Sunday, January 5, 2020

1410 अनुबंध अनुदेशकों के विरूद्ध नई भर्ती प्रक्रिया से नाराज होकर कैबिनेटमंत्री मूलचंद शर्मा के का किया घेराव


फरीदाबाद(Abtaknews.com)5 जनवरी, 2020: माननीय हाईकोर्ट के निर्णय की अनदेखी कर 1410 अनुबंध अनुदेशकों के विरूद्ध नई भर्ती प्रक्रिया शुरु करने से गुस्साए अनुदेशकों ने कैबिनेट मंत्री पं मूलचंद शर्मा के कार्यालय पर आक्रोश प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा, सर्व आईटीआई अनुबंध अनुदेशक संघ हरियाणा के राज्य प्रधान सतीश न्योल,महासचिव प्रदीप यादव, वरिष्ठ उप प्रधान अमित ढिल्लों,डा. धर्मेंद्र दुहन व प्रेस प्रवक्ता मोहन सुधार के नेतृत्व मे एक शिष्टमंडल कैबिनेट मंत्री से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपा। जिसमें वर्तमान में चालू भर्ती प्रक्रिया को रोकने और 1410 पदों को भरा हुआ मानकर बाकि बचे रिक्त पदों पर नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की गई हैं। मंत्री ने प्रदर्शनकारियों के बीच आकर आश्वासन दिया कि एक भी अनुबंध अनुदेशक की नौकरी नही जाने दी जाऐगी। सरकार का काम रोजगार देना है, लेना नही है। उन्होंने कहा कि 7 जनवरी को विभाग के एसीएस व निदेशक और सर्व आईटीआई अनुबंध अनुदेशक संघ हरियाणा की सिविल सचिवालय, चंडीगढ़ में मीटिंग होगी, जिसमें समस्या का हल निकाला जाएगा। प्रदर्शन से पूर्व सभी जिलों की आईटीआई से हजारों की संख्या में अनुबंध अनुदेशक सेक्टर 12 टाऊन पार्क मे एकत्रित हुए और सभा का आयोजन किया गया। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा, जिला प्रधान अशोक कुमार,सचिव बलबीर सिंह बालगुहेर,वित्त सचिव युदबीर सिंह खत्री, संगठन सचिव मुकेश बैनीवाल, खंड प्रधान करतार सिंह व सचिव जगदीश चंद्र सहित अन्य विभागों के सैकड़ों कर्मचारियों ने भी प्रदर्शन में शामिल होकर एकजुटता प्रकट की ओर सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की तरफ से समर्थन किया। सभा मे परित किए गए प्रस्ताव मे 8 जनवरी को हड़ताल करने का निर्णय लिया गया। इसके बावजूद मसले का समाधान नही हुआ तो सभी आईटीआई मे अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाऐगा।
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि कौशल विकास एवं औद्योगिक विकास हरियाणा में पिछले करीब 7-8 वर्षों से 1410 अनुदेशक अनुबंध आधार पर कार्यरत है। यह अनुबंध अनुदेशक वित्त विभाग हरियाणा द्वारा स्वीकृत रिक्त पदों के विरुद्ध आउटसोर्सिंग नीति पार्ट-2 के तहत लगे हुए है। इनका चयन हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद किया गया था। जिसके कारण ही इन अनुबंधित अनुदेशकों को हरियाणा सरकार के निर्णय के तहत समान काम समान वेतन दिया गया था। भाजपा सरकार के प्रथम कार्यकाल 2018 में भी इनके पदों को रिक्त मानते हुए 2388 अनुदेशकों के पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। जिसका सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के नेतृत्व में अनुबंधित अनुदेशकों ने नियमित अनुदेशकों के साथ मिलकर संधर्ष किया था। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने मामला मुख्यमंत्री के साथ हुई मीटिंग में इस मामले को प्रमुखता से उठाया। जिसके बाद भर्ती प्रक्रिया को रद्द किया गया। लेकिन 20 जुलाई को विज्ञापन संख्या 12/2019 के तहत फिर 1410 पदों को भी रिक्त मानकर सभी 2388 पदों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
माननीय पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के विरुद्ध प्रक्रिया शुरू करने का आरोप---- सर्व आई टी आई अनुबंध अनुदेशक संघ के राज्य प्रधान सतीश न्योल ने बताया कि माननीय पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा सीडब्ल्यूसी 2981/2019 के तहत ये फैसला दिया गया है कि वर्तमान में कार्यरत अनुबंधित अनुदेशकों के पदों को भरा हुआ मानकर बाकी बचे हुए पदों पर भर्ती प्रक्रिया सम्पूर्ण करें । उन्होंने बताया कि CWP 21920/2018 & LPA 30/2019 इसमें माननीय उच्च न्यायालय द्वारा वर्तमान में कार्यरत अनुबन्ध अनुदेशकों  के पदों को रेगुलर भर्ती में कम करने  के आदेश दिए हुए है । लेकिन सरकार ने माननीय पंजाब एण्ड हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा दिए गए उपरोक्त निर्णय को अनदेखा करते हुए पहले से कार्यरत 1410 अनुबन्ध अनुदेशकों के पदों को रिक्त मानते हुए 2388 पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए 3 से 18 दिसंबर से लिखित परीक्षा भी ली गई है। जिसका पेपर भी लीक हुआ था।आरोपियों की गिरफ्तारी होने के बावजूद सरकार पेपर रद्द करने की बजाय परिणाम धोषित करने की जल्दबाजी में है।जिसका डटकर विरोध किया जाऐगा।

No comments:

Post a Comment

Post Top Ad

Your Ad Spot

Pages