बदनाम पराली ने मेले में कमाया जमकर नाम, पराली समस्या नहीं बेहद खूबसूरत है समाधान

फरीदाबाद-07 फरवरी ( दुष्यंत त्यागी ) पराली से बने घरेलु साज सज्जा और रोजमर्रा के इस्तेमाल होने वाली वस्तुएं मेला पर्यटकों को खूब लुभा रहीं हैं। पराली से बने सैंडल, जूतियां, झालर, दीवारों पर लगाए जाने वाले रंग बिरंगे चकले, बीजना, चपातियां रखने वाला छीका एवं अन्य सामान शिल्पकारों ने अपनी हस्तशिल्प कला से बनाए हुए हैं।  दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण फैलाने से बदनाम पराली सूरजकुंड मेले में जमकर नाम कमा रही है, जम्मू कश्मीर के कठुआ क्षेत्र से मेले में पहुंचे शिल्पकार पराली से घरेलू उपयोग में लाने वाली सामग्री बना रहे हैं जिसमें बैठने के लिए आसन, लेटने के लिए चटाई, पहनने के लिए चप्पल और सामान रखने के लिए टोकरी बनाई जा रही है। स्टॉल न 961 पर शिल्पकार सुरेश ने बताया कि जम्मू कश्मीर की महिला शिल्पकारों ने यह साबित कर दिया है कि पराली समस्या नहीं समाधान है इसे जलाओ मत उपयोग करो प्रयोग करो, पराली से बेहद खूबसूरत और आकर्षित बना हुआ सामान मेले में पहुंच रहे पर्यटकों को जमकर भा रहा है और एक संदेश भी दे रहा है।

कई सालों से दिल्ली एनसीआर और हरियाणा का बहुत बड़ा क्षेत्र पराली जलाने के बाद फैलने वाले प्रदूषण से त्रस्त है। लोगों को इसके सही प्रयोग करने का कोई रास्ता नहीं मिल रहा था। हालांकि सरकार ने पराली खरीदने की मुहिम चलाई हुई है लेकिन उसके बाद भी किसान खेतों में पराली जला रहे थे। जिससे लाखों लोगों के स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ रहा था मगर सूरजकुंड मेले में पहली बार इन तस्वीरों को देखकर लोग आश्चर्यचकित रह गए क्योंकि अभी तक उन्होंने देखा और सुना था की पराली सिर्फ समस्या है लेकिन जम्मू कश्मीर से आए शिल्पकारों ने इस समस्या को बेहद खूबसूरत समाधान में बदल दिया। जम्मू कश्मीर के किठवाड़ क्षेत्र से पहली बार मेले में पहुंचे शिल्पकारों ने बताया कि उनके यहां महिलाएं बेहद खूबसूरत हाथों का हुनर जानती है जिसका प्रयोग उन्होंने पराली पर किया है। पराली से महिलाओं ने घरेलू प्रयोग में लाने वाले कई सामान बनाकर तैयार किए हैं जिसे पर्यटक जमकर पसंद कर रहे हैं और ग्रामीण महिलाओं को भी बढ़ावा मिल रहा है इसके साथ साथ मेक इन इंडिया मेड इन इंडिया का सपना भी पूरा हो रहा है बस उन्हें उम्मीद है जम्मू कश्मीर सरकार और हरियाणा सरकार इस कला को बड़े स्तर पर लेकर जाए और गांव गांव में महिलाओं को इस हुनर को सिखाया जाए ।

मेला घूमने पहुंचे भाजपा के प्रदेश महामंत्री संदीप जोशी ने बताया कि ऐसे कलाकार देश निर्माण में बहुत सहयोग करते हैं उनकी कला उन्हें बहुत पसंद आई है इस कला की ओर हरियाणा के मुख्यमंत्री का भी ध्यान है जिसे हरियाणा में भी जल्दी उपयोग किया जाएगा। जे सी बोस यूनिवर्सिटी फरीदाबाद के पत्रकारिता के विद्यार्थी मेला घूमने पहुंचे। बीजेएमसी और एमएजेएमसी के छात्रों ने भी मेला परिसर में ख्यातिप्राप्त शिल्पकारों के इंटरव्यू लिए और देश -विदेश के कलाकारों की प्रस्तुति को अपने अपने कमरों में कैद किया। 

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