो, निगमो, नगरनिगमो व विश्वविद्यालयो में पहले ही लाखो पद खाली पड़े है। बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है। सरकार रोजगार देने की बजाए तिकड़मबाजी से पहली अधिसूचनाओ को भी रद्द कर युवाओं के सपनो को चकनाचूर कर रही है। संघ मांग करता है कि सभी चल रही चयन प्रक्रियाओं को जल्द पूरा कर बेरोजगारों को रोजगार दिया जाए।

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