Tuesday, December 17, 2019

दिल्ली में हुई हिंसा के विरोध में CAB और NRC क़ानून में बदलाव को लेकर फरीदाबाद में शांतिपूर्वक प्रदर्शन

फरीदाबाद ( abtaknews.com ) 17 दिसंबर, 2019: दिल्ली में रविवार को हुई हिंसा के विरोध में तथा CAB और NRC क़ानून में बदलाव को लेकर शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन किया गया जिसका नेतृत्व गौरव चौधरी ने किया। सेक्टर 9 से सेक्टर 12 लघुसचिवालय पहुंचे जुलुस ने डी सी के माध्यम से ज्ञापन दिया। लघु सचिवालय पर काफी संख्या में पुलिस फ़ोर्स मौजूद रही।  
नागरिक संशोधन बिल को लेकर दिल्ली के जामिया कालेज में हुए प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर सरकार द्वारा की गई बर्बरतापूर्ण कार्यवाही के खिलाफ आज सर्व समाज के लोग सडक़ों पर उतार आए। सर्व समाज के लोगों ने आज कांग्रेस प्रवक्ता स्व. विकास चौधरी के सैक्टर-9 स्थित कार्यालय से सैक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय तक भारत माता की जय के नारे लगाते हुए शांति मार्च निकाला। इस शांति मार्च का नेतृत्व कांग्रेस नेता गौरव चौधरी कर रहे थे। ज्ञापन देने वालों में गौरव चौधरी के अलावा मोहम्मद बिलाल, डा. धर्मदेव आर्य, अनीशपाल, नेत्रपाल राठौर मौजपुर, राजू भारद्वाज एसजीएम नगर, हाजी शरीफ, ओल्ड फरीदाबाद स्थित पीर कमेटी के सदर हाजी अशरद, ओल्ड फरीदाबाद स्थित ईदगाह मस्जिद के सदर जाकिर शामिल थे। इस मौके पर सर्व समाज के लोगों ने एक ज्ञापन राष्ट्रपति के नाम जिला उपायुक्त की मार्फत नायब तहसीलदार को सौंपा। गौरव चौधरी सभी मार्च में शामिल सभी नेताओं ने विभिन्न समुदायों के लोगों से मांग की है कि वह शांतिपूर्वक ढंग से विरोध प्रदर्शन करे तथा पुलिस बलों पर पथराव जैसी कार्यवाही से बचे और सरकारी सम्पत्ति को नुकसान न पहुंचाएं। 
राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि नागरिक संशोधन बिल जो लोकसभा व राज्यसभा से पास हुआ है, जिसके कारण पूरे देश में कौतूहल मचा हुआ है। जगह-जगह दंगे फैल रहे है और जिस कारण हमारे देश की राष्ट्रीय सुरक्षा को पूरा-पूरा खतरा बना हुआ है और आपसी भाईचारे व सद्भावना के भाव आपसी मतभेद में तब्दील हो रहे है। नागरिक संशोधन बिल आज पूरे देश के लिए गले की हड्डी बना हुआ है। जिसके पारित होने से हमारे देश में विभिन्न जाति, धर्म व सम्प्रदाय के लोगों के मन में डर व घबराहट का माहौल बना हुआ है। जिसके चलते भविष्य में सम्प्रदायिक दंगे व खून-खराबा होने के पूर्ण संकेत स्पष्ट दिखाई देते है। महामहिम राष्ट्रपति से मांग की है कि इस नागरिक संशोधन बिल को निरस्त किया जाये, ताकि देश में भाईचारा बना रहे व सभी सम्प्रदाय के लोग आपस में मिलकर खुशी-खुशी रह सकें। शांति मार्च में अन्य के अलावा नदीम, अशोक रावल, संजय सोलंकी, मौसिन खान, शिवम पाण्डे, आशीष सिंह, कृष्णपाल आजाद, जुल्फीकार, दानिश अली, उमर खान, अकबर खान, डा. फारूखी, रहमान, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष खुशबू खान, सरला भामौत्रा, सितारा सिंह, अंजू, नसीम सहित सैकड़ों युवा शामिल थे।  



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