यमुनानगर नगर जेल में रमन बाल्मीकि की मौत का मुद्दा गरमाया,नगरपालिका प्रदेश अध्यक्ष ने सीबीआई जांच के साथ आंदोलन की धमकी

फरीदाबाद(abtaknews.com) 28 अप्रैल, 2020:  यमुनानगर जेल में बंद रमन बाल्मीकि की अचानक संदिग्ध अवस्था में हुई मौत  को लेकर नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा बाल्मीकि और दलित अधिकार मंच ने प्रेस वार्ता करते हुए आंदोलन की दी धमकी कहा इस मामले की सरकार करवाए सीबीआई जांच अन्यथा हरियाणा में किया जाएगा बड़ा आंदोलन  जिसकी जिम्मेदार हरियाणा सरकार होगी ! यह बयान आज नगरपालिका कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष नरेश शास्त्री ने जारी किया !

पत्रकारों से बातचीत करते हुए नगरपालिका कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने अन्य संगठनों के पदाधिकारियों की मौजूदगी में कहा की यमुनानगर में बाल्मीकि जयंती पर कुछ दबंगों ने हमला किया था जिस में मुकदमा दर्ज होने के बाद कुछ लोग जेल में गए थे वही कुछ की जमानत हो गई थी लेकिन इसके बाद 10 मार्च को होली पर बाल्मीकि मोहल्ले में हमला किया किया गया  जिसके संदर्भ में दोनों तरफ से क्रास मुकदमा दर्ज किया गया और बाल्मीकि परिवार  पर  धारा 307 लगाई गई  इस मामले में रमन बाल्मीकि वांछित था इसे बीपी 22 अप्रैल को उसके पिता ने कोर्ट में पेश कर दिया इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया ! इसी दौरान 25 अप्रैल को जेल प्रशासन ने परिजनों को यह कहते हुए फोन किया की रमन  बाल्मीकि को  दौरा पड़ा है जिसे ट्रामा सेंटर में लेकर जाया जा रहा है आप वहां आ जाएं लेकिन जब परिजन वहां पहुंचे तो डॉक्टरों ने रमण को मृत घोषित कर दिया ! जेल प्रशासन ने बताया की रमन को फूड प्वाइजनिंग हुआ है ! इसी मुद्दे को उठाते हुए नरेश शास्त्री ने  सवाल उठाते हुए कहा की यदि उसको फूड प्वाइजनिंग हुआ था तो जेल के बाकी सैकड़ों कैदियों में से किसी और को फूड प्वाइजनिंग क्यों नहीं हुआ यह एक तरह से हत्या का मामला है इसलिए सरकार इस मुद्दे पर सीबीआई जांच करवाएं और जांच के दौरान जेल प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारियों को निलंबित किया जाए उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग को अनसुना किया गया तो हरियाणा के 50,000 बाल्मीकि  आंदोलन करने पर मजबूर होंगे जिसकी जिम्मेदार सरकार होगी ! 
विगत 25 अप्रैल को संदिग्ध परिस्थितियों में जिला जेल यमुनानगर में बंद रमन बाल्मीकि की  मौत की हरियाणा सरकार से सीबीआई जांच करवाने, जेल के उपाधीक्षक एवं अन्य दोषी अधिकारी व कर्मचारियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित किया जाए ताकि निष्पक्ष जांच हो सके, नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री, उप महासचिव सुनील चिंडालिया, केंद्रीय कमेटी के नेता सुभाष फैटमार जिला प्रधान गुरुचन खाडिया,सचिव नानक खेरालिया, सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान बलबीर सिंह बालगोहर व वरिष्ठ उपप्रधान श्री नंद ढकोलिया सैनिटेशन स्टाफ यूनियन के नेता विशाल पारछा ने आज  बीके चौक स्थित नगर निगम कर्मचारी यूनियन कार्यालय में  प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि 10 मार्च को भाटिया नगर में बाल्मीकि परिवारों पर कुछ दबंगों द्वारा हमला किया गया था झगड़े के बाद दोनों पक्षों पर मुकदमा दर्ज हुआ 22 अप्रैल को रमन को न्यायालय में पेश किया गया न्यायाधीश के आदेशों के बाद उसे जिला जेल यमुनानगर में भेज दिया गया 25 अप्रैल शनिवार को जेल से रमन के पिता राजेंद्र को फोन के माध्यम से सूचित किया गया कि उनके बेटे को फूड प्वाइजनिंग हुई है इस दौरान ट्रॉमा सेंटर लाते समय रमन की मौत हो गई फूड प्वाइजनिंग से इतनी जल्दी मौत नहीं हो सकती यदि रमन की तबीयत 22 अप्रैल को खराब हुई  थी तो यह बात छुपाई क्यों गई।  श्री शास्त्री ने कहां की जेल प्रबंधन द्वारा की गई लापरवाही  समय पर हॉस्पिटल में इलाज हेतु नहीं लाना  रमन की हत्या  के संकेत है श्री शास्त्री ने नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा की ओर से पत्र लिखकर महामहिम राज्यपाल,  मुख्यमंत्री,  गृहमंत्री,  कारागार, मंत्री एवं मुख्य सचिव, गृह सचिव, हरियाणा। तथा राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग, राष्ट्रीय  अनुसूचित जाति आयोग,  राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग, राज्य  सफाई कर्मचारी आयोग  व पुलिस महानिदेशक हरियाणा को पत्र लिखकर रमन बाल्मीकि की अचानक जेल में हुई मौत की जांच सीबीआई से करवाने, पोस्टमार्टम रिपोर्ट निष्पक्षता के साथ जल्द देने, जेल उपाधीक्षक व अन्य जेल कर्मचारी अधिकारियों को जांच होने तक बर्खास्त करने एवं षड्यंत्र कारियो के खिलाफ हत्या का षड्यंत्र रचने हत्या करने एससी एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। श्री शास्त्री ने चेतावनी दी है कि, यदि जल्द रमन की हत्या की साजिश करने वाले हत्यारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो हरियाणा प्रदेश के तमाम सफाई कर्मचारी एवं बाल्मीकि बिरादरीव दलित समाज के लोग न्याय के लिए अंतिम क्षण तक राज्यव्यापी आंदोलन करेंगे 

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