सूरजकुंड मेलें में छाया राजस्थानी व्यंजनों का स्वाद, कलाकारों की प्रस्तुति ने बाँधा समा

नईदिल्ली/फरीदाबाद(Abtaknews.com) 09 फरवरी, 2020: दिल्ली एन.सी.आर. में स्थित फरीदाबाद में चल रहे 16 दिवसीय 34वें अंतराष्ट्रीय सूरजकुंड क्राफ्ट मेंले में राजस्थानी व्यंजनों का स्वाद लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।
मेले में राजस्थानी फूड के संचालक श्री बाबू लाल कैटर्स ने बताया कि मेले में आए दर्शकों द्वारा राजस्थानी व्यंजनों की दिल से तारीफ कर रहे हैं। राजस्थानी भोजन में दाल-बाटी-चूरमा, गट्टे की सब्जी, मूंग की दाल का हलवा, मिक्स पकौड़ियां, जलेबियां, सांगडी की सब्जी, मिर्ची बड़ा, प्याज और मूंग की दाल की कचौड़ी, कैर-सांगरी की सब्जी इत्यादि का आगंतुक खूब आनंद ले रहे हैं।
श्री बाबू लाल ने बताया कि इन व्यंजनों को तैयार करने के लिए सब्जियों के अतिरिक्त, शुद्ध बेसन, दाल, मठा, सूखे मसाले, सूचे मेवे घी और दूध इत्यादि का उपयोग किया जाता है।
पारंपरिक राजस्थानी कलाकारों ने जमाया रंग 


34वें अंतराष्ट्रीय सूरजकुंड क्राफ्ट मेंले में शनिवार को सांय आयोजित राजस्थानी सांस्कृतिक संध्या में राजस्थान के लोक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने ऐसा समां बांधा कि दर्शक मंत्रामुग्ध हो गये।
दिल्ली में राजस्थान पर्यटक स्वागत केन्द्र की अतिरिक्त निदेशक डॉं. गुणजीत कौर ने बताया कि मेले के चौपाल मंच पर दो घंटे से भी अधिक चले सांस्कृतिक कार्यक्रम में राजस्थान की विश्व प्रसिद्ध कालबेलियां नृत्यांगनाओं सहित प्रदेश के विभिन्न अंचलों से आये लोक कलाकारों ने ऐसा समां बांधा कि दर्शक नयनाभिराम प्रस्तुतियां देखने में मग्न हो गये। कलाकारों के भवई नृत्य, कच्छी घोड़ी नृत्य आदि को दर्शकों ने खूब सराहा।
डॉं. कौर ने बताया कि मेले में आगामी राजस्थानी सांस्कृतिक संध्या का आयोजन 15 फरवरी को भी किया जाएगा।

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