Friday, November 15, 2019

फड़ वितरण घोटाले में सस्पेंड मंडी बोर्ड सचिव पर लगा रिकॉर्ड से छेडख़ानी का आरोप

फरीदाबाद (abtaknews.com ) 15 नवंबर,2019: डबुआ सब्जी मंडी में हुए फड़ वितरण में अनियमितताएं बरतने, तय की गई फड़ों से अधिक फड़ें अलॉट करने एवं कुछ खास लोगों को फड़ वितरण का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से गुपचुप तरीके से ड्रा निकालने के मामले में मंडी बोर्ड सचिव के पद से बर्खास्त राहुल यादव आज जब डबुआ सब्जी मंडी में बनी मार्किट कमेटी में पधारे तो, सब्जी विक्रेताओं ने हंगामा मचा दिया। सब्जी विक्रेताओं का आरोप था कि रिकॉर्ड में छेडख़ानी करने के उद्देश्य से सस्पेंड होने के बावजूद मार्किट कमेटी सचिव राहुल यादव यहां पर आ रहे हैं। उनको 8 नवम्बर को मार्किट कमेटी सचिव के पद से बर्खास्त किया जा चुका है, मगर वह उन दुकानदारों में भरोसा बनाने के लिए, जिनसे उन्होंने फड़ वितरण के नाम पर लाखों रुपए लिए हुए हैं यहां पर आ रहे हैं। इतना ही नहीं, जब राहुल यादव से पूछा गया कि उनको बर्खास्त किया जा चुका है, तो वो यहां पर क्यों आ रहे हैं। बर्खास्तगी आदेश में भी उनको जोनल एडमिनिस्ट्रेशन करनाल स्थित मार्किट कमेटी मुख्यालय पर कार्यभार देखने के लिए कहा गया है, बावजूद उनका इंटरेस्ट फरीदाबाद में बना हुआ है। इससे साफ जाहिर होता है कि वो रिकॉर्ड में छेडख़ानी करके अपनी जान बचाना चाहते हैं। स्थानीय दुकानदारों ने मंडी बोर्ड सचिव पर आरोप लगाते हुए बताया कि उन्होंने फड़ वितरण को लेकर कोई अग्रिम सूचना दुकानदारों को नहीं दी। पैसे लेकर लोगों को फड़ दिए गए और जिनको फड़ मिले उन्होंने फड़ किराए पर दिए हुए हैं। जबकि वास्तविक सब्जी विक्रेताओं को नहीं मिले हैं फड़, जिसके चलते वो दर-दर की ठोकरें खाने पर मजबूर हैं। मार्किट कमेटी ने 539 फड़ों का निर्माण किया तो 700 फड़ क्यों अलॉट किए गए। दुकानदारों को खुले में सामान रखकर माल बेचना पड़ रहा है। 
दीपक शर्मा ने दिलाया सब्जी विक्रेताओं का उनका हक :
डबुआ कॉलोनी मंडी में फड़ वितरण में करोड़ों के घोटाले को उजागर करने में समाजसेवी दीपक पंडित ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने सारे मामले की शिकायत सीएम विंडो पर लगाई, जिसमें शिकायतकर्ता पर ही अवैध वसूली करना और सरकारी जमीन घेरने वाला बताकर मामले को बंद कर दिया गया। दीपक पंडित ने आरटीआई से जानकारी मांगी तो पता चला कि एक फड़ की पर्ची 5 हजार रुपए की है, जबकि मार्किट कमेटी द्वारा 6.5 हजार रुपए की पर्ची काटी जा रही है। इसी के तहत मंडी में टीन सैड बनवाए गए और वहां पर उन सब्जी विक्रेताओं को फड़ दिए जाने थे। फड़ वितरण में जिनको फड़ अलॉट की जानी थी, उनकी 5 हजार रुपए की पर्ची भी काटी जानी थी, जोकि मंडी अधिकारियों की तरफ से 6.5 हजार रुपए की काटी गई। इसी मामले की जांच के लिए शिकायतकर्ता ने आरटीआई भी डाली लेकिन आरटीआई का कोई जवाब मंडी सचिव द्वारा नहीं दिया गया। इससे साफ जाहिर होता है कि उनकी नीयत में खोट है और आज भी वो बर्खास्तगी के बावजूद यहां पर आ रहे हैं, तो कहीं न कहीं रिकॉर्ड में कुछ हेराफेरी करना चाहते हैं। दीपक पंडित ने बताया कि उक्त मामले को लेकर उन्होंने कोर्ट में कंटेंप भी डाला हुआ है। इसके अलावा जिला उपायुक्त से उन्होंने आरटीआई के द्वारा जब जानकारी मांगी, तो उन्होंने सारे मामले की जांच निगमायुक्त एवं नगराधीश को दे दी। जिसके बाद यह सारा मामला उजागर हुआ और मंडी सचिव द्वारा उचित जवाब न दिए जाने के चलते उनको बर्खास्त किया गया। 

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