Sunday, April 19, 2020

कोरोना वारियर्स बिजली कर्मचारियों की जायज समस्याओं का समाधान कर स्टाफ की कमी को दूर करे सरकार

फरीदाबाद (Abtaknews.com)19अप्रैल, 2020: एचएसईबी वर्कर्स यूनियन के प्रान्तीय प्रधान बिजेन्दर बेनीवाल की ओर से जारी बयान में उन्होंने बताया कि एक तरफ देखा जाये तो हरियाणा प्रदेश में कर्मचारियों से जुड़ी सुरक्षा को लेकर बिजली निगम प्रबन्धन द्वारा सेफ्टी डे यानी सुरक्षा दिवस मनाया जाता है । लेकिन (पावर हाउसों) सब स्टेशनों पर नियमानुसार कम से कम 8 से 10 कर्मचारी ड्यूटी पर तैनात रहने चाहिये । जबकि प्रदेश के हालातों पर नज़र डालें तो अधिकतर पावर हाउसों पर 2 या 3 ही कर्मचारी स्टाफ की भारी कमी के चलते मजबूरन काम कर रहे हैं । जिसके कारण इन कर्मचारियों को अपनी दैनिक ड्यूटी टाइम के अलावा कई कई घन्टे अतरिक्त काम करने के बावजूद बिजली निगम से साप्ताहिक अवकाश भी बामुश्किल मिलता है । जो कि भारतीय श्रम कानूनों व फैक्ट्री एक्ट 1948 का अपने आप मे स्पष्ट उल्लंघन दर्शाता है । बिजली निगम के इन पावर हाउसों में सम्पूर्ण काम 440 केवी से लेकर 220 केवी सहित 132 केवी और 66000/33000 व 11000 वोल्टेज पर होता है । जिसमे काम के दौरान हमेशा ये कर्मचारी अपनी जान को जोखिम डाल कर काम करते हैं । यदि दुर्भाग्यवश से पावर हाउस पर इन कर्मचारियों के साथ कोई अप्रिय दुर्घटना घटित होती है तो उसकी सूचना देने के लिये कोई दूसरा कर्मचारी भी समय पर मौजूद तो उसकी दूर जान बचाने के लिये इमेरजेंसी में अस्पातल लेकर जाने तक को भी कर्मचारी नही मिलता । और ऐसी ही घटना रोहतक के हरप्रसाद कर्मचारी हादसे का शिकार हुआ व प्याली चौक स्तिथ एफसीआई सब स्टेशन पर वीसीबी ऑन करने के दौरान हादसा, 220 केवी पल्ला पर भी, धौज, एनएच-3 सैनिक कॉलोनी सेक्टर-46 सब स्टेशनों आदि प्रदेश में कई जगहों पर घटित हो चुकी हैं । इसके अलावा पिछले साल भर्ती हुए शिफ्ट अटेन्डेन्ट की इन्टरव्यू यूटिलिटी ट्रान्सफर में देरी भी इन कर्मचारियों के लिये जानलेवा साबित हो रही है । क्योंकि आपातकालीन की इस परिस्तिथि में पब्लिक ट्रांसपोर्ट पूरी तरह से बन्द है । और कर्मचारियों दूर दराज से आकर अपनी ड्यूटी देने में 100 से 300 किलोमीटर लंबा सफर तय करना पड़ रहा है । जिसके चलते कुछ महीने पहले जिला पलवल के दो नये भर्ती हुए शिफ्ट अटेन्डेन्ट कर्मचारी बाइक पर सवार थे जो सड़क एक्सिडेंड में हादसे का शिकार होकर शहीद हुए । वर्तमान में हुई घटनाएं भविष्य के लिये चिन्ता का विषय है । एचएसईबी वर्कर्स यूनियन इन साथियों की ऐसी समस्याओं के समाधान के लिये प्रयासरत है । अगर प्रदेश सरकार सच मे इन कोरोना वारियर्स का सच्चा सम्मान करना चाहती है । तो क्यूँ ना इन कर्मचारियों की जायज समस्याओं का समाधान कर स्टाफ की कमी को दूर करे और इन्टर-युटिलिटी ट्रान्सफर पोलिसी को तत्परता से जल्द लागू करे । ताकि कर्मचारियों का भविष्य ऐसे हादसों की भेंट चढ़ दुर्घटनाओं का शिकार होने से बच सके । असल मे यही इन कर्मचारियों के लिये सच्चा कोरोना वारियर्स का सम्मान होगा ।

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