Thursday, November 21, 2019

श्री विश्वकर्मा कौशल विकास विश्वविद्यालय की स्थापना की पहली वर्षगांठ पर हुआ दूधौला में कार्यक्रम


पलवल (abtaknews.com) 20 नवंबर।श्री विश्वकर्मा कौशल विकास विश्वविद्यालय दूधौला ने मंगलवार को अपने पहले स्थापना दिवस कार्यकम का आयोजन किया, जिसमें मुख्यातिथि के रूप में केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री डा. महेन्द्रनाथ पांडेय ने शिरकत की। कार्यक्रम की शुरूआत मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्जलित करके तथा सरस्वती वंदना के साथ की गई।केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री डा. महेन्द्रनाथ पांडेय ने कहा कि श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय, दूधौला (पलवल) राष्टï्र का पहला ऐसा विश्वविद्यालय है जो विद्यार्थियों के लिए कौशल विकास के कोर्स करवा रहा है। विद्यार्थी में कोई भी हुनर है, किसी भी तरह के कार्यक्रम में रूचि है, वह इस विश्वविद्यालय में दाखिला लेकर अपनी प्रतिभा को आगे बढ़ा सकता है। एसवीएसयू देश की पहली यूनिवर्सिटी है जो प्लंबर से लेकर इलेक्ट्रिशियन के हुनर को पेशे में बदलने वाले स्किल्ड प्रोफेशनल्स तैयार कर रही है। स्किल यूनिवर्सिटी का सिलेबस इस तरीके से तैयार किया गया है कि पढ़ते-पढ़ते ही बच्चे कमाई भी कर रहे हैं, जिससे वे स्वरोजगार तो बन ही रहे हैं, साथ ही परिवार का भरण पोषण भी कर रहे हैं।

कें्रदीय मंत्री ने कहा कि हरियाणावासी खासकर दूधौला पलवल निवासियों के लिए इससे अधिक हर्ष का विषय क्या होगा, यहां के विद्यार्थी कौशलता में अत्यधिक निपुण होगें। आज अगर इंटरनेट पर एसवीएसयू को सर्च किया जाता है तो दूधौला का नाम सबसे पहले आता है। इसका अभिप्राय है कि दूधौला की पहचान संसार के हर कोने में विद्यमान हो गई है। उद्योगों ने भी इस विश्वविद्यालय को लेकर अपनी रूचि दिखाई है। लगभग 70 औद्योगिक ईकाइयों के साथ इस विश्वविद्यालय का एमओयू होना इस बात की गवाही देता है कि इतने कम समय में इतने उद्योगों को अपने साथ जोडऩा एवं विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देना अपने आप में एक अनूठी मिशाल है।
उन्होंने कहा कि  शैक्षणिक कार्यक्रमों के अंतगर्त विश्वविद्यालय कई प्रकार के कोर्सेज के माध्यम से लगभग पांच हजार से अधिक विद्यार्थियों को कौशल में निपुण कर चुका है। सीखों और कमाओं वर्तमान सरकार की सोच है, उसमें काफी योगदान मिला है। अब कंपनियां सीखाती भी हैं हायर भी करती हैं, कई जगह तो बड़ी-बड़ी कंपनियों ने कौशल संस्थानों को पूरा का पूरा अपने साथ जोड़ लिया है ताकि ज्यादा से ज्यादा युवा कौशल की ओर आकर्षित हो।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय में नवनिर्मित कंस्ट्रक्शन स्कील एकेडमी में विश्वविद्यालय के कुलपति राज नेहरू ने मुख्यातिथि सहित अन्य गणमान्य अतिथियों को पुष्पगुच्छ भेट कर स्वागत व्यक्त किया। इस मौके पर सभी गणमान्य व्यक्तियों द्वारा भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा पर पुष्पार्पित किया गया। साथ ही नेशनल स्कील क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क के पहले बैच का उद्घाटन भी किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति ने सभी गणमान्य अतिथियों को विश्विद्यालय में नवनिर्मित विभिन्नों कन्स्ट्रक्शन कार्यों की जानकारी दी एवं अतिथियों को विश्वविद्यालय परिसर का दौरा करवाया।
विश्वविद्यालय के कुलपति राज नेहरू ने इस दौरान सभी अतिथियों का विश्वविद्यालय के प्रागंण में प्रथम स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पधारने पर स्वागत व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने जिस मिशन के तहत इस विश्वविद्यालय की स्थापना की, उसके तहत विश्वविद्यालय कार्य कर रहा है। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मिशन कौशल विकास के कार्यों पर यह विश्वविद्यालय कार्य कर रहा है। हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश व राष्टï्र के युवाओं को कौशल के क्षेत्र मे निपुण बनाएं, जिससे विद्यार्थी रोजगार लेने के साथ-साथ रोजगार देने वाले भी बनें। इस अवसर पर  कुलपति ने उपस्थिति को विश्वविद्यालय की गतिविधियों की जानकारी भी दी। विश्वविद्यालय के सभी कार्यक्रम एनएसक्यूएफ की संरचना के अनुरूप तैयार किए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों को कौशल के तौर पर अंतर्राष्टï्रीय स्तर पर पहचान मिले। उद्योग 4.0 आधुनिक तकनीकी पाठ्यक्रमों में शामिल है, जिसके माध्यम से विद्यार्थी नई-नई तकनीक सीख रहे हैं, जिसमें थ्रीडी टैक्नॉलॉजी, स्मार्ट सेंसर, एंडवासंड रोबोटिक्स, बिग डेटा एनालिस्ट, थ्रीडी प्रिटिंग, क्लाउंड कंम्यूटिंग, लॉकेशन डिटेक्शन, रोबोटिक्स से लेकर आर्टीफिशल इंटेलिजेंश शामिल है। विश्वविद्यालय निर्माण के फेस-1 का निर्माण कार्य आगामी मार्च 2020 तक लगभग पूर्ण हो जाएगा, जिसमें शैक्षणिक भवन, छात्रावास, प्रशासनिक भवन एवं अन्य भवनों का निर्माण शामिल है।
कार्यक्रम में पृथला के विद्यायक नयनपाल रावत, फरीदाबाद के विधायक नरेंद्र गुप्ता, फरीदाबाद के भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा, विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार डॉ. ऋतु बजाज, कुलपति वाईएमसीए फरीदाबाद प्रो. दिनेश कुमार, प्रोफेसर आईआईटी चैन्नई डा. वेंकटे्स बालाशुभ्रमण्यम, दूधौला के सरपंच सुंदर सिंह, एनएसडीसी से जयकांत सिंह, चेयरमैन इरकॉन एम.के. सिंह, प्रदेश की विभिन्न औद्योगिक ईकाइयों के सीईओ, चेयरमैन सहित विश्वविद्यालयों के कुलसचिव के अलावा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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