Monday, November 4, 2019

मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करके उपायुक्तों के साथ प्रदूषण मामले की स्थिति जानी

फरीदाबाद(abtaknews.com)4 नवम्बर। हरियाणा सरकार की मुख्य सचिव केशनी आनन्द अरोङा ने आज प्रदेश में स्मॉग और दूषित हो रहे पर्यावरण की स्थिति की सभी जिला उपायुक्तों के साथ समीक्षा की और उन्हें पर्यावरण प्रदूषण स्तर कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि सभी विभाग अपनी एक्शन प्लान तैयार करके एकजुट होकर सामूहिक रूप से स्मॉग तथा पर्यावरण प्रदूषण को कंट्रोल करने के प्रयास करें।वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने सभी उपायुक्तों से कहा कि वे अपने-अपने जिला में प्रदूषण पर निगरानी रखें और इसे कम करने के लिए प्रभावी कार्य योजना बनाकर उसे लागू करें। इस बैठक में फरीदाबाद के उपायुक्त अतुल कुमार ने मुख्य सचिव को ज़िला के शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्मॉग व पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण के लिए  चलाए जा रहे हैं कार्यक्रमों के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला में उपनिदेशक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी तथा नगर निगम के अधिकारियों के अलावा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किए गए हैं । साथ ही वे स्वयं भी गम्भीरता के साथ निगरानी कर रहे हैं । उपायुक्त ने बताया कि जिला में प्रदूषण नियंत्रण गतिविधियों के क्रियान्वयन बारे वे स्वयं  नियमित रूप से रिपोर्ट ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि कचरा प्रबंधन बारे भी गम्भीरता के साथ निगरानी रखी जा रही है। जिला में सी एण्ड डी वेस्ट की 175 जगहो पर निरीक्षण किया गया जिसमें से कमियां पाए जाने पर 90 नोटिस जारी किए गए हैं और चार लाख पचास हजार रुपये का जुर्माना किया गया है।इसके अलावा, गारबेज डम्पिगं स्टेशनों अर्थात कचरा डालने की जगहों का प्रतिदिन निरीक्षण किया जा रहा है। इस दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 220 नोटिस भी जारी किए गए हैं। उपायुक्त ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्रों में भी  निगरानी रखी जा रही है  और निरीक्षण की कार्रवाई चल रही है । उन्होंने बताया कि  निरीक्षण के दौरान चार जगह औद्योगिक कचरा पड़ा हुआ पाया गया जिसे वहां से हटवा दिया गया है । उन्होंने बताया कि कचरा जलाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है और अब तक ऐसे लोगों को 12 नोटिस जारी किए गए हैं तथा 55000 रुपये जुर्माना भी किया गया है।
 उपायुक्त ने बताया कि कचरा जलाने वालों को पकड़ने में आम जनता का सहयोग लेने के लिए फरीदाबाद नगर निगम द्वारा व्हाट्सएप नंबर 95997 80982 जारी किया गया है। कोई व्यक्ति इस नंबर पर कचरा जलाने वालों की सूचना दे सकता है। उन्होंने बताया कि शहर की मुख्य सङको पर साफ सफाई और पानी के छिङकाव के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सफाई व पानी के छिङकाव की निगरानी भी की जा रही है । शहरी क्षेत्र में पानी के छिड़काव के लिए 25 टैंकर लगाए गए हैं तथा एक स्वीपिंग मशीन से सड़कों की सफाई करवाई जा रही है। प्रत्येक टैंकर एक दिन में 4 किलोमीटर दूरी में पानी का छिड़काव करता है जबकि स्वीपिंग मशीन से प्रतिदिन 25 किलोमीटर लंबाई में मेकेनिकल स्वीपिंग की जा रही है।
हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जिला फरीदाबाद में  प्रदूषण स्तर को कम करने के लिए  की जा रही गतिविधियों का उल्लेख करते हुए उपायुक्त ने बताया कि पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण अथॉरिटी (ईपीसीए) के दिशा निर्देशों के अनुसार ईंधन के तौर पर कोयला प्रयोग करने वाली 357 इकाइयों को बंद किया गया है। इसके अलावा, 105 स्टोन क्रेसर बंद किए गए हैं । जिला में 26 निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया गया जिसमें से नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तीन के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है। उपायुक्त के अनुसार पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने पर निर्माण स्थलों पर डेढ़ लाख रुपए जुर्माना किया गया है। इसके अलावा, विभिन्न कंपनियों पर भी 26.49 लाख रुपए की पेनल्टी लगाई गई है और प्रदूषण नियंत्रण के उपाय नहीं करने वाली 11 औद्योगिक इकाइयों को बंद भी किया गया है। उपायुक्त ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण  के उपाय करने के साथ-साथ  लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है । इस दिशा में दो जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए और  71 इकाइयों  का निरीक्षण किया गया । यही नहीं, जिला में गठित टीमों द्वारा  रात को  पेट्रोलिंग भी की जा रही है।
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पराली जलाने वालों के खिलाफ होगी एफ आई आर दर्ज- उपायुक्त अतुल कुमार

फरीदाबाद 4 नवंबर । जिला में फसल अवशेष तथा पराली जलाने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। मुख्य सचिव श्रीमती केशनी आनंद अरोड़ा द्वारा स्मॉग तथा पर्यावरण प्रदूषण की स्थिति की समीक्षा के लिए आयोजित वीडियो कांफ्रेंस  बैठक के बाद उपायुक्त श्री अतुल कुमार ने जिला के संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की और उन्हें पराली जलाने वालों के खिलाफ एफ आई आर दर्ज करवाने के आदेश दिए हैं।
उपायुक्त ने  कृषि उप निदेशक, जिला राजस्व अधिकारी, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी, नगर निगम के कार्यकारी अभियंता तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड आदि के अधिकारीगण को सख्त आदेश दिए हैं कि ज़िला में किसी भी तरह की पराली ना जलाई जाए। उन्होंने कहा कि यदि आने वाले दिनों में कही भी पराली जलाई जाती है तो उसके लिए संबंधित ग्राम सचिव व सरपंच को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी ग्राम सचिव व कृषि विभाग के अधिकारी गण गांव-गांव जाकर किसानों को पराली ना के बारे में प्रेरित करें। साथ ही यदि कोई भी किसान किसी भी तरह की पराली जलाता हुआ पाया गया तो उसको कृषि विभाग की योजनाओं के तहत मिलने वाली सुविधाओं से वंचित किया जाएगा। यही नहीं, उसके विरुद्ध एफ आई आर दर्ज करवाई जाएगी और जुर्माना भी लगाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिस गांव के खेत में आग पाई जाती है, उस गांव से संबंधित पटवारी इसकी पुष्टि करेगा जो कि एफआइआर के लिए अनिवार्य है। उपायुक्त ने यहां तक कहा है कि पराली जलाने के लिए एफआईआर 'हर समय पोर्टल' पर भी की जा सकती है। थाना प्रभारियों को भी आदेश दिए गए हैं कि पराली जलाने के बारे में शिकायत मिलने पर वे तुरंत प्रभाव से एफआइआर दर्ज करें। उपायुक्त के इन आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188 और वायु एवं प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1981 की विभिन्न धाराओं के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।

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