पलवल जिला के पांच गांवों में महिलाओं के 13 स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 50 महिलाओं की सराहनीय पहल

पलवल(abtaknews.com)28 अप्रैल,2020: कोविड-19 वैश्विक महामारी से बचाव के लिए सुरक्षा चक्र को मजबूत बनाने में पलवल जिला की 50 महिलाओं ने उल्लेखनीय कार्य किया है। हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े 13 स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी यह महिलाएं इन दिनों कपड़े व डिस्पोजेबल फेस मास्क तैयार कर रही है। इतना ही नहीं इन महिलाओं के दो स्वयं सहायता समूहों ने तो पीपीई किट तक तैयार कर दी। उपायुक्त नरेश नरवाल ने इस कार्य के लिए इन महिलाओं की सराहना की और कोरोना से बचाव के सुरक्षा चक्र को मजबूत बनाने में स्वयं सहायता समूहों के योगदान को अनुकरणीय बताया।
मांग के अनुरूप पीपीई किट की आपूॢत में भी सक्षम--पलवल जिला के पांच गांव नामत: गदपुरी, सारोली, मंडकोला, मंदौरी व रहराना में हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े 13 स्वयं सहायता समूहों की 50 सदस्याएं सोशल डिस्टेंस मेनटेन करते हुए दिन रात लोगों की सुरक्षा कवच के रूप में उपयोग होने वाले मास्क बना रही हैं। मंडोरी के हरि दर्शन व शिव दर्शन ग्रुप की सदस्याओं ने तो पीपीई किट भी तैयार की है। हालांकि अभी तक इन स्वयं सहायता समूहों द्वारा केवल फेस मास्क वितरित किए गए है लेकिन अगर पीपीई किट की आपूॢत की मांग आई तो यह समूह आपूॢत करने के लिए तैयार है।
स्वास्थ्य विभाग ने भी दिखाई रूचि-- वहीं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के इस प्रयास की स्वास्थ्य विभाग ने भी सराहना की है। सिविल सर्जन डा. ब्रह्मदीप सिंह ने कहा कि अगर यह ग्रुप स्वास्थ्य विभाग से जुड़ कर पीपीई किट तैयार करें तो विभाग की ओर से इनको रॉ मैटिरियल उपलब्ध कराया जा सकता है। स्थानीय स्तर पर पीपीई किट उपलब्ध होने से न केवल लागत में कमी आएगी बल्कि उपयोगी सामग्री के इस्तेमाल से लंबे समय तक चलने वाली किट भी तैयार की जा सकती है।
महिलाओं के स्वावलंबन के लिए बने स्वयं सहायता समूह-- अतिरिक्त उपायुक्त एवं आजीविका मिशन के जिला मिशन निदेशक वत्सल वशिष्ठ ने बताया कि पलवल जिला में हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बने स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को स्थाई आजीविका के रास्ते सुगम करने हेतु कृषि व लघु उद्योग से संबंधित विभिन्न प्रकार की गतिविधियों का सफल संचालन किया जा रहा है जोकि मिशन का मुख्य उद्देश्य है। इसी क्रम में समूह सदस्यों को कौशल विकास एवं स्थाई आजीविका उपलब्ध कराते हुए खंड स्तर पर सिलाई केंद्र भी स्थापित किए गए हैं। उक्त सिलाई केंद्रों का समूह की महिला सदस्यों द्वारा सामान्य कार्य को छोडक़र समय की आवश्यकता को मद्देनजर रखते हुए राष्टï्रहित में अब कोविड-19 से बचाव की दिशा में अपनी भागीदारी मास्क बनाकर सुनिश्चित कर रही हैं। ग्रामीण अंचल की महिलाओं की इस पहल को प्रोत्साहन मिलना चाहिए।
मांग के अनुरूप बढ़ाया उत्पादन-- स्वयं सहायता समूह से जुड़ी गांव मंदौरी की कमलेश, मंडकोला की मीना देवी, सारोली की बबीता, गदपुरी की सविता ने बताया कि सिलाई केंद्रों पर 5 से 10 महिलाएं प्रत्येक केंद्र पर रोजाना कोविड-19 के तहत बचाव रखते हुए पूरी एक दूसरे से दूरी निर्धारित रख एवं स्वच्छता का पूर्ण ध्यान रखते हुए कपड़े व डिस्पोजेबल मास्क बनाने में जुटी हैं। शुरुआत में आस-पड़ोस में फेस मास्क नि:शुल्क वितरित किए गए थे लेकिन बाद में मांग के अनुरूप उत्पादन बढ़ाया और निरंतर आपूॢत जारी है। जिसके चलते सदस्याओं की आमदनी में भी बढ़ोतरी हो रही है।
मार्केटिंग बोर्ड व नूंह जिला से अधिक मांग-- मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक नजमुश ने जानकारी देते हुए बताया कि मास्क जैसीआवश्यक वस्तु का उपयोग आमजन तक पहुंचाने के लिए अब तक 64000 मास्क तैयार किए जा चुके हैं। मंडियों में फसल खरीद सीजन आरंभ होने पर मार्केटिंग बोर्ड को 11 हजार, नूंह जिला को 48 हजार तथा चार हजार फेस मास्क की स्थानीय बाजार में आपूॢत की जा चुकी है। यह समूह डिस्पोजेबल व वाशेबल दोनों तरह के मास्क तैयार कर रहे हैं। हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ कर इन महिलाओं को ऐसा प्लेटफार्म मिला है जहां एक ओर इन्हें अपना हुनर दिखाने का अवसर मिला वहीं दूसरी आॢथक स्वावलंबन से उद्यमशीलता के आत्मविश्वास में भी बढ़ोतरी हुई।
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पलवल जिला में 7.05 लाख क्विंटल गेहूं व 2449 मीट्रिक टन सरसों की हुई खरीद: नरेश नरवाल

पलवल, 28 अप्रैल। राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के बावजूद पलवल जिला में किसानों के गेहूं की खरीद करने के व्यापक प्रबंध के चलते गेंहू खरीद प्रक्रिया के आरंभ होने के चार दिन में ही मंडियों में सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखकर अब तक लगभग सात लाख पांच हजार 175 क्विंटल अधिक गेहूं खरीदा जा चुका है। वहीं हथीन व पलवल अनाज मंडी में सरसों के लिए बनाए गए विशेष खरीद केंद्रों पर 2449 मीट्रिक टन सरसों खरीदी जा चुकी है।
उपायुक्त ने जिला में अब तक हुई खरीद की सिलसिलेवार जानकारी देते हुए बताया कि पलवल जिला में गेहूं की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद 20 अप्रैल को आरंभ हुई थी। जिला की मुख्य मंडियों व अतिरिक्त खरीद केंद्रों पर पहले दिन 16506 क्विंटल, दूसरे दिन 58911 क्विंटल, 22 अप्रैल को तीसरे दिन 71018 क्विंटल, 23 अप्रैल को एक लाख आठ हजार 740 क्विंटल, 24 अप्रैल को एक लाख 78 हजार 890 क्विंटल, 25 अप्रैल को 84 हजार 250 क्विंटल, 26 अप्रैल को 17 हजार 990 क्विंटल तथा 27 अप्रैल को एक लाख 68 हजार 870 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई।
उन्होंने बताया कि जिला की मुख्य अनाज मंडियों के साथ ही अतिरिक्त खरीद केंद्रों पर गेहूं व सरसों की खरीद सुचारू ढंग से जारी है। वहीं हथीन में अब तक 1572 मीट्रिक टन व पलवल में 877 मीट्रिक टन  की खरीद की जा चुकी है। इन दोनों मंडियों में जिला के 143 गांवों के 971 किसानों की 2449 मीट्रिक टन सरसों खरीदी जा चुकी है। मंडियों में खरीद के साथ-साथ उठान का कार्य भी लगातार जारी है। पलवल व हथीन मंडी से अब तक 1971 मीट्रिक टन सरसों का उठान हो चुका है। मंडियों में सोशल डिस्टेंस की पालना को लेकर अभी सीमित संख्या में किसानों को बुलाया जा रहा है लेकिन जिला के किसान निश्चिंत रहें उनकी फसलों का एक-एक दाना खरीदा जाएगा।
उन्होंने कहा कि 1925 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की कीमत मंडियों से गेहूं की उठान होने के साथ ही किसानों के खातों में जमा करा दी जाएगी। इन खरीद केन्द्रों में व्यवस्था बनी रहे, हर खरीद केन्द्र को सेनिटाईजेशन के अलावा हर किसान व कर्मचारी के लिए मास्क का प्रबंध किया गया है व हैंड सेनिटाइजर और थर्मल स्कैनिंग के भी प्रबंध किए गए हैं।  इस बार मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकृत किसानों की उपज खरीदी जा रही है। सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया को पुन: आरंभ कर दिया है। जिला में गेहूं व सरसों की सरकारी खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने के लिए 107 सरकारी स्कूलों में मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर नि:शुल्क पंजीकरण किया जा रहा है।
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पलवल, 28 अप्रैल।जिलाधीश एवं जिला आपदा प्रबंधन अधिनियम प्राधिकरण, पलवल के अध्यक्ष नरेश नरवाल ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 2, 30 व 34 तथा दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 144 में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए गृह मंत्रालय भारत सरकार के संशोधित नियमों को जिला में लागू करने के आदेश जारी किए है।  जिलाधीश द्वारा जारी आदेशों के तहत गृह मंत्रालय की ओर से जारी नियमावली के अनुसार जिला के भीतर नगर परिषद व पालिका की सीमा को छोडक़र दुकान और आवासीय परिसरों, पड़ोस और एकांत में चलने वाली सभी दुकानों को खोलने की अनुमति दे दी है। साथ ही एकल और बहु-ब्रांड मॉल की दुकानों को कहीं भी खोलने की अनुमति नहीं होगी। अनुमति प्राप्त सभी दुकानों के लिए सिर्फ 50 प्रतिशत स्टाफ के साथ दुकान खोलना, मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग के मानदंडों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य होगा। यह ध्यान रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि लॉकडाउन प्रतिबंधों में दी गई ये छूट हॉटस्पॉट्स/कंटेंनमैंट क्षेत्रों में लागू नहीं होगी।
जारी आदेशों का तात्पर्य यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में, सभी दुकानों को खोलने की अनुमति है। हालांकि, शॉपिंग मॉल में स्थित दुकानें इनमें शामिल नहीं हैं। शहरी क्षेत्रों में, सभी एकल दुकानों, आस-पड़ोस की दुकानों और आवासीय परिसरों में स्थित दुकानों को खोलने की अनुमति है। हालांकि, बाजारों/बाजार परिसरों और शॉपिंग मॉल में स्थित दुकानों को खोलने की अनुमति नहीं है। यह स्पष्ट किया जाता है कि ई-कॉमर्स कंपनियों को केवल आवश्यक वस्तुओं की ही बिक्री करने की अनुमति है। यह भी स्पष्ट किया जाता है कि शराब की बिक्री के साथ-साथ उन अन्य वस्तुओं की भी बिक्री प्रतिबंधित है, जिनके बारे में कोविड-19 के प्रबंधन संबंधी राष्ट्रीय निर्देशों में निर्दिष्ट किया गया है। इससे पूर्व में जारी आदेशों के अनुरूप बुक स्टॉल व इलैक्ट्रीक पंखे की दुकाने भी खुली रहेंगी तथा सोशल डिस्टेंसिंग आदि निर्धारित मापदंडों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य होगा।

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