Wednesday, October 16, 2019

जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में भौतिक विज्ञान को बढ़ावा देने के लिए फिजिक्स सोसाइटी ‘प्रज्ञानं’का गठन


फरीदाबाद(abtaknews.com)16 अक्तूबर,2019: विद्यार्थियों को भौतिक विज्ञान के सिद्धांतों की व्यापक समझ प्रदान करने तथा भौतिकी में करियर की बनाने के लिए मार्गदर्शन करने और भौतिक विज्ञान में अनुसंधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के भौतिक विज्ञान विभाग ने अपनी फिजिक्स सोसाइटी ‘प्रज्ञानं’का गठन किया है, जिसकी लांचिंग आज की गई।कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने आज यहां विभाग द्वारा आयोजित एक समारोह में सोसाइटी के लोगो का आधिकारिक तौर पर अनावरण किया और भौतिक विज्ञान को बढ़ावा देने के लिए विभाग द्वारा की गई पहल की सराहना की। इस अवसर पर डीन (संस्थान) डॉ. संदीप ग्रोवर, डीन (एचएएस) डॉ. राजकुमार, भौतिक विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. आशुतोष दीक्षित और कुलसचिव डॉ. सुनील कुमार गर्ग भी उपस्थित थे। 

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई, जिसके बाद डॉ. आशुतोष दीक्षित ने फिजिक्स सोसायटी ‘प्रज्ञानं’ के गठन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सोसायटी का नाम भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के चंद्र मिशन चंद्रयान-2 के रोवर प्रज्ञान से प्रेरित है।इस अवसर पर रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अमितांशु पटनायक को अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया था। डाॅ. पटनायक ने डीआरडीओ में नवीनतम अनुसंधानों के बारे में विद्यार्थियों को बताया।
इस अवसर पर बोलते हुए, कुलपति प्रो दिनेश कुमार ने भौतिकी को विज्ञान का एक महत्वपूर्ण विषय और वास्तविक विज्ञान बताया तथा विद्यार्थियों को भौतिकी के प्रति बेहतर समझ बनाने तथा संबंधित क्षेत्र में अनुसंधान करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि विश्वविद्यालय का नाम प्रमुख भौतिक विज्ञानी जगदीश चंद्र बोस के नाम पर है। उन्होंने कहा कि विभाग को भौतिक विज्ञान तथा इससे संबंधित क्षेत्रों में अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए सोसायटी के तहत वर्ष भर की गतिविधियों की योजना बनानी चाहिए और संचालन करना चाहिए। 
विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभवों को साझा करते हुए, कुलपति ने बताया कि कैसे भौतिक विज्ञान में एमएससी करते समय उनके द्वारा लिखित एक शोध पत्र ने उनके लिए कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय का रास्ता खोल दिया था। उन्होंने विद्यार्थियों को शोध करने और शोध पत्र लिखने के लिए प्रेरित किया तथा कहा कि वे अपना शोध पत्र प्रमुख विज्ञान पत्रिकाओं में प्रकाशित करने का प्रयास करें। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सोसायटी में ज्यादा से ज्यादा प्रयोगात्मक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाये और प्रमुख भौतिकी प्रयोगशालाओं और अध्ययन केंद्रों में विद्यार्थियों के लिए स्टडी टूअर करवाया जाये। इस अवसर पर भौतिकी पर एक प्रश्नोत्तरी आधारित प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम का संचालन डाॅ. अनुराधा शर्मा तथा डाॅ. अरूण कुमार द्वारा किया गया।

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