Thursday, October 3, 2019

सेक्टर-37 में श्री रामलीला सेवा समिति की रामलीला में राम, सीता व लक्ष्मण वनवास प्रसंग का मंचन


फरीदाबाद(abtaknews.com)3अक्टूबर,2019:सेक्टर-37 में श्री रामलीला सेवा समिति द्वारा आयोजित रामलीला में बुधवार को राम, सीता व लक्ष्मण के वनवास जाने और उनके बारे में पता चलने पर भ्राता भरत के दुखी होने का मंचन किया गया।वे माता कैकेयी द्वारा अपने लिए राज-पाट लिए जाने पर उन्हें भला-बुरा कहते हैं और अपने भाइयों को वापस लौटाने के लिए ऋषि-मुनियों और नगर की जनता के साथ दौड़ पड़ते हैं। उधर रास्ते में लक्ष्मण द्वारा अपनी ओर आते जनसमूह को देखकर भगवान राम से कहते हैं कि भरत उन्हें मारने के लिए सेना लेकर आ रहे हैं। इस पर भगवान राम कहते हैं कि भरत ऐसा नहीं कर सकते है। जब भरत उनके पास आते हैं और उन्हें वापस चलने के लिए बार-बार विनीत करने पर भी भगवान राम अपने पिता के वचन को न ठुकराने की बात कहते हैं तो भरत कहते हैं कि अगर वे वापस नहीं चल सकते तो अपने चरणपादुका ही दे दीजिए जिन्हें वे राजगद्दी पर रखकर आपके आने तक अयोध्या का कामकाज संभालेंगे।
रामलीला में सराय ख्वाजा पुलिस थाने के एसएचओ नरेश कुमार व उनके सहयोगियों नरेंद्र कुमार व उमेश कुमार ने रामलीला के कलाकारों राम बने राजू सोकिया, लक्ष्मण बने रामप्रकाश, सीता बने जयप्रकाश, भरत बने सुनील छाबड़ा, शत्रुघ्न बने मोहन, कैकेयी बने घनश्याम, कौशल्या बने प्रकाश रावत, सुमित्रा बने सुमित, रामलीला के डायरेक्टर दीपक सेवरा, अजय गोयल, मंच संचालक संजय सिंगला व राजू शर्मा से मुलाकात की।
इस मौके पर एसएचओ नरेश कुमार ने कहा कि रामलीला का मंचन करने का उद्देश्य भारतीय संस्कृति व आस्था को बढ़ावा देना है ताकि बुराई पर अच्छाई की जीत की सीख युवा पीढ़ी को मिलती रहे तथा युवा पीढ़ी बुराइयों से दूर रहें। उन्होंने कहा कि भगवान राम के बताए मार्ग पर चलें क्योंकि रामलीला में हमारे जीवन का संपूर्ण सार है। इसे हमें अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। उन्होंने रामलीला आयोजन के लिए श्री रामलीला सेवा समिति के पदाधिकारियों को बधाई भी दी।

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