Thursday, April 16, 2020

डिवाइन पब्लिक स्कूल, फरीदाबाद ने छात्रों की तीन महीने की फीस की माफ,सीएम मनोहर ने जताया आभार

चंडीगढ़(Abtaknews.com)16अप्रैल,2020:हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर अपने छात्रों की तीन महीने की फीस पूरी तरह से माफ करने के लिए डिवाइन पब्लिक स्कूलफरीदाबाद के प्रबंधन को धन्यवाद दिया और उन्होंने इस नेक उदाहरण के तहत राज्य के अन्य निजी स्कूलों से भी इसका अनुसरण करने का आग्रह किया।
स्कूल के प्रिंसिपलश्री विकास गुसाईं ने बताया कि राष्ट्रीय संकट की इस घड़ी में अभिभावकों को राहत देने के लिए छात्रों की तीन महीने की फीस माफ करने का निर्णय लिया गया है। मनोहर लाल नेश्री एम.एस. साहनीस्प्रिंगफील्ड्स पब्लिक स्कूलयमुनानगर के अध्यक्ष द्वारा कोविड-19 की स्थिति के मद्देनजर कई पहल करने के साथ-साथ किताबों पर 20 प्रतिशत की छूट देने और छात्रों को मुफ्त में कॉपी और नोटबुक उपलब्ध करानेके लिए भी प्रशंसा की।
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई है कि कई और स्कूल कोविड-19 महामारी के दौरान जरूरतमंद परिवारों के बच्चों के लिए इसी तरह के राहत भरे नेक कार्य करेंगे। 
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चण्डीगढ, 16 अप्रैल- हरियाणा सरकार ने निर्णय लिया है कि कोविड-19 महामारी को राज्य से समाप्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रदेश के हर घर में जाकर प्रत्येक व्यक्ति की स्क्रीनिंग करेगी और यदि किसी व्यक्ति में कोविड-19 के लक्षण पाए जाते हैं तो उसका सैंपल लेकर टेस्ट करवाया जाएगा ताकि राज्य से कोविड-19 को पूरी तरह से खत्म किया जा सके।
यह जानकारी आज यहां हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री अनिल विज ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याणचिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधानगृह तथा शहरी स्थानीय निकाय विभागों की समीक्षा बैठक के उपरांत पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी।
उन्होंने कहा कि आज राज्य में कोविड-19 महामारी से लड़ने के लिए ये चारों विभाग अग्रिम पंक्ति के विभाग हैं और लॉकडाउन-के दौरान इन विभागों के अधिकारियों व कर्मियों ने बेहतरीन कार्य किया है और हम लॉकडाउन-में काफी हद तक सफल रहें हैं। उन्होंने कहा कि आज वर्तमान में हरियाणा में कुल एक्टिव मरीज 149 हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने कहा कि कोविड-19 मरीज के संबंध में भारत सरकार द्वारा समय-समय पर एडवाइजरी जारी की जा रही हैं और इन एडवाइजरी को हरियाणा में भी लागू किया जा रहा है। इसी कड़ी में कन्टेनमेंट जोन और बफर जोन बनाए गए हैं जिसके तहत ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में कन्टेनमेंट जोन व बफर जोन की परिभाषाएं अलग-अलग हैं।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में जिन इलाकों को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया है उन इलाकों को पूरी तरह से सील कर दिया गया हैं और इन इलाकों में आवश्यक वस्तुओं को मुहैया करवाने के लिए निर्देश दिए गए हैं ताकि लोगों को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत न हों। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कन्टेनमेंट जोन में प्रतिदिन सैनेटाईजेशन की जाए और पूरे राज्य में दूसरे चरण के तहत सैनीटाईजेशन किया जाएगा।
श्री विज ने कहा कि राज्य के बैंक परिसरोंसब्जी मंडियोंबाजारकिरयाना दुकानोंकैमिस्ट की दुकानों के साथ-साथ राशन डिपोधारकों को कहा गया है कि वे अपने इन प्रतिष्ठानों में सोशल डिस्टेनसिंग को बनाए रखेंयदि कोई प्रतिष्ठान सोशल डिस्टेनिंसग को बनाए रखने में विफल होता है तो उसे प्रतिष्ठान खोलने/काम करने की मंजूरी नहीं दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि इंडियन मैडीकल एसोसिएशन (आईएमए) को पत्र लिखा गया है कि कोविड-19 महामारी की स्थितियों को देखते हुए वे निजी डाक्टरों को उनके प्राईवेट क्लिनिक खुलवाने के लिए कहें ताकि आम जनता का अन्य बीमारियों व समस्याओं का इलाज सुनिश्चित हो सकें। इसी प्रकारउन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को सेवानिवृत डाक्टरों को एक साल के लिए अनुबंध पर रखने के लिए कहा गया है ताकि कोविड-19 महामारी से भली प्रकार से निपटा जा सकें। उन्होंने बताया कि अभी तक 197 डाक्टरों ने अपनी डयूटी ज्वाईंन कर ली है और वेटिंग लिस्ट के 58 डाक्टरों को ज्वाईनिंग लैटर देने का फैसला किया हैं।
श्री विज ने बताया कि हरियाणा में कोविड-19 के लिए अलग से विशेष कोविड अस्पतालों को स्थापित किया गया है जिनमें आईसीयूवैंटीलेटर व अन्य उपकरणों सहित बेहतरीन डाक्टरों की टीमों को तैनात किया गया हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 मरीज को केवल कोविड अस्पताल में ही रखा जाएगा और उन्हें दूसरे सामान्य अस्पताल में नहीं रखा जाएगा। इसके अलावाउन्होंने बताया कि हरियाणा में 411 मोबाईल डिस्पैंसरियों को भी शुरू किया जा चुका है जो लोगों की अन्य बीमारियों का इलाज करने में सहयोग करेगी।
एक सवाल के जवाब में श्री अनिल विज ने कहा कि लॉकडाउन को सख्ती से लागू करवाया जाएगा और उल्लंघना करने वालों के विरूद्ध आवश्यक कानूनों के तहत कार्यवाही भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे लॉकडाउन को सख्ती से क्रियान्वित करें तथा कन्टेनमेंट जोन पर विशेष निगरानी रखी जाए।
इसी प्रकारएक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि हरियाणा देशभर में पहला राज्य है जहां पर एैपीडैमिक एक्ट को लागू किया गया हैइसलिए पंचकूला के सैक्टर-15 की कोविड-19 संक्रमित महिला के मामले में निजी डाक्टर की लापरवाही व सिविल सर्जन को जानकारी न देने के मामले में उक्त निजी डाक्टर के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करवाने के निर्देश दे दिए गए हैंक्योंकि उक्त निजी डाक्टर की यह डयूटी बनती थीकि वह इस कोविड-19 मरीज की जानकारी संबंधित अधिकारियों व प्रशासन को दें।
बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती केशनी आनंद अरोड़ागृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजय वर्धनस्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजीव अरोड़ाचिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आलोक निगमशहरी स्थानीय निकाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री एस.एन. रायपुलिस महानिदेशक श्री मनोज यादवशहरी स्थानीय निकाय विभाग के महानिदेशक श्री अमित अग्रवालहरियाणा चिकित्सा सेवाएं निगम के प्रबंध निदेशक डाॅ साकेत कुमारखाद्य एवं औषध प्रशासन के आयुक्त श्री अशोक कुमार मीणास्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के विशेष सचिव श्री प्रभजोत सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
क्रमांक-2020



चंडीगढ़16 अप्रैल- हरियाणा की मुख्य सचिव श्रीमती केशनी आनन्द अरोड़ा ने कहा कि भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार20 अप्रैल से लॉकडाउन में कुछ छूट प्रभावी हो जाएगीइसलिए सभी उपायुक्तों को मछली पालन के लिए तालाबों की नीलामीनिर्माण कार्यढाबों और सामन्य सेवा केंद्रों को खोलने इत्यादि जैसे अनुमति प्राप्त गतिविधियों के संचालन के लिए योजना तैयार करनी चाहिए। इन गतिविधियों के अलावाफॉरेस्ट वाटरिंगसिंचाई और खनन कार्य भी स्वास्थ्य प्रोटोकॉल सुनिश्चित करते हुए चरणबद्ध तरीके से किए जाने चाहिए।
         मुख्य सचिव ने यह निर्देश आज यहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोविड-19 के लिए नियुक्त नोडल अधिकारियों के साथ संकट समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए।
         उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग आर्थिक गतिविधियों के व्यवस्थित तरीके से संचालन के लिए जारी दिशा-निर्देशों की निगरानी और अनुपालना सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा। उन्होंने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि नियंत्रण क्षेत्रों (कंटेन्मेंट जोन) में लॉकडाउन प्रोटोकॉल के अनुसार इन सभी कार्यों को व्यवस्थित तरीक से करने की योजना तैयार करें।
         उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि चूंकि मनरेगा श्रमिकों को विभिन्न गतिविधियों विशेष रूप से सिंचाई कार्यों और जल संरक्षण के लिए अनुमति प्रदान की गई हैइसलिए संबंधित अधिकारी इन कार्यों में शामिल सभी लोगों को ई-पास जारी करना सुनिश्चित करें और इसकी कड़ी निगरानी भी रखी जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि उपायुक्त यह सुनिश्चित करें कि केवल उन्हीं ईंट भट्टों को खोला जाएजिन्हें एनजीटी ने अनुमति दी है।
         उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि उद्योग विभाग सभी उद्योगपतियों और प्रतिष्ठानों को तत्काल रुप से निर्देश जारी करें कि वे गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देशों के मानक संचालन प्रक्रिया (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर) अनुसार चैकलिस्ट का अनुपालन करें। इसके अलावाई-पास जारी करने के लिए एक सिस्टम बनाया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि पास केवल कार्य स्थान पर जाने और घर वापस जाने के लिए ही जारी किया जाना चाहिए।
         मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रत्येक उपायुक्त और सिविल सर्जन को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के जिला अध्यक्षों के साथ बैठकें करनी चाहिए और उन्हें निर्देशित करें कि जब उनके पास आने वाला कोई भी मरीज किसी प्रकार के बुखार से प्रभावित है या कोविड-19 के लक्षण हैंतो उन्हें तुरंत सिविल सर्जनोंजिला स्वास्थ्य अधिकारियों को रिपोर्टिंग करने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिएताकि रोगी को तुरंत आगे की जांच के लिए भेजा जा सके। उन्होंने कहा कि आईएमए को अपने डॉक्टरों को ऐसे रोगी के लक्षणों की तुरंत रिपोर्ट करने के लिए सचेत करना चाहिए और लापरवाही दिखाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
         उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि 20 अप्रैल2020 से जनरल ओपीडी फिर से शुरू होंगीइसलिए संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ओपीडी में आने वालों की एक व्यवस्था बनाई जाए ताकि सोशल डिस्टेंसिंग के मानदंडों की सख्ती से अनुपालना हो सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि ओपीडी को अस्पताल परिसर के बाहर बनाया जाना चाहिए और ओपीडी के बाहर मार्किंग की जाए ताकि ओपीडी के बाहर अधिक भीड़ न हो। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक जिलेब्लॉक और गांवों में मोबाइल ओपीडी के जाने की सूचना एडवांस में दी जाए ताकि अधिक से अधिक लोग इन ओपीडी की सेवाओं का लाभ उठा सकें।
         बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजीव अरोड़ा ने कहा कि नियंत्रण क्षेत्रों (कंटेन्मेंट जोन) के प्रोटोकॉल के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में कंटेन्मेंट जोन का आलेखन (प्लॉटिंग) किया जाना हैजिसके तहत ऐसे कंटेन्मेंट जोन में आने वाले विशेष गाँव की मैपिंग अक्षांश और देशांतर के अनुसार की जाएगी और उसके बाद तदनुसार तीन किलोमीटर या जो आवश्यक हैएक रेखा खींची जाएगी। उन्होंने कहा कि जहां तक अन्य क्षेत्रों का संबंध हैजो कंटेन्मेंट जोन में आते हैंऐसे क्षेत्रों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
         उन्होंने बताया कि कोविड रोगियों के अलावा गैर-कोविड रोगियों के स्वास्थ्य परीक्षण करने के लिए हर ब्लॉकगांव और जिले को कवर करने के लिए मोबाइल टीमों का गठन किया गया है और जहां कहीं भी उन्हें कोई फ्लू जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैंतो वे मौके पर ही सैंपल ले रहे हैं।
         उन्होंने बताया कि मोबाइल ओपीडी टीमों को आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है और जहाँ भी जरूरत होवितरित करने के लिए निर्देशित किया गया है। उन्होंने बताया कि कंट्रोल रूम के संपर्क नंबर टेली-मेडिसिन हेल्पलाइन के रूप में भी काम कर रहे हैं और लगभग 900 डॉक्टर टेली-मेडिसन के माध्यम से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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