पलवल जिला प्रशासन ने हथीन सब डिवीजऩ में निकाला फ्लैग मार्च, कोरोना संक्रमण के बढ़ते आकंड़ो से अलर्ट



 पलवल(abtaknews.com )08 अप्रैल,2020 : पलवल जिला में कंटेनमेंट व बफर जोन घोषित किए गए गांवों में लोगों को घरों में रहने के प्रति आगाह करने के लिए बुधवार को अतिरिक्त उपायुक्त वत्सल वशिष्ठï की अध्यक्षता में फ्लैग मार्च निकाला गया। एडीसी की अगुवाई में निकाले गए मार्च पास्ट में कंटेनमेंट व बफर जोन में शामिल गांवों में लोगों को सरकार व जिला प्रशासन की हिदायतों का पालन करने के प्रति आगाह किया गया।फ्लैग मार्च के दौरान गांव-गांव जाकर अतिरिक्त उपायुक्त वत्सल वशिष्ठï ने लोगों को आगाह करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग के कॢमयों को सहयोग करें तथा गांव में किसी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश न करने दें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि कोरोना वायरस को फैलने से रोका जाए। इस कार्य में सभी गांववासियों को सहयोग करना चाहिए। घर से बाहर निकलने से परहेज करें जिला प्रशासन सभी आवश्यक सेवाओं की आपूॢत इस दौरान सुनिश्चित करेगा।
एडीसी ने जानकारी देते हुए बताया कि गांव लखनाका, धीरनकी, मलाई, जलालपुर, उटावड, टोंका, घुडावली, रूपड़ाका, गोहपुर, पचानका व बुराका आदि गांवों में फ्लैग मार्च निकाला गया। कंटेनमेंट व बफर जोन में शामिल सभी गांवों में लोगों की डोर टू डोर स्क्रीनिंग व स्कैनिंग की जा रही है। पंचायतों के माध्यम से भी लोगों को इस घड़ी में सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। हथीन उपमंडल के सभी गांवों में ठीकरी पहरा के माध्यम से भी बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि सभी गांवों को सेनेटाइज कई-कई बार किया जा चुका है।
फ्लैग मार्च के दौरान हथीन के एसडीएम वकील अहमद, डीएसपी यशपाल, तहसीलदार रोहताश, बीडीपीओ नरेंद्र ढुल व थाना प्रभारी सत्यनारायण व ग्रामवार ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी साथ रहें। वहीं फ्लैग मार्च के उपरांत एडीसी ने एसडीएम आफिस हथीन में क्षेत्र के गणमान्य लोगों की पीस कमेटी की बैठक भी ली और लोगों को सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसी प्रकार की अफवाह फैलाने या भाईचारा बिगाडऩे वालों से प्रशासन सख्ती से निपटेगा। साथ ही सभी गणमान्य व्यक्ति अपने-अपने क्षेत्र में एकजुटता दिखाते हुए इस घड़ी में सामाजिद सौहार्द बनाने के लिए जागरूक बनाए।
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पलवल, 08 अप्रैल।उपायुक्त नरेश नरवाल ने कहा कि कोविड़-19 महामारी के संक्रमण की स्थिति को माइक्रो लेवल पर रोकना अति आवश्यक है। निर्देशों को ध्यान में रखते हुए माइक्रो लेवल पर प्रशासनिक इकाइयों का गठन किया गया है।उन्होंने बताया कि पहले स्तर पर लगभग 250 से 300 परिवारों के लिए एक प्रशासनिक इकाई के रूप में मतदान केंद्र क्षेत्र के साथ अधिमानत: एक सरकारी कर्मचारी द्वारा अधिमान्य रूप से उस इकाई क्षेत्र या पड़ोसी इकाई क्षेत्र के एक स्थानीय निवासी के साथ सक्रिय पर्यवेक्षण के लिए प्रमुख स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता व स्वयंसेवी सदस्य एवं सिविल सोसाइटी संगठनों की तैनाती की जा सकती है।
इसलिए इकाई समिति ग्राम स्तरीय समिति एमसी वार का गठन किया जा सकता है। शिक्षक या पटवारी या ग्राम सचिव या एएनएम आदि कर्मचारी जो उसी गांव का रहने वाला हो। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता या किसी भी नागरिक समाज के सदस्यों से प्रत्येक गांव के लिए यूनिट लेवल कमेटी या विलेज लेवल कमेटी का गठन संबंधित बीडीपीओ द्वारा किया जाएगा। इसी तरह संबंधित कार्यकारी अधिकारी या नगर परिषद या पालिका के सचिव प्रत्येक नगरपालिका या नगर परिषद में एक समिति का गठन करेगें।
समितियों की भूमिका और जिम्मेदारियां
इकाई स्तर की समिति निर्धारित क्षेत्र में सभी घरों की एक सूची तैयार करेंगी, जिससे जरूरतमंद और गरीब परिवारों की अलग से पहचान हो सके ताकि  उन्हें राशन और पका हुआ भोजन की आवश्यकता निर्धारित की जा सके। विशिष्ट वर्ग के परिवारों की कोई अन्य आवश्यकताएं जैसे वृद्ध व्यक्ति, एकल महिला गृहस्थी और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के साथ गृहस्थी आदि की भी आवश्यकता होगी। समिति यह सुनिश्चित करेगी कि राशन कार्ड रखने वाले परिवार अप्रैल 2020 के महीने के लिए अपने राशन मुफ्त में खरीद सकें। समिति वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए असंगठित श्रमिक का सत्यापन भी सुनिश्चित करेगी। समिति लॉकडाउन की शेष अवधि के दौरान स्थानीय कल्याण संगठनों के माध्यम से सूखे राशन या पका हुआ भोजन प्रदान करेगी। समिति जरूरतमंद या गरीब परिवारों को भोजन और अन्य आवश्यक चीजें जैसे दवाइयां, बुढ़ापे की देखभाल, चिकित्सक और अन्य आवश्यक वस्तुएं आदि उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करेगी। समिति इकाई क्षेत्र या गांव में मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना के लिए पात्र परिवारों, बीपीएल, पंजीकृत श्रमिकों या असंगठित मजदूर परिवारों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता का सत्यापन भी करेगी।
सेक्टर समिति---पूर्व में गठित की गई सेक्टर स्तर की समितियां अपनी रिपोर्ट निरंतर निर्बाद रूप से प्रस्तुत करेंगी। सिविल सोसाइटी व गैर सरकारी संगठन के सदस्यों को इस समिति के लिए आवंटित किया गया है।
जोनल लेवल कमेटी---तीसरे स्तर पर जोनल स्तर की समिति शीर्ष निकाय होगी। इसलिए, अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में जोनल स्तर की समिति पलवल को गठित किया गया है। समिति में अतिरिक्त उपायुक्त पलवल मुखिया तथा पलवल के उप पुलिस अधीक्षक सुरेश कुमार सदस्य हैं।
जोनल समिति की भूमिका और जिम्मेदारी--समिति पूरे जिले के हर जरूरतमंद व्यक्ति और गरीब परिवार को सभी राहत उपायों के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करेगी। रोकथाम और बफर क्षेत्र में दिन में दो बार फ्लैग मार्च सुनिश्चित करेगी। जोनल स्तर की समिति नियमित रूप से लिखित रूप में रिपोर्ट देगी, जिसमें नियोजन योजना, फ्लैग मार्च से संबंधित सभी दिशाओं के कार्यान्वयन और जरूरतमंद व्यक्तियों को दिए जाने वाले लाभों के बारे में बताया जाएगा।

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