Saturday, March 14, 2020

हरियाणा में पशुपालकों के घर-द्वार पर ही ईलाज के लिए पशु संजीवनी सेवा मोबाईल डिस्पेंसरी होगी शुरू


चंडीगढ़(Abtaknews.com)14 मार्च, 2020: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश में बीमार पशुओं के उपचार केलिए पशुपालकों के घर-द्वार पर ही ईलाज के लिए पशु संजीवनी सेवा के नाम से मोबाईल डिस्पेंसरी शुरू की जाएगी और डेयरी फार्मिंग को एक बड़े व्यवसाय के रूप में स्थापित करने के लिए प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता की 1087 ग्राम की मात्रा को बढ़ाकर देश में पहला स्थान हासिल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री आज करनाल में एनडीआरआई के मैदान में आयोजित 37वीं पशु प्रदर्शनी के दूसरे दिन बतौर मुख्य अतिथि पशुपालकों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित करके आज के कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने ऊंट की सवारी करके मेले में लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने रैम्प शो करते हुए पशुओं का प्रदर्शन भी देखा और इसके लिए पशुपालकों को बधाई भी दी।मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि हरियाणा कृषि प्रधान प्रदेश है। किसान का जुड़ाव कृषि व पशुपालन से हैबिना खेती पशुपालन नहीं हो सकता। इसलिए दोनों के संयुक्त कार्य से किसान की आय दोगुनी करने के लिए हरियाणा सरकार कृषि और पशुपालन को बढ़ावा दे रही है। इससे देश व प्रदेश उन्नत होगा। ब्राजील जैसा देश हमारी ही गायों की नस्लों में सुधार करके 70 से 80 किलो प्रतिदिन दूध प्राप्त कर रहे हैंपरंतु हम क्यों नहीं। इस उपलब्धता के लिए हर हरियाणावासी को दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रयास करने चाहिए ताकि दूध उत्पादन में हरियाणा का नाम विश्व प्रसिद्ध हो।
         मुख्यमंत्री ने कहा कि दूध उत्पादन से आमदनी बढ़ाने के लिए प्रदेश में नए-नए संयंत्र लगाए जाएंगे। इनमें दूध को कईं दिनों तक संरक्षित रखने के लिए टैट्रा पैक का प्रोजैक्ट होगा। कोई भी व्यक्ति जरूरत पडऩे पर पैकिंग में उपलब्ध दूध को खरीद सकेगा। इसी प्रकार दूध को ठंडा रखने के लिए बड़े-बड़े मिल्क कूलर लगाए जाएंगे। हिसार में इंडो-इजराईल सहयोग से एक अन्य संयंत्र लगाया जाएगा।
         मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में खेती के साथ-साथ दुधारू पशुओं के पालने की परंपरा प्राचीनकाल से है और हमारी अर्थव्यव्था में इसकी विशिष्ट पहचान है। देश में गौवंश की सेवा और पूजा भी की जाती है। इसलिए सरकार पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए डेयरी विकास और पशुपालकों को प्रोत्साहित करने पर बल दे रही है। अब प्रदेश में ब्राजील से लाई गई पशु गर्भाधान की नई तकनीक सैक्स सोर्टिड सीमन से 80 से 90 प्रतिशत बछडिय़ा पैदा होंगी। प्रदेश में इसका सफल प्रयोग किया जा चुका है। इस सीमन की कीमत पहले प्रदेश में 800 रुपये प्रति गर्भाधान थीअब पशुपालकों के हित को देखते हुए इसकी कीमत 200 रुपये रखी गई है जो देश में सबसे कम है। इससे आने वाले समय में अच्छी नस्ल अधिक बछडिय़ों से दूध का उत्पादन बढ़ेगा जिससे किसान की आय बढऩी संभव होगी।
         उन्होंने कहा कि दूध की गुणवत्ता और विशेषकर गाय के दूध को एक प्राकृतिक औषधि बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गाय के दूध में एट-टू तत्व होता हैउसके सेवन से व्यक्ति को मधुमेह की बीमारी नहीं होती और मस्तिष्क भी स्वस्थ रहता है। गाय के दूध में प्रोटीन ज्यादा होता है। वर्षों पहले ग्रामीण क्षेत्रों में दूध दही का अधिक प्रयोग किया जाता था और बीमारियां भी नहीं होती थी।
         उन्होंने कहा कि दो दिन पूर्व कुरुक्षेत्र गुरुकुल में प्राकृतिक खेती के प्रयोग को लेकर एक कार्यशाला हुई थी जिसमें बताया गया था कि रसायनिक खादों की जगह गाय के गोबर व मूत्र के मिश्रण की खाद खेतों में डालने से प्राकृतिक खेती होती है। सरकार ने निर्णय लिया है कि जो किसान ऐसी खेती करेगा उसे प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का सपना भी साकार होगा। इसी प्रकार अच्छे दुधारू पशु रखने वाले पशुपालकों को प्रोत्साहित करने की योजना पहले से ही लागू है। इसके तहत अच्छी दूध देने वाली मुर्रा भैंस को विभाग की ओर से 30 हजार रुपये तथा गाय को भी 20 हजार रुपये का ईनाम दिया जाता है। सहकारी दुग्ध समितियों को अलग से गाय व भैंस के दूध पर प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
         कृषि एवं किसान कल्याण और पशुपालन मंत्री श्री जय प्रकाश दलाल ने इस अवसर पर बोलते हुए कहा कि हरियाणा में पशुओं की सेहत तथा नस्ल सुधार को लेकर क्रांतिकारी कदम उठाए गए हैं। पशुओं में मुंहखुर व गलघोटू की बीमारी के लिए संयुक्त रूप से एक ही वैक्सिन ईजाद करके इस बीमारी को प्रदेश से समाप्त कर दिया है। कृत्रिम गर्भाधान के लिए सरकार ने उदारता दिखाते हुए इसकी बहुत ही कम कीमत रखी है। पशुपालकों के कल्याण के लिए किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर पशुपालक क्रेडिट कार्ड बनाए जा रहे हैं। इस कार्ड से पशुपालक चार प्रतिशत ब्याज पर 3 लाख रुपये तक की पूंजी का ऋण ले सकता है। इसी प्रकार पशु बीमा योजना में अब तक 2 लाख 48 हजार पशुओं का बीमा किया जा चुका है जो एक रिकार्ड है।
         उन्होंने बताया कि सभी पशुओं का बीमा किया जाएगा और अगले वर्ष करीब 10 लाख पशुओं का बीमा करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे किसान का जोखिम कम होगा और किसी पशु की मृत्यु होने पर वह बीमा राशि से दोबारा पशु खरीद सकेगा। इससे उसका व्यावसाय बना रहेगा। उन्होंने बताया कि सरकार ने छोटे व्यावसायियों के लिए भेड़-बकरी पालने की योजना भी शुरू की है। भिवानी जिले के लोहारू में कईं परिवारों को लाभान्वित किया गया है कोई भी जरूरतमंद पशुपालक इसका लाभ उठा सकता है और वह 20 से 25 भेड़-बकरी लेकर अपनी आमदनी बढ़ा सकता है। अगले वर्ष इस योजना में लाभार्थियों का दायरा बढ़ाने का लक्ष्य है।
         सांसद श्री संजय भाटिया ने इस अवसर पर बोलते हुए कहा कि हरियाणा सरकार पशुधन विकास और पशुपालकों को प्रोत्साहन देने के लिए तेजी से कदम बढ़ा रही है। एनडीआरआई में आयोजित पशु मेला के संदर्भ में उन्होंने कहा कि एनडीआरआई का नाम देश में ही नहींविदेश में भी विख्यात है। उन्होंने उपस्थित किसानों से कहा कि वे तीन दिवसीय पशु प्रदर्शनी में नई तकनीकों की जानकारी लेकर जाएं और सरकार की ओर से पशुपालकों के लिए जो स्कीमें लागू की गई हैं उनका ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाएं।
पशुधन विकास बोर्ड के चेयरमैन एवं चरखी दादरी के विधायक श्री सोमवीर सांगवान ने इस अवसर पर कहा कि हरियाणा में सैक्स सोर्टिड सीमन से पशु नस्ल सुधार के लिए क्रांतिकारी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसानों और पशुपालकों को आगे बढऩे के लिए और उनकी आय बढ़ाने के लिए उपाय किए जा रहे हैं उनसे पुन: देश आगे बढ़ेगा।
         इस अवसर पर मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव श्री कृष्ण बेदीमेयर रेनू बाला गुप्ता सहित गणमान्य व्यक्ति व विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
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चंडीगढ़, 14 मार्च- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कोरोना वायरस को लेकर प्रदेशवासियों का आह्वान किया कि इस वायरस से डरने या घबराने की जरूरत नहीं हैं। इस वायरस से बचने के लिए सफाई का ध्यान रखेंखांसते व छिंकते समय मुहं व नाक पर रूमाल रखें। हाथों को साबुन से बार-बार धोएं और भीड़ वाली जगहों पर जाने से बचेंयदि जाएं भी तो मास्कपहन कर जाएं।
आज जारी एक संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जानते हैं कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस को महामारी घोषित किया है। भारत में भी यह दस्तक दे रहा है। आपसे अनुरोध है कि इस वायरस से न तो डरेंन ही घबराएं। अगर किसी को झुंकामबुखार या सांस लेने में तकलीफनाक बहना और गले में खराश की समस्या है तो तुरंत सरकारी अस्पताल जाकर जांच करवाएं। उन्होंने बताया कि सरकार ने किसी भी प्राइवेट लैबोरेटरी को इस वायरस की जांच के लिए अधिकृत नहीं किया है।
         मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा में अभी तक कोरोना वायरस से संक्रमित कोई मरीज नहीं है। लेकिन विदेश से लौटे कुछ व्यक्तियों को निगरानी में अवश्य रखा गया है और अभी तक उनमें से भी किसी में इस वायरस का संक्रमण नहीं पाया गया है। इस वायरस से बचाव की जानकारी न होने से इसका संक्रमण फैल सकता है। इसलिए राज्य में हैल्पलाइन डैस्क स्थापित किया गया हैजिसका नंबर- 8558893911 है। इसके अलावा जिला स्तर पर भी हैल्पलाइन डैस्क-108 स्थापित किया गया है। प्रदेशवासी इन नंबरों पर फोन करके कोरोना वायरस से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं प्रदेशवासियों को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि इस वायरस से निपटने के सभी इंतजाम किए गए हैं और आप सभी के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

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