Wednesday, November 6, 2019

शेक्सपियर के नाटक ''हैमलेट'' की हो रही रिहर्सल, 8 व 9 नवंबर को मंडी हाउस में फरीदाबाद के हर्षवर्धन करेंगे अभिनय


नई दिल्ली / फरीदाबाद ( abtaknews.com ) 06 नवम्बर, 2019: दुनिया के जाने माने प्रसिद्व लेखक विलियम शेक्सपियर का  लिखा हुआ एक दुखद नाटक हैमलेट का मंचन नई दिल्ली के मंडी हाउस स्थित एलटीजी सभागार में होने जा रहा है, जिसका रंगमंच 8 नवंम्बर शाम के  7ः30 बजे और 9 नवंम्बर शाम के 4ः30 व 7ः30 बजे किया जायेगा। रंगमंच के प्रेमियों के लिये खबर है कि इस नाटक की टिकट बुक माई शो पर जाकर बुक कर सकते हैं और शो की टिकट काउंटर से भी प्राप्त कर सकते हैं, इस त्रासदी के नाटक को मेडवन थियेटर कंपनी प्रस्तुत कर रही है, जिसके निर्देशक एवं निर्माता सैफ अंसारी हैं, विलियम शेक्सपियर द्वारा अंग्रेजी में लिखा गया ये नाटक हिंदी में लोगों के सामने प्रस्तुत किया जायेगा। जिसको लेकर रोजाना रंगमंच के कलाकारों द्वारा अभ्यास किया जा रहा है, मंच पर अभिनेता- सैफ अंसारी, आशुतोष सिंह राठौड़, वैभवी जांगिड़, मनीष शर्मा, करिश्मा मान, आदित्या शर्मा, राहुल जांगड़ा, विपिन कुमार, आलोक उमेश, आशीष शर्मा, दीक्षा, देवराज और हर्षवर्धन चतुर्वेदी सहित तमाम कालाकार पसीना बहा रहे हैं।


नाटक में क्लॉडियस अपने बड़े भाई और डेनमार्क के राजा की हत्या करता है और अफवाह फैला देता हैं कि राजा की मौत सांप के काटने से हुई है, राजा की मृत्यु के कुछ दिन बाद ही गरट्रूड क्लॉडियस से शादी कर लेती है। इस प्रकार अब क्लॉडियस डेनमार्क का नया राजा बन जाता है। राजकुमार हैमलेट इस कहानी का नायक है जब राजा की मृत्यु होती है तब वह विटेनबर्ग में पढने के लिए गया हुआ था और पिता की अकस्मात मृत्यु की खबर सुनकर डेनमार्क वापिस लौटता है। स्वाभविक रूप से उसे अपनी माँ की इतनी जल्दी दूसरी शादी से बहुत हैरानी होती है। एक रात उसे अपने पिता का भूत ( प्रेतात्मा ) दिखाई देता है जो उसे उसके चाचा और उसकी माँ के षडयंत्र से अवगत करवाती है और उसे अपने चाचा क्लॉडियस से बदला लेने लिए प्रेरित करती है। आपको बता दें कि शेक्सपियर का एक दुरूखांत नाटक हैमलेट है, जिसका अभिनय सर्वप्रथम सन् 1603 ई. तथा प्रकाशन सन् 1604 ई. के समय हुआ था। सर्वप्रथम इसका मंचन 1609 में किया गया।

निर्देशक एवं निर्माता सैफ अंसारी दिल्ली के थियेटर जगत में एक जाना पहचाना नाम है, सैफ श्रीराम सेंटर फार परफोरिमग आर्ट, मंडी हाउस के विद्यार्थी रह चुके हैं, 3 वर्ष तक एसआरसी रैपेटरी से भी जुडे रहे हैं, सैफ अंसारी ने 15 से अधिक नाटकों का अभिनय किया है, जिनमें प्रमुख तुगलक, अग्नि और वरखा, 1084 की मां, हेमलेट इत्यादि। सैफ अंसारी की गिनती एक बेहतरीन अदाकारों में होती है। पहली बार हेमलेट से सैफ अंसारी अपना निर्देशन शुरू कर रहे हैं। इस नाटक में भाग ले रहे फरीदाबाद निवासी हर्षवर्धन जो कि जे सी बोस यूनिवर्सिटी वाईएमसीए के एमए जर्नलिज़म फाइनल ईयर के छात्र हैं।

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