मुझे पूरा विश्वास है कोरोना हरियाणा से हारेगा और भारत से भागेगा: मनोहर लाल

चंडीगढ़(Abtaknews.com)02अप्रैल,2020: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हमें इस कोरोना वायरस की महामारी से जूझते हुए इसे हर हाल में हराना है तथा जिस शिद्दत और संकल्प के साथ हम इस लड़ाई में लगे हुए हैंउससे मुझे पूरा विश्वास है कि कोरोना हरियाणा से हारेगा और भारत से भागेगा। लेकिन इसके लिए आज हमें कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन की अवधि को हमें अपने-अपने घरों में बैठकर बिताना होगाएकांत रहकर बिताना होगा। उन्होंने कहा कि हमेशा कहा जाता है कि अगर किसी चीज से लडऩा है तो इकट्ठे होकर लड़ोलेकिन यह लड़ाई दुनिया की एकमात्र ऐसी लड़ाई है जो इकट्ठे होकर नहीं बल्कि अलग अलग रहकर लडऩी होगी क्योंकि जब हम अकेले रहेंगे तो लड़ पाएंगे और अगर हम इकट्ठे हो गए तो हम हार जाएंगे। यह पहला ऐसा मुकाबला है जब दौडऩे वाला नहीं बल्कि रूकने वाला जीतेगा। इसलिए मेरा आप से यही अनुरोध है कि रुक जाएंअपने स्थान पर रहेंअपने घरों में रहें।
        मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ही प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की जिसमें हरियाणा की ओर से मुझे भी अपना विषय रखने का अवसर मिला। हमने राज्य सरकार द्वारा अब तक किए गए सभी इंतजामों के बारे में प्रधानमंत्री को अवगत करवाया तो राज्य के प्रयासों से मुझे वे संतुष्ट लगे कि हरियाणा ने इस समस्या से जूझने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि कुछ ग्राम पंचायतों ने फैसला लिया है कि वे गांव के अंदर जनता कफ्र्यू लगा कर रखेंगे। न तो बाहर से किसी व्यक्ति को आने देंगे और न ही गांव के किसी व्यक्ति को बाहर जाने देंगे। लोगों की सारी आवश्यकताएं इन 14 दिनों के अंदर गांव के अंदर ही पूरी करेंगे। यह बड़ी अच्छी बात हैअगर सभी गांवों में इस तरह की स्थिति बनेगी तभी हम अपने गांवों को इस महामारी से बचा पाएंगे।
श्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हाल ही में 1.70 लाख करोड़ रुपए के एक आर्थिक पैकेज की घोषणा की है। इस पैकेज में मुख्य तौर पर गरीब परिवारों को राहत पहुंचाई गई है जिसके तहत उन्होंने किसानों के खाते में राहत की पहली किस्त डालने की बात की है। इस तरहगरीब परिवारों का राशन भी दुगना कर दिया जाएगा और इस बार कोई पैसा नहीं लिया जाएगा ताकि राशन की कमी न पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने आज के अपने सम्बोधन में किसान के बारे में गहरी चिंता व्यक्त की है क्योंकि इस समय किसान की फसल पक कर तैयार है। संयोग से प्रदेश में इस बार वर्षा और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई है।  लेकिन  हमें इस बात का विचार करना पड़ेगा कि हमारी कटाई समय पर हो जाए। उन्होंने कहा कि उपज खरीद की भी एक जटिल समस्या है क्योंकि मजदूर यहां नहीं हैं और यदि सब लोग इकट्ठे होकर मंडी में आते हैं तो हमारा सोशल डिस्टेंसिंग का विषय भी भंग होता है। इस बार हमने विचार किया है कि कुछ न कुछ रास्ता निकालेंगे। इसलिएखरीद के कार्य को अलग-अलग चरणों में  करना पड़ेगा। उन्होंने बड़े किसानों से अपील कि वे इस में सरकार का सहयोग करें।  उन्होंने कहा कि इस बार 15 अप्रैल से सरसों की जबकि 20 अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू की जा रही है क्योंकि यह एक साथ नहीं हो पाएगी। इसलिए इसे हमें 30 जून तक ले जाना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि विभाग के पास इस बात का पूरा रिकॉर्ड है कि किस किसान ने कौन सी फसल बोई है और कितनी बोई है। इसलिए हम यह बताया जाएगा कि किस दिन किसको फसल बिक्री के लिए मण्डी में लेकर आनी है। उन्होंने कहा कि सरसों या गेहूं के लिए नमी की जितनी सीमा निर्धारित की गई हैउस सीमा तक इसे सुखाना होगा और जिन किसानों में अपनी फसल को स्टोर करने का सामथ्र्य  है उन से अनुरोध है कि वे उपज को अपने घर या मंडी में स्टोर कर सकते हैं। इसके लिएकिसानों को पर्याप्त  बारदाने की व्यवस्था करवाई जाएगी ताकि खरीद की यह प्रक्रिया सहज तरीके से पूरी की जा सके।
उन्होंने कहा कि किसान बैंकों को अपने फसली ऋणों की अदायगी जो आम तौर पर 15 अप्रैल तक करता थाइस बार वह 30 जून तक अदायगी कर सकता है। इस पर 30 जून तक जो ब्याज लगेगा उसकी भरपाई राज्य या केंद्र सरकार द्वारा की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन सामान्य मरीजों को आजकल अस्पतालों में जाने में कठिनाई है उनके लिए आज से टेलीमेडिसिन की सुविधा शुरू की गई है। जो लोग इसके जानकार हैं वे घर में बैठे हुए भी ऐसे मरीजों का इलाज करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमने कुछ नए डॉक्टरों की भी भर्ती की है और आज से आयुर्वेद के डॉक्टरों को भी हमने बेड़े में शामिल किया है ताकि ये लोग भी गांव-गांव जाकर लोगों को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान कर सकें। उन्होंने कहा कि हमने वालंटियर का एक ऐप बनाया है जिसके तहत 70000 लोगों में से 1000 डॉक्टर भी इस एप्प पंजीकृत हुए हैं जो अपनी सेवाएं देने के लिए तैयार हैं। हमने जिला प्रशासन को कहा है कि वे प्रदेश में जहां डॉक्टर कम हैं वहां ऐसे डॉक्टरों की सेवाएं ले सकते हैं। इसी तरहजहां तक आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई की बात है इसके लिए हमने सप्लाई चेन बनाई है तथा दुकानदारों और वॉलिंटियर्स को कहा गया है कि वे गांव-गांव जाकर आवश्यक वस्तुओं की  सप्लाई सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के शेष बचे 14 दिनों के अंदर वे  अपनी जीवन शैली में बदलाव लाकर किसी भी कमजोरी या बुरी आदत से छुटकारा पा सकते हैं। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों चाहे वे पंच होसरपंच होंजिला परिषद के सदस्य होंगांव के नंबरदार हों या चौकीदारइन सबका बहुत से लोगों के साथ संपर्क रहता है। इन लोगों को चाहिए कि वे लोगों को इस सम्बन्ध में जागरूक करें। उन्होंने कहा कि  जहां तक सोशल डिस्टेंसिंग का प्रश्न हैइसका हर व्यक्ति को पालना करना चाहिए चाहे वह शहर का हो या ग्रामीण।  उन्होंने कहा कि पंच को परमेश्वर की संज्ञा दी गई है। 
श्री मनोहर लाल ने कहा कि आज देश और प्रदेश पर आर्थिक दृष्टि से भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। लेकिन फिर भी हमने बहुत सी व्यवस्थाएं की हैं। प्रदेशवासियों को किसी भी तरह की कठिनाई नहीं आने दी जाएगी। इसके लिए कई प्रावधान किए गए हैं जो गरीब परिवार हैं उनके लिए मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना लागू की गई है।  इसके तहत लगभग 12 लाख परिवार पंजीकृत हैं जिन्हें एकमुश्त 4000 रुपये की राशि दी गई है। काफी लोगों के बैंक खाते में यह राशि पहुंच गई है और बाकी लोगों तक भी जल्द ही पहुंच जाएगी। इसी तरह भवन निर्माण श्रमिक बोर्ड द्वारा पंजीकृत लगभग 3.50 लाख श्रमिकों को भी 1000 प्रति सप्ताह की सहायता राशि देनी शुरू की है । इसी तरह अन्य गरीब बेघर परिवारों को राशन के साथ-साथ 1000 प्रति माह की राशि भी आज से मिलनी शुरू हो गई है जो एक-दो दिन में इन सबके बैंक खातों में पहुंच जाएगी। इसी तरह श्रमिक वर्ग ऐसे अन्य लोग हैं या गांव के जो छोटा-मोटा काम करने वाले लोग हैंचाहे वह गरीब किसान हो जिनका किसी भी सूची में नाम दर्ज नहीं हैइनमें शहरों के अंदर रिक्शा चलाने वाले लोग भी शामिल हैंऐसे गरीब लोगों के लिए आज से विशेष पंजीकरण शुरू किया गया है और लोग  सांझा सेवा केन्द्रों में जाकर इसके लिए रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। पंजीकरण होने के बाद इन्हें भी 1000 प्रति सप्ताह की दर से सहायता दी जाएगी ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा के तहत दी जाने वाली मजदूरी को 284 प्रतिदिन से बढ़ाकर 309 रुपये करने के लिए केन्द्र सरकार को एक पत्र लिखा गया है। इसी तरहमनरेगा के तहत मजूदरों फसल कटाई के काम में लगाने के लिए भी लिखा गया है। इससे मजदूरों के साथ-साथ किसानों को भी लाभ होगा। उन्होंने कहा कि किसान कल्याण के नाते से कई योजनाएं बनाई गई हैं और जो किसान सब्जी बोता है उसकी सब्जी की बिक्री के लिए भी शहरों के अंदर एफपीओ बनाए गए हैं ताकि किसान वहां जाकर अपनी सब्जी बेच सकें। इसके अलावायदि किसान सब्जी मंडी में जाकर भी अपनी सब्जी बेचेगा तो उसे इसका पूरा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि जहां तक दूध की बिक्री का सवाल है,  दूध खरीदने वाली एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे गांवों में दूध की खरीद पहले की तरह निरंतर बनाए रखें ताकि गांव के व्यक्ति की आय में किसी तरह की कमी न आए।
श्री मनोहर लाल ने कहा कि इस महामारी में लोगों के योगदान के लिए सरकार द्वारा ‘‘हरियाणा कोरोना रिलीफ फंड’ की स्थापना की गई हैजिसमें कोई भी व्यक्ति स्वेच्छा से योगदान दे सकता है। इसके काम के लिए सरकारी कर्मचारी भी आगे आए हैं और अब तक 80 हजार लोगों ने सरकार द्वारा बनाए गए पोर्टल पर पंजीकरण करवाया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए कर्मचारी एक प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत तक जितना चाहे योगदान कर सकते हैं। उन्होंने कहा सैकड़ों लोगों ने इस महीने का अपना शत-प्रतिशत वेतन इस कोष में दान किया है। अब तक इस फंड में  40 करोड़ रुपये का योगदान किया जा चुका है।  इसके अलावापेंशन धारकों के लिए भी हमने एक पोर्टल बनाया है ताकि ये लोग भी स्वेच्छा से योगदान दे सकें। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने सम्बोधन में कहा है कि कोरोना वायरस का यह संकट कोई छोटा संकट नहीं है।  आज तक हुए युद्धों में यह सबसे बड़ा संकट है और हम सबको इसमें खुले तौर पर आगे आना चाहिएचाहे वह गरीब हो या अमीर हो। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने आह्वान किया है कि किसी व्यक्ति में कितना भी योगदान करने का सामथ्र्य हो तो उसे करना चाहिए।  चाहे वह प्रधानमंत्री रिलीफ फंड में हो या किसी और फंड में या फिर चाहे वह स्थानीय स्तर पर भी क्यों न हो लेकिन योगदान अवश्य करना चाहिए। 
मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने अपने सम्बोधन के दौरान एक कहानी का हवाला देते हुए लोगों से आह्वान किया कि वे अपनी श्रद्धा से चाहे जो योगदान करें लेकिन कुछ न कुछ दान करने की आदत हर व्यक्ति में जरूर होनी चाहिए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने एक वीडियो के माध्यम से लोगों से घरों में रहने का फिर से आह्वान करते हुए कहा कि जब तक इस महामारी का प्रकोप है तब तक लोग सामूहिक तौर पर ताश खेलने या हुक्का गुडग़ुड़ाने जैसी आदतों से दूर रहें। मुख्यमंत्री ने महामारी से मौत की आशंका पर एक युवक द्वारा मोबाइल के माध्यम से उनको भेजी गई अपने सपने की कविता भी सुनाई।
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चंडीगढ़ 2 अप्रैल- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि कोविड-19 के मद्देनजरराज्य सरकार आयुष डॉक्टरों की सेवाएं लेने पर विचार कर रही है ताकि लोगों को निर्बाध गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं प्रदान की जा सकें। इसके लिएइन डाक्टरों को ऑनलाइन प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।
          श्री मनोहर लाल आज यहां वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से हरियाणा के सांसदोंहरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के साथ कोविड-19 के मदेनजर उत्पन्न हुई स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। इस अवसर पर उप-मुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चैटाला भी उपस्थित थे।
          मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज राज्य के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के दौरान कोविड-19 की स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए आयुष डॉक्टरों की सेवाओं को लेने पर भी पर बल दिया है।
          फसल की कटाई और इसकी खरीद का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 15 अप्रैल, 2020 से सरसों की और 20 अप्रैल, 2020 से गेहूं की खरीद शुरू करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि यह भी निर्णय लिया गया है कि सामूहिक रूप से किसान की उपज की खरीद की बजाए राज्य की मंडियों में फसल को क्रमबद्ध तरीके से खरीदा जाएगा। उन्होंने कहा कि उच्च उपज वाले बड़े किसानों से अनुरोध किया जाएगा कि वे अपनी उपज को अपने घर या किसी अन्य स्थान पर संग्रहीत करें। उन्होंने कहा कि उपज की खरीद करते समयछोटे किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों के फसली ऋण की किश्त की अदायगी की तारीख 15 अप्रैल, 2020 की बजाए 30 जून, 2020 कर दी है।
          मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि कई प्रवासी मजदूर जो राहत शिविरों में रह रहे हैंउन्होंने स्थानीय स्तर पर काम करने की इच्छा व्यक्त की है।  उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 4500 कंबाइन हार्वेस्टर हैं और यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा कि जो कंबाइन हार्वेस्टर मध्य-प्रदेश राज्य से हरियाणा में आती हैं वे भी यहां कटाई के समय पर पहुंच सकें।
          उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया है कि वह उन किसानों के लिए राज्य को राहत पैकेज प्रदान करेंजो सीजन के अंत में मंडियों में अपनी उपज लेकर आएंगें। उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि केन्द्र सरकार किसानों के हित में राज्य के अनुरोध पर विचार करेगी।
          मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी राशन कार्ड-धारकों को 5 अप्रैल, 2020 तक राशन उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पास राशन कार्ड नहीं हैंउनके लिए पैक्ड राशन की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि स्थानीय नेताओंगैर सरकारी संगठनों और अन्य सामाजिक संगठनों की सहायता से ऐसे लाभार्थियों की एक सूची भी तैयार की जाए। 
          इस अवसर पर मुख्य सचिव श्रीमती केशनी आनंद अरोड़ास्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजीव अरोड़ागृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजय वर्धनमुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव श्री वी. उमाशंकर और कार्मिकप्रशिक्षणसतर्कता और संसदीय कार्य विभाग के सचिव श्री नितिन यादव भी उपस्थित थे।
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चंडीगढ़ 2 अप्रैल- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि राज्य सरकार आज से प्रदेश में टेली-मेडिसिन सेवा शुरू करने जा रही हैताकि उन लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराई जा सके जो अस्पताल नहीं जा सकते।  इसके अलावाराज्य के 14 स्थानों पर 3000 बेड क्षमता वाले कोविड-19 अस्पताल स्थापित किए गए हैं।        
          श्री मनोहर लाल ने यह जानकारी आज यहां चंडीगढ़ में नई दिल्ली से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ की गई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में दी। इस अवसर पर यहां हरियाणा के उप-मुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चैटाला और स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज भी उपस्थित थे।
         वीडियो कान्फ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री ने सुझाव देते हुए कहा कि हालांकि वर्तमान में राज्य में पीपीई किट का पर्याप्त भंडार है और इसके अलावा 2.50 लाख किट के आर्डर  दिए गए हैंइस प्रकार की और अधिक किटों को आयात करने के विकल्प पर विचार किया जाना चाहिए। तेजी से परीक्षण की ओर बढऩे की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि इंडियन कॉउन्सिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) को कोविड-19 का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए परीक्षण सुविधाओं को और बढ़ाना चाहिए।
          प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा गरीबोंकिसानों और चिकित्सा पेशे से जुड़े लोगों के लिए 1.70 लाख करोड़ रुपये के विशेष राहत पैकेज की घोषणा करने के लिए धन्यवाद करते हुए उन्होंने केंद्र सरकार से सीसीएल के 4000 करोड़ रुपये के पुनर्भुगतान को स्थगित करने का अनुरोध किया और कहा कि आरबीआई को इस ऋण का भुगतान करना चाहिए। 
          श्री मनोहर लाल ने कहा कि कोविड-19 को लेकर अभी तक अन्य राज्यों की तुलना में हरियाणा में स्थिति नियंत्रण में है। गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ)अन्य सामाजिक संगठनस्वयंसेवक और राज्य के लोग नॉवेल कोरोना वायरस के खिलाफ अपनी लड़ाई में राज्य सरकार को पूरा समर्थन दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा समय-समय पर दिए गए निर्देशों और केंद्र सरकार के अन्य विभागों द्वारा दिए गए दिशानिर्देशों का अक्षरक्ष: पालन किया जा रहा है। राज्य सरकार ने दवाओं सहित सभी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति श्रृंखला में निरंतरता सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा अब तकहरियाणा इस बीमारी के सामुदायिक संचरण को नियंत्रित करने में सफल रहा है।
          उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 13,500 लोगों को निगरानी में रखा गया है। पॉजिटिव कोरोना वायरस के मरीजों के संपर्क में आए 817 लोगों के सैंपल लिए गए हैंजिनमें से 546 सैंपल नेगेटिव पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य में केवल 20 पॉजिटिव मामले हैं जोकि 33 पॉजिटिव मामले थे और इनमें से 13 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
          प्रवासी मजदूरों के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें भोजन और आश्रय की बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने के लिए राज्य में राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 13,000 प्रवासी मजदूरों को इन शिविरों में शरण ली हैजिसमें उनके लिए परामर्श या काऊसलिंग की व्यवस्था भी की गई है। इसके अलावाटेलीविजन (टीवी) की व्यवस्था भी कुछ शिविरों में की गई है और इन शिविरों में लोगों को योगध्यान और अन्य मनोरंजक गतिविधियों का अभ्यास करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ मजदूरों ने स्थानीय स्तर पर काम करने की इच्छा भी व्यक्त की है और इस पर विचार किया जा रहा है।        
          दिल्ली के निजामुद्दीन क्षेत्र में तबलीगी जमात के जमावड़े पर चिंता व्यक्त करते हुए श्री मनोहर लाल ने कहा कि राज्य के पांच जिलों में ऐसे 107 विदेशों से आए हुए व्यक्तियों सहित 1277 ऐसे व्यक्तियों की पहचान की गई है और विदेशों से आए हुए व्यक्तियों का पासपोर्ट भी जब्त कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई हैं और उसी के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि 725 ऐसे लोगों को क्वारंटीन में रखा गया है।        
           उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जरूरत के इस समय में विशेष रूप से गरीब लोगों को राहत देने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि लगभग 13.50 लाख निर्माण श्रमिकों को 1000 रुपये प्रति सप्ताह की दर से वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि जहां राहत प्रदान करने के लिए पहले ही 3000 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा चुकी हैवहीं दूसरी ओर इस महीने के लिए अतिरिक्त 1500 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है।
          उन्होंने कहा कि हरियाणा कोरोना रिलीफ फंड राज्य में स्थापित किया गया है और लोगों से अपील की गई है कि वे इस फंड में उदारता से योगदान करें ताकि राज्य सरकार को कोविड-19 महामारी से निपटने में सहयोग मिल सके। इसके अलावाराज्य सरकार के कर्मचारी भी आगे आ रहे हैं और अपने मूल वेतन के एक हिस्से का योगदान भी कर रहे हैं। योगदान के माध्यम से अब तक 100 करोड़ रुपये से अधिक एकत्रित किए गए हैं। चूंकि अभी भी बड़ी संख्या में लोगों ने फंड में योगदान करने की इच्छा व्यक्त की हैइसलिए यह उम्मीद की जा रही है कि संग्रह की राशि में और वृद्धि होगी।
          मुख्यमंत्री ने कहा कि फसल कटाई के मौसम को देखते हुए राज्य में किसानों को अपने घर में फसल का भंडारण करने की सलाह दी गई है और  राज्य सरकार उनकी उपज के विपणन की व्यवस्था क्रमबद्ध तरीके से करेगी।
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चंडीगढ़ 2 अप्रैल- हरियाणा के उपमुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटालाजिनके पास उद्योग एवं वाणिज्य श्रम व रोजगार विभागों का प्रभार भी है ने राज्य के सभी जिला श्रमायुक्तों तथा विभाग के उप-निदेशकों को निर्देश दिए है कि राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में उद्योगों से से हटाए गए श्रमिकोंबिना वेतन व दिहाड़ी के रह गए  श्रमिकोंड्राई राशन न मिलने वाले श्रमिको तथा शैल्टर हॉम्स में ठहराए गए श्रमिकों की सूची तैयार कर 72 घंटों के अन्दर-अन्दर मुख्यालय को भिजवाना सुनिश्चित करे।
उप मुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटाला आज यहां हरियाणा सिविल सचिवालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से फील्ड अधिकारियों के साथ कोरोना वायरस व लॉकडाउन अविध के दौरान प्रदेश में श्रमिकों की स्थिति पर बुलाई गई समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
बैठक में उपमुख्यमंत्री ने इस बात के भी निर्देश दिए कि अधिकारी ईट-भ_ïोंकैशरजोननिर्माण स्थलों तथा अधिक जनसंख्या वाले पानीपतगुरुग्राम व फरीदाबाद शहरों में रह रहे श्रमिकों की जमीनी स्तर पर स्थिति का जायजा लेने के लिए व्यक्तिगत रूप से स्थलों को दौरा करे और वीडियो क्लीपिंग के साथ फोटो मुख्यालय को भेजे।
बैठक में श्री दुष्यंत चौटाला ने इस बात की जानकारी दी कि भारत सरकार व राज्य सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशानुसार राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन अवधि के दौरान कोई भी उद्योग या नियोक्ता अपने संस्थानों से किसी भी श्रमिक को जबरन निकाल नहीं सकता  और यदि वे ऐसा करते हैं तो उनके विरूद्ध  नियमानुसार  कड़ी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस अवधि के दौरान उद्योग व नियोक्ता को अपने स्तर पर या जिला प्रशासनरेड क्रॉस व सामाजिक संगठनों के सहयोग से श्रमिकों के खाने पीने व ठहरने की व्यवस्था  करनी होगी। उन्होंने इस बात की भी जानकारी दी कि इस अविध के दौरान सरकार ने स्थिति की समीक्षा के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठï अधिकारियों  को हर जिले के नोडल अधिकारी नियुक्त किया है तथा जिला उपायुक्तों के माध्यम से आवश्यक प्रबंध करने के लिए जिला श्रमायुक्त इनसे सम्पर्क कर सकते हैं।
बैठक में श्री दुष्यंत चौटाला ने अधिकारियों को कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं का विनिर्माण करने वाली  फैक्ट्ररियों का संचालन आवश्यक रूप से सुनिश्चित करे।  उन्होंने कहा कि अधिकारी इस बात का भी ध्यान रखे कि कोई भी उद्यमी विशेषकरलघुसूक्ष्म एवं मध्यम श्रेणी के उद्यमी अपने श्रमिकों को जबरन अवकाश पर न भेजे क्योंकि एक बड़ी संख्या में देश के उत्तर प्रदेशबिहारराजस्थान व उत्तर-पूर्वी राज्यों से बड़ी संख्या में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र व हरियाणा के उद्योगों में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान उद्योगों की सुरक्षा के लिए प्राइवेट सिक्योरिटी को भी आवश्यक वस्तु अधिनियम की श्रेणी में रखा गया है।  संबंधित जिला पुलिस अधीक्षक को आवश्यक कदम उठाने के लिए अवगत करवाया जाएगा।
        श्री दुष्यंत चौटाला ने बैठक में इस बात की भी जानकारी दी कि सभी जिला खाद्य नियंत्रक अधिकारियों को निर्देश दिए जा चुके हैं कि वे थोक एवं खुदरा व्यापारियों की दुकानों पर रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुएं राशनकिरयाना व सब्जी के भाव की सूची सरकार द्वारा निर्धारित मूल्यों के अनुरूप प्रतिष्ठïानों पर चिपकाना सुनिश्चित करें ताकि दुकानदार ग्राहकों से अधिक मूल्य न वसूल सके। उन्होंने कहा कि अगर दुकानदार अधिक मूल्य वसूलते हैं तो उनके विरूद्घ महामारी अधिनियम के उल्लघंन के अनुरूप सख्त कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत वितरित किए जाने वाले अप्रैल माह का राशन का कोटा 5 अप्रैल तक तथा मई माह में वितरित किए जाने वाला कोटा भी 15 अप्रैल से पहले डिपो होल्डर के पास पहुंच जाएगा।
        बैठक में राज्य श्रम आयुक्त श्री पंकज अग्रवालश्रम विभाग के प्रधान सचिव श्री विनीत गर्ग के अतिरिक्त विभाग अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
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चंडीगढ़, 2 अप्रैल- हरियाणा सरकार ने राज्य के सहकारी बैंकों के किसान और आम जनमानस उपभोक्ताओं द्वारा लिए गए ऋणों की किश्त की अदायगीजो अप्रैल माह में देय थीको तीन माह यानि 30 जून, 2020 तक स्थगित करने का निर्णय लिया है। इसके अलावाऐसे सभी उपभोक्ताओं को ब्याज में आर्थिक सहायता (इंटरेस्ट सबवेंशन) भी प्राप्त होगा।
यह जानकारी आज यहां हरियाणा के सहकारिता मंत्री डा बनवारी लाल ने दी। उन्होंने कहा कि नॉवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) के प्रकोप के चलते राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है ताकि इन बैंकों के ऐसे उपभोक्ताओं को इस संकट की स्थिति में कोई दिक्कत न हो।
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चंडीगढ़, 2 अप्रैल- हरियाणा की मुख्य सचिव श्रीमती केशनी आनन्द अरोड़ा ने बैंकर्स से आह्वान किया है कि वे प्रदेश में प्रत्येक जिले में  बैंक  और एटीएम खुले रखें ताकि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत दिए जा रहे वित्तीय लाभ को आमजन द्वारा प्राप्त किया जा सके। इसके अलावाबैंकों और एटीएम में भीड़ इक_ा न हो इसे रोकने के लिए एटीएम में नगद की व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा मोबाइल एटीएम की सुविधा हर जिले में शुरू की जाए।
श्रीमती अरोड़ा आज यहां वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से संकट समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं।
        मुख्य सचिव ने कहा कि आमजन के घर द्वार पर  वित्तीय लाभ पहुंचाने के लिए बैंक कॉरस्पोडेंट को हर गांव में भेजने का एक तंत्र बनाया जाए ताकि बैंकों में एक समय पर अधिक लोग इक_ा न हो सकें। उन्होंने कहा कि इनके लिए ऑनलाइन पास की सुविधा भी मुहैया करवाई जाए और नाको पर खड़े पुलिसकर्मियों को विशेष निर्देश दिए जाएं कि बैंक कॉरस्पोडेंट के आवागमन पर किसी प्रकार की रोक न लगाई जाए।
मुख्य सचिव ने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि कोरोना रिलीफ फंड के लिए नगद में दान न लिया जाए बल्कि लोगों को डिजिटल माध्यम से दान देने के लिए प्रेरित किया जाए और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रवासी मजदूरों के आवागमन पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए और जो जहां हैं उन्हें वहीं रोक कर बनाए गए रिलीफ कैंपों में रखा जाए। इसके साथ ही अंतर जिला सीमाओं पर विशेष तौर पर नजर रखी जाए।  उन्होंने कहा कि रिलीफ कैंपों में रह रहे सभी प्रवासी मजदूरों का डाटा इक_ा किया जाएजिसमें उनका नाममोबाइल नंबरआधार नंबर इत्यादि जानकारी शामिल हो और यह डाटा ऑनलाइन भी उपलब्ध करवाया जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय संकट प्रबंधन समन्वय समूह बनाए जाएं जो कोरोना वायरस से संबंधित सभी प्रकार की कार्य योजना की प्रगति एवं निगरानी रखेंगे।
मुख्य  सचिव ने कहा कि डॉक्टरपैरामेडिकल स्टाफ और स्वास्थ्य सेवाओं में लगे सभी कर्मचारियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए और पीपीई किटमास्कसैनिटाइजरवेंटिलेटरऑक्सीजन सिलेंडर जैसे सभी चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता और आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि पीपीई किट के निर्माण की ज्यादा से ज्यादा संभावनाएं तलाशी जाए और बनाने के बाद इनकी जांच चिकित्सा मानदंडों के अनुसार की जाए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में वर्तमान में वेंटीलेटर्सटेस्टिंग किटआइसोलेशन बैड की उपलब्धता की समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि निजी लैब की संख्या को बढ़ाया जाए और सुपरवाइजर ऑफिसर भी इन निजी लैब की सुपरविजन के लिए लगाए जाए। उन्होंने कहा कि टेली मेडिसन और मोबाइल ओपीडी की सुविधा भी जल्द शुरू की जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि सेवानिवृत्त डॉक्टरपूर्व सैनिकों की सूची तैयार की जाए और आयुष के डॉक्टरों को भी इसमें शामिल किया जाए। इसके अलावाहर जिले में डॉक्टरों की रैपिड रिस्पॉंस टीमें भी बनाई जाए।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि स्लम क्षेत्रों में रहने वाले सभी लोगों पर कड़ी निगरानी रखी जाए और उनकी थर्मल स्कैनिंग की जाए ताकि कोरोना को फैलने से रोका जा सके।
        उन्होंने कहा कि विभिन्न राहत गतिविधियों में सहयोग लेने के लिए एनएसएस और एनसीसी वॉलंटियर्स की ऑनलाइन ट्रेनिंग करवाई जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि वृद्ध आश्रम में रहने वाले बुजुर्गों की देखभाल के कार्य में लगे हैं वॉलंटियर्स की विशेष तौर पर ट्रेनिंग करवाई जाए।
मुख्य सचिव ने झूठी फॉल्स’ खबर से जनता को दूर रखने के लिए निर्देश देते हुए कहा कि जिलों में जागरूकता गतिविधियों को तेज किया जाए और अफवाह फैलाने वालों पर नकेल कसें और झूठी खबर फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक वस्तुओं और उत्पादों का उत्पादन बंद नहीं किया जाना चाहिए। इसके अलावापड़ोसी राज्यों से आने वाली आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही भी सुचारू रूप से होनी चाहिए।
उन्होंने रिलीफ कैंपों की सफाईवहां रहने वाले प्रवासियों की थर्मल जाँच करने और शौचालयों की विशेष तौर पर सफाई करवाने के भी निर्देश दिए।
क्रमांक- 2020
  

चंडीगढ़, 2 अप्रैल- हरियाणा सरकार ने तुरंत प्रभाव से एक आईएएस अधिकारी के स्थानांतरण एवं नियुक्ति आदेश जारी किए हैं ।
        उद्योग और वाणिज्य विभाग के निदेशक एवं विशेष सचिव और नागरिक उड्डयन विभाग के सलाहकार और विशेष सचिव श्री साकेत कुमार को उनके वर्तमान कार्यभार के अलावा आयुष के निदेशक का कार्यभार सौंपा गया है।

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