किसानों को गेहूं की फसल कटाई-निकासी की चिंता, निजामुद्दीन प्रकरण के बाद मेवात के मजदूर व मशीनों को बुलाने से किसानों का इंकार

फरीदाबाद(abtaknews.com-दुष्यंतत्यागी)05 अप्रैल, से सटे हुए दर्जनों गांवों के किसानों की चिंताएं अब लॉक डाउन के चलते बढ़ने लगी हैं क्योंकि खेतों में खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह से पक कर तैयार हो गई है और अब इस फसल को काटने के लिए ना तो मशीनें पहुंच रही हैं ना ही मजदूर मिल रहे हैं ऐसे में अगर कुछ दिनों तक फसल नहीं काटी गई तो खुद ही फसल झड़ कर खेत में ही गिर जाएगी। जिसके चलते गांव के ही कुछ लोग धीरे धीरे कर खुद ही अपनी फसल को काटने में लग गए है, वही फसल को मशीन से निकालने की चिंता भी अब सताने लगी है क्योंकि अभी तक इन गांवों में मेवात से लोग और मशीनें पहुंचती थी, मगर अब इन गांवों के किसानों ने मेवात के लोगों को बुलाने से मना कर दिया है निजामुद्दीन प्रकरण के बाद पूरा ग्रेटर फरीदाबाद का किसान डरा हुआ है कि अगर उन्होंने मेवात से लोगों को अपने अपने गांव में गेहूं निकालने के लिए बुलाया तो कहीं ना कहीं उन्हें कोरोनावायरस हो सकता है ।

ग्रेटर फरीदाबाद के प्रगतिशील किसान डॉ धर्मपाल त्यागी ने अबतक न्यूज़ पोर्टल टीम  को बताया कि उनके क्षेत्र में हजारों एकड़ गेहूं की फसल है और इस फसल को काटने के लिए 5 से 10% मजदूर भी नहीं है ऐसे में अगर मशीनें नहीं पहुंची तो उनकी फसल खराब हो जाएगी और उन्होंने मेवात के लोगों को बुलाने से भी मना कर दिया है अब उन्हें उम्मीद है कि पंजाब, उत्तर प्रदेश से आने वाली मशीनें उनके गांव तक सरकार जल्दी पहुंचाएगी ।

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