Sunday, August 18, 2019

फरीदाबाद में पहले ‘वर्चुअल कोर्ट’ की शुरूआत

फरीदाबाद(abtaknews.com)17अगस्त,2019:ई न्यायालयों के एक नए युग कीशुरुआत में फरीदाबाद में पहले च्वर्चुअल कोर्टज् की शुरूआत हो शनिवार से हो गई। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालयके मुख्य न्यायाधीश न्यायामूर्ति कृष्णा मुरारी ने वीडियोकॉन्फ्रेंस के माध्यम से फरीदाबाद में पहले च्वर्चुअल कोर्टज् की शुरूआत की। फरीदाबाद स्थित यह च्वर्चुअल कोर्टज् पूरेहरियाणा राज्य के ट्रैफिक चालान के मामलों से निपटेगा।इस च्वर्चुअल कोर्टज् का उद्देश्य न्यायालय में विवादी की उपस्थिति को समाप्त करना और मामले को ऑनलाइन निपटाना है।

परियोजना का शुभारंभ करते हुए मुख्य न्यायाधीश नेवीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जिला एवं सत्र न्यायाधीशदीपक गुप्ता फरीदाबाद के साथ बातचीत की औरपरियोजना के सफल कार्यान्वयन पर बल दिया। इसअवसर पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के अन्यन्यायाधीशों के अलावा पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालयकी कंप्यूटर समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति डॉ. रवि रंजन केसाथ-साथ समिति के सदस्य न्यायमूर्ति सुरिंदर गुप्ता औरन्यायमूर्ति बी.एस. वालिया भी उपस्थित थे।

वीडियो कांफ्रेंसके उपरांत इस प्रणाली के संदर्भ में जिला एवं सत्र न्यायधीश दीपक गुप्ता ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि यह परियोजना भारत केसर्वोच्च न्यायालय की ई-समिति के मार्गदर्शन में शुरू कीगई है और इस सॉफ्टवेयर को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र(एनआईसी) द्वारा विकसित किया गया है। इस परियोजनाके तहत, च्वर्चुअल कोर्टज् में प्राप्त मामलों को स्क्रीन परजुर्माना की स्वचालित गणना के साथ न्यायाधीश द्वारा देखाजा सकता है। जब एक बार समन जेनरेट होने और आरोपीको ई-मेल या एसएमएस पर जानकारी मिल जाने के बाद, आरोपी च्वर्चुअल कोर्टज् की वेबसाइट पर जा सकते हैं औरअपने संबंधित केस का सीएनआर नंबर या अभियुक्त कानाम या यहां तक कि ड्राइविंग लाइसेंस नंबर इत्यादि देकरअपना केस सर्च कर सकते हैं।

यदि अभियुक्त ऑनलाइन दोषी पाया जाता हैं, तोजुर्माना राशि प्रदर्शित होगी और अभियुक्त जुर्माना भरने केलिए आगे बढ़ सकता है। सफल भुगतान और जुर्माना राशिकी वसूली पर मामले का स्वत: निपटारा हो जाएगा। जबअभियुक्त दोषी नहीं है,तो ऐसे मामलों को नियमितन्यायालयों को संबंधित क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र में भेजाजाएगा।

उन्होंने कहा कि च्वर्चुअल कोर्टज् नियमित अदालतों पर बोझ कम करेगा। निपटान की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन घंटों मेंहोगी। न्यायालयों में लोगों का आना काफी कम होगाक्योंकि अभियुक्तों को दोषी ठहराने के लिए अदालत मेंजाने की आवश्यकता नहीं होगी। इस अवसर पर ज्यूडिशि यल मेजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी प्रियंका जैन,मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला लीगल सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती मोना, अधिवक्ता रविंद्र जैन भी उपस्थित थे।

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