उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

चंडीगढ़(Abtaknews.com)20अप्रैल,2020:हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने राज्य के सभी जिला परिषदों के अध्यक्षोंअतिरिक्त उपायुक्तों तथा जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को यह निर्देश दिए हैं कि वे वर्ष 2020-21 के दौरान मनरेगा के तहत किये जाने वाले कार्यों जैसे कि वाटर-शेडपशु-गृहग्राम विकास योजना तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अनुमान तथा पिछले फण्ड के उपयोग प्रमाण-पत्र एक सप्ताह के अन्दर-अन्दर मुख्यालय को भिजवाना सुनिश्चित करें।       उप मुख्यमंत्री आज यहां वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे। दुष्यंत चौटाला ने ग्रामीण आंचल में कोरोना महामारी के फैलाव को रोकने में जिला प्रशासन के साथ विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों ने अब तक बेहतर कार्य किया है और आगे भी लोगों को लॉकडाउन अवधि तक सोशल डिस्टेनसिंग की अनुपालना करने तथा घरों में सुरक्षित रहने के प्रति जागरूक करें।
उप मुख्यमंत्री ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों को इस बात से भी अवगत करवाया कि सरकार के पास हाईड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन तथा सेनिटाइजर की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में है। उन्होंने कहा कि किसी भी जन प्रतिनिधि से सेनिटाइजर की कमी होने की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सा अधिकारियों की सलाह पर प्रत्येक गांव में सेनिटाइजशन के दो-तीन चरण के छिडक़ाव के कार्य अवश्य पूरा करवाएं। उन्होंने कहा कि सैनेटाइजेशन के लिए पंचायतों को 20-20 हजार रुपये की राशि पहले ही जारी की जा चुकी है और इसके अलावा सरकार द्वारा सभी उपायुक्तों को कोविड-19 के लिए अलग से समुचित बजट उपलब्ध करवाया गया है।
श्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि कुछ जिलों में महिला स्वयं सहायता समूहों ने मास्क व पीपीई किट बनाने में बेहतरीन कार्य किया हैइसलिए अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि अस्पतालों व जिला प्रशासन की मांग के अनुरूप इनकी खरीद इन समूहों के माध्यम से अधिक से अधिक हो। उन्होंने कहा कि जो जिला परिषद अपने फंड से जिला प्रशासन को वैंटिलेटर या हाईड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन टेबलेट प्रदान करने का इच्छुक है तो वह मुख्यालय को सूचित कर सकता है तथा उनके प्रस्ताव पर विचार किया जा सकता है।
उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे कोविड-19 का बहाना न बनाएं और अपने विभाग के आवश्यक कार्य सोशल डिस्टेंसिंग को कायम रखकर समय पर पूरा करें। श्री दुष्यंत चौटाला ने इस बात के संकेत भी दिए कि आने वाले समय में पंचायतों के चुनाव होने हैं और चुनाव निर्धारित समय पर ही करवाए जाएंगेजिसके लिए अधिकारी अपनी तैयारियां शुरू कर लें।
        श्री दुष्यंत चौटाला ने अधिकारियों को इस बात के भी निर्देश दिए कि जो-जो सरपंचखंड समिति के अध्यक्षसदस्य तथा जिला परिषद के अध्यक्ष व सदस्य कोरोना वायरस के संकट में लोगों को जागरूक करनेराशन व खाना प्रदान करने व सैनेटाइजर उपलब्ध करवाने के लिए उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैंउनकी सूची भी हर सप्ताह मुख्यालय को भिजवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ऐसे जनप्रतिनिधियों को सम्मानित भी किया जाएगा।
        श्री दुष्यंत चौटाला ने अधिकारियों को कहा कि मनरेगा कार्यों में पहली बार पशुबाड़े के शेड को बनाने के काम को शामिल किया गया है और वे इसके प्रति लोगों को अधिक से अधिक जागरूक करें। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन अवधि के दौरान कुछ शर्तों के साथ ईंट भ_ों के संचालनफैक्ट्ररियों व कारखानों में श्रमिकों की सीमित संख्या के साथ उत्पादन आरंभ करनेरोजगार व आजीविका से सम्बंधित गतिविधियां चलाने की अनुमति केन्द्रीय गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुरूप चरणबद्ध तरीके से प्रदान की गई हैंइसलिए अधिकारी और अधिक सतर्कता के साथ कार्य करें।
        बैठक में विकास एवं पंचायत विभाग के प्रधान सचिव श्री सुधीर राजपालनिदेशकग्रामीण विकासश्री हरदीप सिंह के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
क्रमांक-2020



चंडीगढ़, 20 अप्रैल- हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण और सहकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल द्वारा जारी एक बयान में बताया कि आज राज्य में सरसों की खरीद के लिए 163 खरीद केंद्रों पर 8693 किसान जबकि गेहूं खरीद केन्द्रों पर 9729 किसान पहुंचे। इन किसानों से खरीद एजेंसियों द्वारा कुल 24987.25 मीट्रिक टन सरसों और 94264.78 मीट्रिक टन गेहूँ की खरीद की गई।
उन्होंने बताया कि हरियाणा कोरोना राहत कोष में 161 सरसों उत्पादक किसानों ने 1,94,819 रुपये जबकि 44 गेहूँ उत्पादक किसानों ने 1,97,151 रुपये का योगदान दिया।
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चंडीगढ़, 20 अप्रैल- हरियाणा सरकार ने जनसाधारण को किसी भी अनधिकृत स्रोत से शराब न खरीदने की सलाह दी है क्योंकि इस तरह की अवैध शराब नकलीस्वास्थ्य के लिए हानिकारक और प्राणघातक हो सकती है।
आबकारी एवं कराधान विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यह जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में लॉकडाउन लागू होने के बाद 27 मार्च, 2020 से शराब की खुदरा दुकानें बंद कर दी गई हैं और राज्य सरकार ने 27 मार्च के बाद प्रदेश में किसी भी व्यक्ति को शराब बेचने की अनुमति नहीं दी है।
उन्होंने बताया कि हालांकिशराब की खुदरा दुकानें बंद होने के बाद अवैध शराब की बिक्री के मामले ध्यान में आए हैं तथा आबकारी एवं कराधान विभाग और पुलिस समेत राज्य सरकार की कई एजेंसियां ऐसी अवैध शराब की बिक्री रोकने के काम में लगी हुई हैं। इसलिए मौजूदा हालात को देखते हुएजनसाधारण को ऐसे किसी भी अनधिकृत स्रोत से शराब न खरीदने की सलाह दी गई है।
प्रवक्ता ने बताया कि अगर अवैध शराब बनाने और उसकी बिक्री समेत ऐसी कोई भी गतिविधि सामने आती है तो इसे संबंधित उप-आबकारी एवं कराधान आयुक्त (आबकारी) या पुलिस विभाग के ध्यान में लाया जाना चाहिए।

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