Wednesday, October 30, 2019

हरियाणा मानव अधिकार आयोग बोला बिजली विभाग 1 लाख जुर्माना उपभोक्ता को दे

अंबाला(Abtaknews.com)30अक्टूबर, 2019: जिले के एक उत्तरी हरियाणा बिजली वितरण निगम के खिलाफ मामले में सुनवाई करते हुए हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने उत्तरी बिजली वितरण निगम को ₹100000 जुर्माना उपभोक्ता को देने का आदेश दिया। इस मामले में  उपभोक्ता के मीटर आंखों से देखने पर मीटर में किसी प्रकार का दोष नहीं दिखा तो  बिजली निगम द्वारा चोरी के शक में  30 चालीस साल पुराने मीटर को उतार कर अपनी ही लेबोरेटरी से जांच के लिए भेजा गया । विभाग के अनुसार उनके विभाग की प्रयोगशाला  में मीटर में कुछ तकनीकी खामी पाई गई  परन्तु उपभोक्ता द्वारा किसी अन्य स्वतंत्र प्रयोगशाला में जांच कराने की मांग को खारिज कर दिया गया तथा मीटर कि जांच के समय वहां उपस्थित भी नहीं रहने दिया गया। उपभोक्ता ने कहा कि  बिजली अधिकारियों द्वारा मनमानी करके उपभोक्ता के लोड को अधिक में  एसेस कर  के ₹38306 का जुर्माना लगा दिया गया जिसका कोई कानूनी आधार वो सिद्ध ना कर सके
अधिकारियों द्वारा उपभोक्ता के लोड असेसमेंट  कुल जितनी की गई थी उसका 91% उपभोक्ता अपने बिलों में पहले ही भुगतान कर चुका था उपभोक्ता ने बिजली विभाग के नियमों का हवाला देते हुए बताया कि यदि असेसमेंट से 75%  अधिक भुगतान किया गया हो तो चोरी का मामला नहीं बन सकता परंतु उपभोक्ता की इस दलील को बिजली विभाग के अधिकारियों द्वारा नहीं माना गया और उस पर से  जुर्माने की पूर्ण राशि वसूल कर ली गई । बिजली विभाग के अधिकारी और वकील इस मामले में कई बार उपस्थित तो हुए परंतु आयोग के प्रश्नों और  सरकार के बनाए नियमों की अनदेखी पर कोई संतोष जनक जवाब नहीं दे पाए।  मामले को गंभीरता से लेते हुए हरियाणा मानव अधिकार आयोग चेयरमैन पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस श्री एस के मित्तल एवम् माननीय सदस्य श्री दीप भाटिया ने कहा की पानी, बिजली आदि सुविधाएं एक मानव के लिए मूलभूत सुविधाएं होती है तथा इन्हे देने में कोताही या  नाजायज दखलअंदाजी मानव अधिकारों का सीधा सीधा हनन है। इस मामले में आयोग ने बिजली विभाग के अधिकारियों को उपभोक्ता के मूल मानव अधिकारी का दोषी मानते हुए 1 लाख रुपए हर्जाना  देने को कहा है

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