विधानसभा की सीमाओं को भूलकर मानवता की सेवा में जुटे कांग्रेसी नेता सत्यवीर डागर

फरीदाबाद ( abtaknews.com ) 26 अप्रैल, 2020 : कोरोना के संकट में इन दिनों राजनेता भी अपने विधानसभाओं की सीमाओं को भूल केवल एक बात में मगन दिखाई दे रहे हैं कि किस तरह से अपने आसपास के लोगों को चाहे फिर वह किसी भी विधानसभा में हो, कैसे भोजन उपलब्ध कराया जाए और कैसे उनकी समस्याओं को दूर किया जाए। असल में यह बात पृथला विधानसभा क्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं समाजसेवी सत्यवीर डागर पर इन दिनों चरितार्थ हो रही है। राजनीतिक तौर पर यदि देखा जाए तो सत्यवीर डागर पृथला विधानसभा क्षेत्र के लोगों की सेवा करने का दम भरते हैं लेकिन पिछले एक माह से वह लगातार एनआईटी 86 विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में लोगों को खाने के लिए भोजन उपलब्ध करा रहे हैं। इस बारे में जब सत्यवीर डागर से जब बातचीत की गई तो उनका कहना था कि मैं भोजन उपलब्ध कराने वाला कोई नहीं हूं, यह सब ऊपर वाले की इच्छा है। मेरा यह मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी आपस में सामंजस्य इतना अधिक है कि गांव के लोगों ने ही अपने पूरे गांव की जिम्मेदारी उठाई हुई है और गांवों में कोई भी व्यक्ति बिना भोजन के आपसी सहयोग के चलते नहीं रह रहा है इसीलिए उन्होंने भोजन देने के लिए उन स्लम झुग्गी बस्तियों की पहचान की है, जहां पर लोग रोजाना कमाते थे और रोजाना खाते थे लेकिन क्योंकि अब उनका काम धंधा नहीं रहा है इसलिए उनके सामने भोजन की समस्या भी पैदा हो गई। यही कारण है कि लोग डाउन के बाद वह अपने साथी प्रदीप डागर के साथ राजीव कॉलोनी सेक्टर 56 के बीच में पढऩे वाली झुग्गी झोपड़ी बस्ती में नियमित रूप से भोजन उपलब्ध करा रहे हैं।  श्री डागर के अनुसार उनका यह प्रयास है कि भगवान ने जितना सामथ्र्य उनको दिया है उसका प्रयोग वह उन लोगों की सेवा में लगाएंगे जो कि इस समय इस महामारी की मार को झेल रहे हैं। 
प्रगतिशील किसान मंच के अध्यक्ष का दायित्व निभा रहे सत्यवीर डागर ने बताया कि मुख्यमंत्री को रोना रिलीफ फंड में सहयोग के साथ-साथ वह सेक्टर 15 स्थित आर्य कन्या सदन वह कई गुरुद्वारों में यथासंभव सहयोग कर चुके हैं और अब पिछले एक माह से सनम क्षेत्र में झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों के लिए रोजाना लगभग 1000 खाने के पैकेट नियमित रूप से बांट रहे। उन्होंने बताया कि यह भोजन वह अपने घर में ही बनवाते हैं तथा गांव व उनके परिवार के सदस्य हैं। इस भोजन को पैक करते हैं और फिर लोगों में इसको वितरित किया जाता है। उनके अनुसार पिछले एक माह से वह भी नियमित रूप से बनने वाले इस भोजन के साथ ही अपना नाश्ता करते हैं ताकि इस भोजन की गुणवत्ता की जांच भी हो जाए। उन्होंने कहा कि उनका यह प्रयास है कि भगवान उनको जितना सामथ्र्य दिया है, उसके अनुसार वह जब तक क्षेत्र के लोगों को जरूरत होगी उनकी यह सेवा जारी रहेगी। हालांकि उन्होंने कहा कि इस भोजन वितरण के दौरान वह लोगों को सोशल डिस्टेंस के साथ-साथ मास्क इत्यादि के प्रयोग को भी बताते हैं ताकि लोगों में इस महामारी के प्रति जागरूकता आ सके। इस मौके पर उनके साथ मुख्य रूप से प्रदीप डागर, अमन कुमार, पाठक जी, योगेंद्र पहलवान, रविन्द्र डागर, शिवास्तव, मनीष तेवतिया, चांदन, अमित, भरत डागर मौजूद रहे। 

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