Sunday, October 20, 2019

एशलान कालेज से एफिलेशन वापस लेने से करीब 500 छात्रों का भविष्य दांव पर,अभिभावकों में आक्रोश



फरीदाबाद(abtaknews.com)20 अक्टूबर,2019:जेसी बोस वाईएमसीए युनिवर्सिटी द्वारा एकलान इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कालेज से एफिलेशन वापस लेने से करीब 500 छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है। जिसको लेकर 2019-20 सत्र में प्रवेश पाने वाले अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों व अभिभावकों में भारी आक्रोश है और वाईएमसीए युनिवर्सिटी व एकलान इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कालेज के खिलाफ गुस्सा है। 2007 में कबुलपुर में खुले इस कालेज में अंडर ग्रेजुएट की 480 व पोस्ट ग्रेजुएट की 48 सीटें हैं। वाईएमसीए युनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार द्वारा 17 अक्टूबर को एफिलेशन वापस लेने का पत्र जारी किया गया है। जिसके बाद छात्रों में हड़कंप मच गया है। रजिस्ट्रार द्वारा जारी पत्र में लिखा गया है कि एकलान इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कालेज यूनिवर्सिटी द्वारा की जाने जरूरी निरक्षण नही करवाने के कारण एफिलेशन वापस ली गई है। रजिस्ट्रार के अनुसार कालेज प्रशासन को 24 व 31मई और 5 अगस्त को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था। लेकिन प्रशासन जरूर निरक्षण न करवाने का कोई संतोषजनक जवाब नही दे पाया। जिसके बाद एफिलेशन वापस लेने का फैसला लिया गया है।

वाईएमसीए युनिवर्सिटी प्रशासन की मिलीभगत के कारण छात्रों का भविष्य दांव पर

अभिभावक एकता मंच हरियाणा के अध्यक्ष एडवोकेट ओ. पी. शर्मा, महासचिव कैलाश शर्मा, संरक्षक सुभाष लांबा व जिला प्रधान डाक्टर मनोज कुमार ने का आरोप है कि वाईएमसीए युनिवर्सिटी प्रशासन की मिलीभगत से आज करीब 500 छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है। उनका कहना है कि जब 24 मई,2019 से पहले से ही कालेज प्रशासन जरुरी निरक्षण नही करवा रहा था तो उसको 17 अक्टूबर तक का समय क्यों दिया गया। अगर वाईएमसीए युनिवर्सिटी प्रशासन 5 अगस्त को दिए अंतिम नोटिस के साथ ही एफिलेशन वापस लेकर समाचार पत्रों में प्रकाशित करता तो वर्ष 2019-20 सत्र के लिए 14 अगस्त को हुए नए एडमिशन नही हो पाते। अभिभावक एकता मंच ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कालेज प्रशासन को नए सत्र के लिए नए एडमिशन करने का पुरा समय दिया है। अभिभावकों ने सरकार एवं टेक्निकल एजुकेशन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव से मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों को वाईएमसीए युनिवर्सिटी से संबंधित कालेजों विभाग वाईएमसीए में समायोजित करवाने की मांग की है। महासचिव कैलाश शर्मा व संरक्षक सुभाष लांबा ने बताया कि अगर कालेज प्रशासन व यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों को भविष्य को ध्यान में रखते हुए कोई ठोस कदम नहीं उठाए तो अभिभावक एवं छात्र सड़कों पर उतरने पर मजबूर होंगे।

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