Saturday, January 11, 2020

पलवली में आवारा कुत्तों से नोचे गये बच्चे की मदद को 50 हजार लेकर अस्पताल पहुंचे पूर्वमेयर देवेन्द्र भड़ाना

ग्रेटर फरीदाबाद (Abtaknews.com)11जनवरी, 2020: गांव पलवली में रहने वाले ऑटो ड्राइवर शीशपाल के डेढ़ साल के बच्चे को शुक्रवार आवारा कुत्तों ने नोच लिया था। बच्चे को सेक्टर 16 स्थित मेट्रो अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी हालत गंभीर थी। शीशपाल अस्पताल का बिल चुकाने की स्थिति में नहीं था जिसके बाद सोशल मीडिया पर बच्चे की जान बचाने की गुहार लगाईं गई। शहर के लोगों ने बच्चे की जान बचाने के लिए आगे हाथ बढ़ाये और शनिवार तक 1 लाख 90 हजार की रकम बच्चे के पिता तक पहुंचाई गई। किसी ने एक हजार तो किसी ने 10 हजार रूपये की मदद की। 
शहर के पूर्व महापौर देवेंद्र भड़ाना ने भी बच्चे की लहूलुहान तस्वीर देखी तो तुरंत मेट्रो अस्पताल पहुंचे और बच्चे के पिता को 50 हजार रूपये देते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर और मदद की जाएगी। शुक्रवार बच्चे की सर्जरी हुई और बच्चा अब खतरे से बाहर है। डाक्टरों के मुताबिक बच्चे की एक सर्जरी तीन महीने बाद होगी। पूर्व मेयर देवेंद्र भड़ाना ने शहर के लोगों ने अपील करते हुए कहा कि सक्षम लोग बच्चे की मदद करें। उन्होंने कहा कि गरीब भी हमारे समाज का हिस्सा हैं और जरूरतमंदों की मदद करना बहुत ही पुण्य का काम है। उन्होंने कहा कि शहर में ऐसे हजारों लोग हैं जो अगर गरीबों की मदद करें तो किसी भी गरीब का बच्चा या कोई गरीब बेमौत नहीं मरेगा। बच्चे के माता-पिता ने पूर्व महापौर का आभार जताया और कहा कि आप सबकी मदद के कारण ही मेरे बच्चे को नया जीवन मिला है। 

इसके पहले पूर्व महापौर देवेंद्र भड़ाना सुर्ख़ियों में तब आये थे जब उन्होंन  पिछले साल सितम्बर में  मुजेसर गांव स्थित  बाबा हृदयराम मंदिर को लगभग 6 करोड़ रूपये की अपनी जमीन दान में दे दी थी। ये जमीन पूर्व मेयर के नाम थी जिसका पट्टा 1987 में हुआ था। देवेंद्र भड़ाना के नाम पट्टा होने से मंदिर विकास समिति मंदिर मंदिर निर्माण और मंदिर में अन्य तरह के विकास कार्य करवाने से घबरा रही थी और डर लगा रहता था कि कहीं देवेंद्र भड़ाना अपनी ये जमीन वापस न ले लें। मंदिर विकास समिति के पदाधिकारी पूर्व मेयर देवेंद्र भड़ाना के सेक्टर निवास इसलिए पहुंचे थे कि वो उचित पैसे लेकर अपने हिस्से की जमीन मंदिर के नाम कर दें। पूर्व मेयर ने कहा था कि मुझे इस जमीन के एक पैसे भी नहीं चाहिए और पट्टा मंदिर के नाम करवाने में जो खर्च आएगा उसे भी वो स्वयं वहन करेंगे। पूर्व मेयर की उस समय जमकर तारीफ हुई थी। मंदिर कमेटी के लोगों ने उन्हें सम्मानित भी किया था।

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