आईएएस रानी नागर के समर्थन में उतरीं पूर्व चेयरपर्सन कमलेश पांचाल

चंडीगढ़ (Abtaknews.com)27 अप्रैल, (हप्र)। हरियाणा सरकार में अतिरिक्त निर्देशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग एवं निर्देशक अभिलेखागार विभाग पर कार्यरत वर्ष 2014 की आईएएस सुश्री रानी नागर की अपने पद से इस्तीफा देने की वीडियो ने इन दिनों राजनैतिक व प्रशासनिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। समझ नही आ रहा कि क्या कारण है कि एक आईएएस अधिकारी क्यों इस्तीफा देने को मजबूर है! 
 देश भर की राजनैतिक हस्तियां व गुज्जर समाज के लोग आईएएस रानी नागर से साथ खड़े नज़र आ रहें है। इस कड़ी में वरिष्ठ अधिवक्ता एवं हरियाणा राज्य महिला आयोग की पूर्व चेयरपर्सन कमलेश पांचाल भी आईएएस अधिकारी के समर्थन में खड़ी हुई हैं। 
पूर्व चेयरपर्सन कमलेश पांचाल ने कहा कि- कहा गयी वो भाजपा सरकार जो बेटी बचाओ - बेटी पढ़ाओ के नाम पर बड़ी - बड़ी बातें करती थी। आज जब भारतीय प्रशासनिक सेवा की एक अधिकारी अपने आप को सुरक्षित महसूस नही कर रही, जिसके साथ कई बार अपराधिक घटनाओं को अंजाम देने की कोशिश की जा चुकी हैं तो देश - प्रदेश की आम बेटियां सुरक्षित है इसका क्या प्रमाण है। 
             पूर्व चेयरपर्सन ने कहा कि रानी नागर एक युवा और गतिशील महिला अधिकारी हैं जिन्हें प्रदेश सरकार द्वारा परेशान किया जा रहा है। यह बहुत दुःख की बात है जब सुश्री नागर 17 अप्रैल को सोशल नेटवर्किंग साइट पर अपना वीडियो पोस्ट करती हैं जिसमें वह कहती है कि लॉक डाउन के पश्चात वे अपना इस्तीफा देंगी और साथ ही उन्होंने प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों की ओर से अपनी जान का खतरा बताया क्योंकि सम्बंधित अधिकारियों के विरुद्ध नागर ने चंडीगढ़ सीजीएम कोर्ट में केस संख्या - 3573/2019 दाखिल किया हुआ है। 
              कमलेश ने कहा कि दिसम्बर 2017 में जब रानी नागर उपमंडल डबवाली में बतौर एसडीएम पद पर कार्यरत थी तब भी उनके ऊपर अज्ञात के द्वारा हमला किया गया था, उसके पश्चात स्वंम सुश्री नागर ने पुलिस महानिदेशक को अपनी सुरक्षा को लेकर गुहार लगाई थी व उसके बाद भी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित महिला कई बार सरकार से गुहार लगा चुकी है परन्तु आज तक हरियाणा की इस गूँगी - बहरी जुमलेबाज सरकार के कानों पर कोई जूं रेंगने का काम नही हुआ। ऐसे मामले सरकार की कानून व्यवस्था व कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह खड़े करते हैं। 
              पूर्व चेयरपर्सन ने कहा कि जून 2018 में जब रानी नागर ने पशुपालन विभाग में सचिव पद पर कार्यरत थीं तो उन्होंने विभाग के ही एसीएस सुनील कुमार गुलाटी पर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। क्यों उसी समय सरकार ने मामले की जांच किसी स्वंतत्र एजेंसी से क्यों नही करवाई! उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि यहाँ बेटियाँ न्याय के लिए भटक रहीं हैं और प्रदेश सरकार अपनी कुम्भकर्ण की नींद से जागें। यदि प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ऐसे मामले नही रुके तो वो दिन दूर नही जब युवा चेहरे देश - प्रदेश की प्रशासनिक व पुलिस सेवाओं से अपने पैर पीछे खींचना शुरू कर देंगे। 
पांचाल ने कहा कि उन्होंने इस बाबत देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, हरियाणा के मुख्यमंत्री, गृह मंत्री विज, मुख्य सचिव, राज्य पुलिस महानिदेशक व राष्ट्रीय महिला आयोग को पत्र के माध्यम से सुश्री रानी नागर को न्याय दिलाने के लिए गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि सुश्री रानी नागर अपने आप को अकेला ना समझे जब तब उन्हें न्याय नही मिलेगा वे उनके साथ हर संघर्ष करने को तैयार हैं।

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