विश्व मलेरिया दिवस पर बच्चों ने चित्रकारी से दिया रचनात्मक संदेश, लोकडाउन में ई लर्निंग माध्यम से ले रहे शिक्षा

फरीदाबाद ( abtaknews.com ) 25अप्रैल, 2020 : हर वर्ष 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है। इसे सबसे पहले 2008 में मनाया गया था। जहां समूचा विश्व कोविड 19 के कारण लोकडाउन है, बच्चे ई लर्निंग माध्यम से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं साथ ही सामान्य ज्ञान और रचनात्मकता को भी बढ़ा रहे है और इस प्रकार लोकडाउन के समय का सदुपयोग कर रहे हैं। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के जे आर सी, एम्बुलेंस ब्रिगेड और गाइड के बच्चे हर महत्वपूर्ण दिवस के प्रति लोगों को जागरूक करने का कोई अवसर नहीं जाने देते। मलेरिया से बचाव के लिए बच्चों की अनूठी पहल की राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय एन एच तीन फरीदाबाद के प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने सराहना करते हुए बताया कि इस साल "विश्व मलेरिया दिवस" की थीम “ ज़ीरो मलेरिया स्टार्टस विद मी" है। इसके लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सभी देशों से अपील की है। कि मलेरिया वाटर बॉर्न डिजीज है और यह मलेरिया मादा मच्छर एनोफिलीज के काटने से फैलता है। इन मच्छरों में प्लास्मोडियम पैरासाइट पाया जाता है जो आपके रक्त से होकर शरीर में फ़ैल जाता है। खासकर लीवर में पहुंचकर यह स्थायी हो जाता है। इसके बाद वह लाल रक्त कोशिकाओं को संक्रमित करने लगता है। इससे लाल रक्त कोशिकाओं के अंदर के परजीवी कई गुना बढ़ जाते हैं, जिससे संक्रमित कोशिकाएं फट जाती हैं। पैरासाइट लाल रक्त कोशिकाओं को संक्रमित करना जारी रखते हैं, जिसके परिणामस्वरूप ऐसे लक्षण होते हैं जो एक समय में दो से तीन दिन तक रहते हैं। मलेरिया इन चार तरह के पैरासाइट से फैलता है।  
ये हैं प्लासमोडियम वाइवेक्स, प्लासमोडियम ओवाले,प्लासमोडियम फेल्किपेरम, प्लासमोडियम मलेरिया। उन्होंने बताया कि प्लासमोडियम वाइवेक्स की वजह से 60% से अधिक मामले हमारे देश में सामने आते हैं। इसमें शरीर में बुखार, जुकाम, थकान और डायरिया जैसी मुश्किलें सामने आती हैं। मलेरिया के लक्षण आमतौर पर संक्रमित मच्छर के काटने के 10 से 15 दिन के बाद दिखाई देने लगते हैं। जिसके शुरूआती लक्षण बुखार, सिरदर्द और शरीर में ठंड लगना है। मलेरिया को रोकने का सबसे बेहतर तरीका है मच्छरदानी का उपयोग और इनडोर मच्छर मार दवा का छिड़काव बहुत ही कारगर उपाय है। बच्चों ने सुंदर पोस्टर बना कर शेयर किए और सुरक्षित रहने, घर में ही रहने, कोरोना से दूर रहें का संदेश दिया। प्राचार्य ने बच्चों से सुंदर रचनाएं प्रेषित करने के लिए शुभाशीष दी और भली भांति ई शिक्षा ग्रहण करने का संदेश दिया।

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