Thursday, September 5, 2019

भय और दहशत क्या होतीं है,तिगांव भाजपा कार्यकर्ताओं से पूछो मोदीजी-अमित शाह जी

फरीदाबाद(Abtaknews.com)भय और दहशत क्या होतीं है,तिगांव भाजपा कार्यकर्ताओं से पूछो मोदीजी-अमित शाह जी जहां टिकट के लिए आवेदन करना  भी सबसे ज्यादा गुनाह माना  जाता हो। यही कारण रहा कि हरियाणा की 90 विधान सभा के होने वाले चुनाव मे हर विधान सभा से टिकट के दावेदारों की लंबी लिस्ट है वहीं तिगाव विधान सभा से सिर्फ दो आवेदक सामने आने पर स्वम भाजपा प्रभारी अनिल जैन भी हैरान रह गए। 
इतिहास गवाह है कि अपने और अपनों  के लिए चक्रवहु बनाने वाले का स्वम सुरक्षित निकल पाना मुश्किल ही नहीं  बल्कि नामुमकिन  होता है।(महाभारत का अभिमन्यु प्रसंग याद होगा सभी को)विधानसभा चुनावों को लेकर प्रदेशस्तर पर भाजपा संगठन ने तैयारियां शुरु कर दी है, जहां प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर जन-आर्शीवाद यात्रा के माध्यम से हरियाणा की सभी 90 विधानसभाओं में लोगों का आर्शीवाद ले रहे है वहीं हरियाणा के भाजपा प्रभारी एवं राष्ट्रीय महासचिव डा. अनिल जैन ने विधानसभा स्तर पर मीटिंग करके कार्यकर्ताओं में जान फूंकने का काम कर रहे है। मौजूदा दौर में भाजपा की 90 विधानसभाओं में हर विधानसभा में एक दर्जन से ज्यादा उम्मीदवार चुनावी ताल ठोंकने में लगे है और पिछले दिनों फरीदाबाद आगमन पर मुख्यमंत्री की जन-आर्शीवाद यात्रा का हर विधानसभा में टिकटार्थियों ने अपना शक्ति प्रदर्शन करके अपना मजबूत दावा भी जता दिया था। फरीदाबाद की 6 विधानसभाओं में टिकट दावेदारी की संख्या आंकने के लिए प्रदेश प्रभारी अनिल जैन ने रविवार को सेक्टर-11 मिलन वाटिका में कार्यकर्ताओं की मीटिंग ली। इस मीटिंग में एनआईटी, फरीदाबाद शहरी, पृथला, बल्लभगढ़, बडखल से एक-एक दर्जन उम्मीदवारों ने हाथ उठाकर अपने दावेदारी जताई परंतु मीटिंग में उस समय खामोशी छा गई, जब तिगांव का जिक्र आया। प्रदेश प्रभारी अनिल जैन ने जब तिगांव से टिकट दावेदारों द्वारा हाथ उठाने के लिए कहा तो केवल दो ही हाथ उठे, एक पूर्व प्रत्याशी राजेश नागर का और दूसरा केंद्रीय राज्यमंत्री के सुपुत्र देवेंद्र चौधरी का, इस पर अनिल जैन ने मुस्कुराते हुए कहा कि हर विधानसभा क्षेत्र से इतने दावेदार और तिगांव से मात्र दो ही हाथ उठे, कहीं कार्यकर्ताओं में केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर का डर तो नहीं है, इस बात को सुनकर कार्यकर्ताओं सुन्न पड़ गए। प्रदेश प्रभारी ने भी स्थिति को भांपते हुए दूसरी बात छेड़ दी। गौरतलब है कि केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर 2009 के विधानसभा चुनावों में तिगांव विधानसभा से विधायक चुने गए थे और उसके बाद 2014 में उनके पुत्र देवेंद्र चौधरी ने तिगांव से अपनी दावेदारी प्रस्तुत की थी, लेकिन उस समय कांग्रेस से आए राजेश नागर को भाजपा ने अपना उम्मीदवार बनाया था और वह मौजूदा विधायक ललित नागर से लगभग 3 हजार वोटों से हार गए थे। पिछले पांच सालों से देवेंद्र चौधरी होर्डिंगों व मीटिंगों के माध्यम से तिगांव से अपनी मजबूत दावेदारी जता रहे है। अब भविष्य के गर्भ में है कि भाजपा किसे तिगांव से अपना उम्मीदवार चुनती है।

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