संकटग्रस्त लोगों को भी ‘‘डिस्ट्रेस राशन टोकन’’ बनाकर तीन महीने नि:शुल्क मिलेगा राशन: मनोहर लाल

चंडीगढ़(abtaknews.com)28 अप्रैल,2020: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा की जा रही सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) पहलों के माध्यम से कोविड-19 महामारी के दौरान सहायता और खरीद सेवाओं को सक्षम करने में सहयोग मिला है। इसके अलावाउन्होंने कहा कि हरियाणा राज्य में कोविड-19 महामारी के दौरान किसी को भी भूखा नहीं सोने दिया जाएगाक्योंकि राज्य सरकार ने ई-पीडीएस के माध्यम से संकटग्रस्त लोगों को भी ‘‘डिस्ट्रेस राशन टोकन’’ बनाकर कर तीन महीने का नि:शुल्क राशन देने का प्रावधान किया हैं।
मनोहर लाल ने यह जानकारी आज यहां केन्द्रीय इलैक्ट्रोनिक्ससूचना प्रौद्योगिकी व संचार मंत्री श्री रवि शंकर प्रसाद द्वारा नई दिल्ली से देशभर के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियोंआईटी मंत्रियों व सचिवों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत के दौरान दी।उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा चलाया जा रहा परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) कार्यक्रम एक राज्य-व्यापी कार्यक्रम है जिसके तहत सरकार द्वारा प्रदान किए गए सभी लाभोंसेवाओं और योजनाओं से जोड़ा जा सकता है। यह कार्यक्रम पिछले साल 32 लाख से अधिक परिवारों के डेटाबेस के साथ शुरू किया गया और अब तक 12.5 लाख परिवारों का गोल्डन डेटाबेस तैयार किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में ‘‘मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना’’ एक अनूठी योजना हैजहां पात्र लाभार्थियों जिसकी सालाना आय 1.80 लाख रूपए और भूमि के मानदंड के आधार पर 6000 रुपये प्रति वर्ष का लाभ मिलता हैजिसमें भारत सरकार की विभिन्न बीमा पेंशन योजनाओं  जैसे पीएम जीवन ज्योति योजनापीएम सुरक्षा बीमा योजनापीएम किसान मानधन योजनापीएम श्रम योगी मानधन योजनापीएम फसल बीमा योजना शामिल हैका प्रीमियम सरकार द्वारा भरा जाता है तथा शेष लाभ राशि सीधे लाभार्थी के खाते में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जाती है। इस कार्यक्रम ने सरकार को राष्ट्रीय लॉकडाउन से प्रभावित होने की संभावना वाले लोगों को वित्तीय सहायता देने में सक्षम किया। उन्होंने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से केन्द्रीय मंत्री को अवगत कराया कि राज्य सरकार ने ‘‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’’ (एमएफएमबी) कार्यक्रम दो साल पहले लॉन्च किया और यह जमीन के रिकॉर्ड के साथ एकीकृत होता है और किसान को उसके द्वारा व्यक्तिगत भूमि के स्वामित्व वाली जमीन पर उसके द्वारा बोई गई फसल को पंजीकृत करने में सक्षम बनाता है। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम फसल की उपज की खरीद के लिए आधार रिकॉर्ड बनाता हैजिसकी वजह से सरकार कोविड-19 महामारी के दौरान प्रत्येक किसान को खरीद के लिए उसकी अपनी बारी की सूचना देने के लिए संदेश भेजने में सक्षम है और यह कार्यक्रम वर्तमान संकट के दौरान बेहद उपयोगी साबित हुआ है। उन्होंने बताया कि ‘‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’’ कार्यक्रम में लगभग 12 लाख किसानों ने अपना पंजीकरण करवाया हैं।
श्री मनोहर लाल ने राज्य के गांवों को लाल डोरा मुक्त करने के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रम में जानकारी देते हुए केन्द्रीय मंत्री को बताया कि राज्य सरकार ने रिमोट सेंसिंगड्रोन और जीआईएस का उपयोग करते हुए मैपिंग के लिए एक तंत्र के बारे में विचार किया और इस योजना का कार्यान्वयन सर्वे ऑफ इंडिया के सहयेाग से राज्य सरकार के विभागों के माध्यम से किया जा रहा है तथा यह योजना वर्तमान में पूरे राज्य में लागू है। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री को यह भी अवगत कराया कि ‘‘उन्हें यह बताते हुए गर्व हो रहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गत 24 अप्रैल, 2020 को पंचायती राज दिवस के अवसर पर घोषणा की हैकि 6 राज्यों से शुरू होने वाली देश भर में ‘‘स्वामित्व’’ नामक योजना को लागू किया जाएगाजोकि हरियाणा सरकार के आईटी विभाग की योजना को ही एक प्रकार से लागू किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि कोविड-19 के चलते सोशल डिस्टेसिंग को बनाए रखने के लिए हरियाणा सरकार ने कैशलेस योजनाओं के तहत ‘‘बैंक स्लोट बुकिंग’’ और ‘‘नकदी डिलीवरी’’ जैसे कार्यक्रमों की शुरूआत की। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम को गत 21 अप्रैल, 2020 को शुरू किया गया और 27 अप्रैल तक 3000 लोगों ने इसके लिए अपना पंजीकरण करवाया तथा अब तक 1200 लोगों को इस सुविधा का लाभ दिया जा चुका है। इसी प्रकारज़ूम ऐप की तरह एनआईसीहरियाणा ने एनआईसी-वीडियो लिंकिंग प्रोग्राम बनायाजो काफी सुरक्षित है और यह ऐप सरकारी कार्यों के लिए ही विकसित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने ‘‘कोविड संघर्ष सेनानी’’ कार्यक्रम की भी शुरूआत की है जिसमें अब तक 80 हजार से अधिक स्वयंसेवकों ने अपनी सेवाएं देने के लिए पंजीकरण कराया है। इसी तरहकिरयाना और कैमिस्ट इत्यादि दुकानों के माध्यम से लोगों के घरों तक सामान की डिलीवरी इत्यादि को पहुंचाने व दुकानों को खोलने के लिए 76 हजार से अधिक दुकानदारों ने अपना पंजीकरण ऑनलाईन करवाया है। वहींराज्य सरकार ने ‘‘कोरोना रिलीफ फण्ड’’ भी बनाया हैजिसमें अब तक 2 लाख कर्मियों ने लगभग 72 करोड़ रूपए की राशि योगदान स्वरूप जमा करवाई है। इसी प्रकारराज्य के नागरिकोंस्वयंसेवकों सहित पेंशनरों इत्यादि ने भी इस फण्ड में अपना योगदान किया हैं। उन्होंने बताया कि स्कूलों के छात्रों से भी आग्रह किया गया है कि इस फण्ड में कम से कम 5 रूपए का योगदान करें ताकि जरूरतमंदों की मदद की जा सकें तथा किसानों से भी अपनी फसल की आय से कुछ हिस्सा इस फण्ड में योगदान देने का आह््वान किया गया है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार से अभी तक इस फण्ड में 200 करोड़ रूपए से अधिक की राशि एकत्रित हो चुकी है।
श्री मनोहर लाल ने बताया कि हरियाणा सरकार ने अभी हाल ही में गत 25 अप्रैल, 2020 को ‘‘जनसहायक हैल्प-मी’’ ऐप की शुरूआत की है जिसे सभी प्रकार की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है और इस ऐप में राशन लेने व देने की सुविधाएलपीजी गैसशैल्टर होमएंबूलेंसपासबैंकडाक्टरफसल इत्यादि की सुविधाओं को लेने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि इस ऐप को अभी तक 50 हजार से अधिक लोग डाउनलोड कर चुके हैं और इससे लोगों को बहुत ही लाभ प्राप्त हो रहा है। इसी प्रकारई-लर्निंग सुविधाशिक्षा सेतू ऐप और माय-दोस्त ऐप इत्यादि को भी लोगों की सुविधाओं के लिए शुरू किया गया हैं।
उन्होंने केन्द्रीय मंत्री को आश्वासन देेते हुए कहा कि इस बैठक में केन्द्र या राज्य सरकारों द्वारा जो भी बेहतर कार्य-प्रणालियां बताई जाएंगीउन्हें हरियाणा सरकार अपने यहां लागू करने पर अवश्य विचार करेगी ताकि लोगों को कोविड-19 महामारी के दौरान जल्द से जल्द सहयोग व सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें।
इस मौके पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लरमुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव श्री वी. उमाशंकरखाद्यनागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री पी. के. दासइलैक्ट्रोनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रधान सचिव श्री अंकुर गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे
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चंडीगढ़, 28 अप्रैल- हरियाणा सरकार ने एक आईएएस अधिकारी के नियुक्ति के आदेश जारी किए हैं। श्री हरदीप सिंहविशेष सचिव और निदेशकग्रामीण विकास विभाग को विशेष सचिवपशुपालन और डेयरी विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
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चण्डीगढ़, 28 अप्रैल- हरियाणा के खेल एवं युवा मामले मंत्री श्री संदीप सिंह ने कहा कि कोरोना योद्धाओं के प्रयासों से ही प्रदेश में कोरोना की स्थिति अन्य राज्यों से बेहतर चल रही है। इस स्थिति को बरकरार रखने के लिए पुलिस कर्मीस्वास्थ्य विभाग के कर्मीसफाई कर्मी सहित अन्य योद्घा दिन-रात मेहनत कर रहे है। इन योद्घाओं को उत्साहित और प्रेरित करने के लिए सरकारप्रशासन और आम नागरिक लगातार सहयोग कर रहे है। अहम पहलू यह है कि इन कोरोना योद्धाओं की सुख सुविधाओं और उनके परिजनों का सरकार और प्रशासन प्राथमिकता के आधार पर पूरा ध्यान रख रही है।
खेलमंत्री संदीप सिंह ने आज जिला कुरुक्षेत्र से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक नई पहल करते हुए थानेसरशाहबादपिहोवालाडवा उपमंडलों के स्वास्थ्यपुलिससफाई कर्मियों के साथ न केवल अपने मन की बात को सांझा की बल्कि सभी से व्यक्तिगत बातचीत कर उनका हौंसला बढ़ाया और फील्ड में आने वाली दिक्कतों को सुना और सुझाव भी आमंत्रित किये। इस पहल को लेकर कोरोना योद्धाओं में खासा उत्साह नजर आया और कईयों ने अपने सुझाव देने के साथ-साथ फील्ड में आ रही कुछ छोटी-छोटी परेशानियों को भी खेलमंत्री के समक्ष रखा। उन्होने सभी उपमंडलों के अधिकारियोंकर्मचारियों से बातचीत करते हुए कहा कि कोरोना वायरस की चैन को तोडऩे और एक-एक भारतीय को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए सभी प्रदेश वासियों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल के आदेशानुसार लॉकडाउन की पूर्णत: पालना करनी होगी।
खेलमंत्री ने कहा कि आज कुरुक्षेत्र ग्रीन जोन में शामिल हैक्योंकि यहां पर कोई भी व्यक्ति कोरोना पाजिटिव नहीं है। इस जिले में दोनों पाजिटिव केस रिकवर होकर घर जा चुके है। लेकिन कुरुक्षेत्र की ग्रीन जोन की स्थिति को बरकरार रखने के लिए सभी को सतर्क रहना होगा और लॉकडाउन की पालना करने के साथ-साथ मास्कगलव्स और सामाजिक दूरी बनाकर रखनी होगी। कोरोना योद्घाओं को लोगों की गतिविधियों पर नजर रखकर उन्हें जागरुक करते रहना होगा ताकि लोगे केवल बहुत जरुरी कार्य के लिए ही घर से बाहर जाएं। उन्होंने कहा कि कोरोना योद्धाओं की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने जिन समस्याओं और सुझावों को सामने रखा हैउनपर तुरंत अमल किया जाएगा और इसके लिए उपायुक्त को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए है। उन्होंने कहा कि पंजाब की सीमा से आने-जाने वालों पर तथा नशा तस्करों पर विशेष नजर रखी जानी बहुत जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सभी एसडीएम नाकों पर निरंतर निरीक्षण करेंगे और वहां पर कपड़े के बने हुए मास्क उपलब्ध करवाएं ताकि बिना मास्क वाले को मास्क दिया जा सके।

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