पलवल जिला में मनरेगा के तहत लॉक डाउन में एक हजार से अधिक श्रमिकों को मनरेगा से मिला रोजगार

पलवल(abtaknews.com)23 अप्रैल। कोविड-19 वैश्विक महामारी के चलते लॉकडाउन के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी (मनरेगा) योजना के तहत श्रमिकों को रोजगार देने के उद्देश्य से जिला की 12 ग्राम पंचायतों में कार्य आरंभ हो चुका है वहीं खाद्य एवं पूॢत विभाग को मंडियों में गेंहू व सरसों की खरीद से जुड़े कार्यों के लिए मनरेगा तहत पंजीकृत श्रमिकों की सूची सौंपी जा चुकी है। इन पंचायतों में 14 अलग-अलग परियोजनाओं 335 श्रमिकों ने काम करना आरंभ भी कर दिया है तथा मंडियों में भी 900 से अधिक मनरेगा श्रमिक काम करने के लिए आगे आए। जिसके चलते लॉकडाउन में जरूरतमंदों को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए वहीं ग्रामीण विकास को नई गति मिली।
श्रमिकों को मिली कोरोना से बचाव की सुविधाएं---उपायुक्त नरेश नरवाल ने बताया कि जिला में मनरेगा के तहत जारी कार्यों में कोरोना वायरस से बचाव के लिए आवश्यक सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। सरपंच व मेट के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मजदूर कार्यस्थल पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, मुंह को मास्क या कपड़े से ढककर रखें और अपने हाथ साबुन से धोएं। इसके अलावा, यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि मौके पर तम्बाकू, बीड़ी या गुटखे का प्रयोग न हो। वहीं अनाज मंडियों में भी मार्केट कमेटी के अधिकारियों को भी श्रमिकों की सुविधा के लिए आवश्य दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं।
विकास के साथ जनकल्याण में कारगर योजना---उपायुक्त ने बताया कि मनरेगा कार्यक्रम के तहत जिला के गांव करवाका व रहराना में तालाब की खुदाई, रसूलपुर में पार्क एवं व्यायायशाला का विकास, डाडका में रूरल कनेक्टिविटी का कार्य व फिरोजपुर राजपूत में व्यायामशाला में मिट्टी के भरत आदि कार्य सुचारू रूप से जारी है। वहीं अन्य पंचायतों में भी लॉकडाउन के दौरान एक ओर जहां विकास परियोजनाएं जारी हैं वहीं जरूरत के समय श्रमिकों को रोजगार के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि फसल खरीद आरंभ करने के लिए जब श्रमिकों की मांग आई तो 217 श्रमिकों ने काम करने की इच्छा जताई उसके उपरांत अन्य पंचायतों से भी 700 श्रमिक काम करने के लिए इच्छुक नजर आए। जिनकी सूची मंडीवाइज खाद्य एवं पूॢत विभाग को उपलब्ध करा दी गई।  
विभिन्न विभागों के कार्य में मनरेगा बनेगी मददगार--सीईओ जिला परिषद एवं एसडीएम पलवल कंवर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि मनरेगा के तहत ग्रामीण विकास से जुड़े सभी विभागों में कार्य होते है। हाल ही में ग्रामीण विकास से जुड़े विभागों में मनरेगा से संबंधित कार्यों को लेकर चर्चा हो चुकी है। जिसके तहत सिंचाई, पशुपालन, शिक्षा, मार्केटिंग बोर्ड, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर आदि विभागों से मनरेगा के तहत होने वाले कार्यों की डिमांड मांगी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि पशुपालन विभाग ने 19 वेटनरी अस्पताल व डिस्पेंसरी में मिट्टी भरत के कार्य मनरेगा के तहत कराने की सहमति भी दे दी है। इसी तरह वर्ष 2020-21 के दौरान ग्रामीण गरीब परिवारों के लिए मनरेगा स्कीम में व्यक्तिगत श्रेणी के तहत कैटल शैड बनाने की मुहिम के तहत 207 लाभार्थियों की पहचान की गई है।
जिला में मनरेगा के तहत इन पंचायतों में कार्य जारी--पलवल जिला के पलवल खण्ड की चार पंचायत नामत: रहराना, चांदपुर, असावटा, कारना, हसनपुर खण्ड की दो पंचायत रामगढ़ व गुलावड़, होडल खण्ड में डाडका ग्राम पंचायत, बड़ौली खण्ड में नंगलिया व रसूलपुर, पृथला खण्ड में कलवाका, हथीन खण्ड में फिरोजपुर राजपूत व सांपनकी में मनरेगा के तहत कार्य आरंभ हो चुके हैं।
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पलवल जिला में 1.46 लाख क्विंटल गेहूं व 2004 मीट्रिक टन सरसों की हुई खरीद : नरेश नरवाल
पलवल, 23 अप्रैल। राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के बावजूद पलवल जिला में किसानों के गेहूं की खरीद करने के व्यापक प्रबंध के चलते गेंहू खरीद प्रक्रिया के आरंभ होने के तीन दिन में ही मंडियों में सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखकर अब तक लगभग एक लाख 46 हजार चार सौ 35 क्विंटल अधिक गेहूं खरीदा जा चुका है। वहीं जिला के 118 गांवों के 771 किसानों की 2004 मीट्रिक टन सरसों खरीदी जा चुकी है।
उपायुक्त ने बताया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने एक दिन पहले खरीद कार्य में शामिल सभी किसानों, आढ़तियों, मजदूरों और सरकारी कर्मचारियों चाहे वह नियमित हो या आउटसोर्सिंग, को 10 लाख रुपये के जीवन बीमा देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि मंडियों में सोशल डिस्टेंस की पालना को लेकर अभी सीमित संख्या में किसानों को बुलाया जा रहा है लेकिन जिला के किसान निश्चिंत रहें उनकी फसलों का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। उन्होंने कहा कि 1925 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की कीमत मंडियों से गेहूं की उठान होने के साथ ही किसानों के खातों में जमा करा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि गेंहू की खरीद के लिए 34 खरीद केन्द्र व सरसों के 2 खरीद केन्द्र स्थापित किए हैं। इन खरीद केन्द्रों में व्यवस्था बनी रहे, हर खरीद केन्द्र को सेनिटाईजेशन के अलावा हर किसान व कर्मचारी के लिए मास्क का प्रबंध किया गया है व हैंड सेनिटाइजर और थर्मल स्कैनिंग के भी प्रबंध किए गए हैं।        
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि पलवल जिला में गेहूं की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद 20 अप्रैल को आरंभ हुई थी। जिला की मुख्य मंडियों व अतिरिक्त खरीद केंद्रों पर पहले दिन 16506 क्विंटल, दूसरे दिन 58911 क्विंटल तथा 22 अप्रैल को तीसरे दिन 71018 क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है। उन्होंने बताया कि इस बार मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकृत किसानों की उपज खरीदी जा रही है। सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया को पुन: आरंभ कर दिया है। जिला में गेहूं व सरसों की सरकारी खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने के लिए 107 सरकारी स्कूलों में मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर नि:शुल्क पंजीकरण किया जा रहा है। किसानों को इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए।
 

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