फरीदाबाद में जन सहायक हेल्प मी एप की वर्किंग के बारे में प्रशिक्षण दिया गया

फरीदाबाद(Abtaknews.com)28अप्रैल,2020:उपायुक्त यशपाल व एचएसवीपी के प्रशासक प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में सभी वार्ड इंचार्ज की मीटिंग हुई, जिसमें सभी को जन सहायक हेल्प मी एप की वर्किंग के बारे में प्रशिक्षण दिया गया।उपायुक्त ने कहा कि सभी वार्ड इंचार्ज अपने मोबाइल फोन में इस एप को डाउनलोड कर लें। डाउनलोड होने के बाद अपने मोबाइल नंबर से इसमें रस्टिर करने के बाद संबंधित एरिया के जरूरतमंद व्यक्ति की पके भोजन से संबंधित डिमांड उनके पास पहुंचेगी। इस डिमांड के अनुसार अपने कर्मचारी या उस एरिया के वालिंटियर्स के माध्यम से संबंधित व्यक्ति को तुरंत मदद पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सभी 40 वार्डों में जरूरतमंद व्यक्ति को सूचीबद्ध किया जा चुका है, जिन्हें निरंतर मदद पहुंचाई जा रही है। इसके अलावा करीब 18 हजार से अधिक लोगों को सूखा राशन उपलब्ध करवाया गया है। उन्होंने बताया कि लोगों को इस एप के बारे में अधिक से अधिक जानकारी दें, ताकि उन्हें जल्द से जल्द मदद पहुंचाई जा सके।
एचएसवीपी के प्रशासक प्रदीप दहिया ने कहा कि लाॅकडाउन के दौरान सभी अधिकारियों ने वार्ड वाइज अच्छा काम किया है। इन अधिकारियों की टीम के माध्यम से ही जिला प्रशासन हर जरूरतमंद व्यक्ति को ट्रैक करने व उन्हें मदद पहुंचाने में कामयाब रहा। यह कार्य प्रतिदिन सुबह व शाम दोनों समय के लिए निरंतर चलाया गया। पहले सभी को कंट्रोल रूम के नंबर पर आने वाली डिमांड मैसेज से भेजी जाती थी। अब सभी प्रकार की डिमांड एप के माध्यम से आएंगी। इसकी ट्रैकिंग भी प्रदेश स्तर पर होगी। अतः कोई भी डिमांड किसी एरिया में पैडिंग नहीं रहनी चाहिए। इसी प्रकार सोशल मीडिया के माध्यम से मिलने वाली खाने की डिमांड को भी संबंधित वार्ड इंचार्ज को भेजा जाएगा। सभी वार्ड अधिकारी इस कार्य में तत्परता व पूरी निष्ठा से कार्य करें। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त आरके सिंह, एचएसवीपी परमजीत चहल सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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फरीदाबाद, 28 अप्रैल।उपायुक्त यशपाल ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान जिला प्रशासन की ओर से जरूरतमंद लोगों तक प्रतिदिन सुबह व सायं के समय फूड पैकेट्स व खाद्य सामग्री से मदद पहुंचाई जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि जिले में कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति भूखा ना रहे।
उपायुक्त ने बताया कि जिला में रैड क्रॉस सोसायटी विभिन्न सामाजिक संगठनों, गैर सरकारी संस्थाओं से तालमेल कर हर जरूरतमंद व्यक्ति तक खाना पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक 20 लाख 82हजार 204 लोगों को फूड पैकेट्स तथा 36 हजार 622 लोगों को साप्ताहिक सूखा राशन वितरित किया गया। उन्होंने बताया कि अब तक 20 लाख 47 हजार 1 फूड पैकेट्स विभिन्न एनजीओ तथा 77 हजार 500 पैकेट्स सरकार द्वारा तैयार करवाए गए हैं, जिनका वितरण गत दिनों शहर के सभी वार्डों में जरूरतमंद लोगों तक किया गया। इस समय जिला में बनाए गए रिलीफ सेंटर में करीब 32 लोग ठहरे हुए हैं, जिन्हें खाना व अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है। इसके अलावा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से जन वितरण प्रणाली के तहत जिला के सभी डिपो के माध्यम से भी राशन कार्ड धारकों को राशन वितरित किया जा रहा है।
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फरीदाबाद, 28 अप्रैल।उप सिविल सर्जन एवं जिला नोडल अधिकारी-कोरोना डा. रामभगत ने बताया कि जिला में अब तक 3485 यात्रियों को सर्विलांस पर लिया जा चुका है, जिनमें से 1115 लोगों का निगरानी में रखने का 28 दिन का पीरियड पूरा हो चुका है। शेष 2370 लोग अंडर सर्विलांस हैं। कुल सर्विलांस में रखे गए लोगों में से 3439 होम आइसोलेशन पर हैं। अब तक 2568 लोगों के सैंपल लैब में भेजे गए थे, जिनमें से 2373 की नेगेटिव रिपोर्ट मिली है तथा 149 की रिपोर्ट आनी शेष है। अब तक 46 लोगों के सैंपल पॉजिटिव मिले हैं, जिनमें से 6 लोगों को अस्पताल में दाखिल किया गया है तथा ठीक होने के बाद 40 को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया है।
उन्होंने बताया कि सभी मेडिकल और पैरा मेडिकल स्टाफ को कोविड-19 की रोकथाम और प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित किया गया है। इसी प्रकार पर्यावरण स्वच्छता और शुद्धीकरण के बारे में सरकारी व निजी विभागों के कर्मचारियों को दैनिक आधार पर प्रशिक्षण दिया जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के संभावित संक्रमण की पृष्ठभूमि को देखते हुए आम जनता को सरकार द्वारा स्वास्थ्य संबंधी हिदायतों की अनुपालना करने की सलाह दी जाती है। लोगो को ध्यान रखना चाहिए कि खाँसी व छींकते समय रूमाल या तौलिया का उपयोग अवश्य करें, हाथों को बार-बार साबुन व पानी से धोते रहें। जब तक बहुत जरूरी न हो, घर से बाहर न निकलें। सार्वजनिक स्थलों व सभाओं में जाने से बचें। जिन लोगों ने हाल ही में कोरोना प्रभावित देशों की यात्रा की है, उन्हें राष्ट्रीय, राज्य या जिला हेल्पलाइन नंबरों पर सूचना देनी चाहिए, उन्हें भारत में आगमन की तारीख से 28 दिनों के लिए सभी से अलग रहना है और किसी से भी स्पर्श करने से बचना है, भले ही उसमें कोई लक्षण न हों।

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