Monday, August 5, 2019

कुछ अनकही बातें जो उन खतों में थी जो कभी भेजे नहीं गये’ कुलपति ने किया दीया गोयल की पुस्तक ‘का विमोचन


फरीदाबाद(abtaknews.com)5 अगस्त,2019: हमारे जीवन में ऐसे कितने ही अवसर आते है जब हम अपने करीबी लोगों को काफी कुछ कहना चाहते है लेकिन किन्हीं परिस्थितियों के कारण कह नहीं पाते। अक्सर ऐसी बातें, जिनमें गहरी संवेदनाएं छिपी होती है, या तो वह हमारे जहन में रह जाती है या फिर हमारी डायरी या उन खतों में रह जाती है, जिन्हें हम उन लोगों को तक पहुंचाने की जीवनभर हिम्मत नहीं जुटा पाये, जिनके लिए वह लिखे गये थे। ऐसे ही अनकही बातों और कभी नहीं भेजे गये खतों का संग्रहित कर पुस्तक के रूप में संकलित किया है दीया गोयल ने। 
दीया गोयल की पुस्तक ‘लेटर अनसेंट’ का विमोचन आज जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने किया।कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने दीया और उसके परिजनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इतनी छोटी उम्र में रचनात्मक लेखन करना बड़ी बात है। कुलपति ने कहा कि लोगों की ऐसी बातों को किताब के माध्यम से बताना जो बेहद निजी और भावनाओं से ओतप्रोत है, बेहद संवेदनशील कार्य है और इसके लिए अच्छी समझ होनी जरूरी है। उन्होंने दीया के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।
वुडस्टॉक स्कूल, मसूरी में 12वीं कक्षा की छात्रा दीया गोयल का ताल्लुक एक व्यवसायी परिवार से है और वह हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री बनारसी दास गुप्ता की प्रपौत्री है। फरीदाबाद के सेक्टर-15 निवासी दीया गोयल के पिता सुमित गुप्ता एक कारोबारी है और मां शिप्रा गुप्ता का भी अपना व्यवसाय है। बिजनेस स्टडीज कर रही 16 वर्षीय दीया बताती है कि उसे लिखने का शौक शुरू से ही रहा है और अपने अनुभव से उसने पाया कि ऐसे कितने लोग होते है जो काफी कुछ कहना चाहते है लेकिन परिस्थितिवश कुछ कह नहीं पाते। ऐसे ही लोगों की कहानी को उसने खतों के माध्यम से अपनी पुस्तक में शामिल किया है। दीया ने बताया कि 80 पन्नों की अपनी पुस्तक में उसने लोगों को दिल खोलकर अपनी बात रखने का अवसर दिया है

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