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Thursday, June 13, 2019

पार्षद कँवर शैलेन्द्र सिंह नम्बरदार ने शर्बत बांट कर किया पुण्य का कार्य

फरीदाबाद (abtaknews.com) 13 जून,2019; तपती गर्मी के मौसम में पानी पिलाना बहुत ही पुण्य का काम है। पानी से शरीर में ग्लूकोस का स्तर बना रहता है और पानी से गर्मी के मौसम से शरीर में ताजगी आती है। गर्मी से बचने की लिए समय समय समय पर पानी पीना बहुत जरुरी है। ये कहना है जिला परिषद् वार्ड नंबर पांच से पार्षद कँवर शैलेन्द्र सिंह नम्बरदार का। शैलेन्द्र सिंह ने आज एनआईटी स्थित अपने कार्यालय के सामने निर्जला एकादसी के अवसर पर मीठे पानी के छबील पर लोगों को मीठा पानी पीला रहे थे।
हिन्दू धर्म शास्त्रों के अनुसार निर्जला एकादसी का यह व्रत बिना पानी पिए और दिन भर व्रत रखकर किया जाता है। इस कारण इस उपवास का महत्त्व कठिन तप और साधना के समान होता है। हिन्दू पंचाग के अनुसार वृषभ और मिथुन संक्रांति के बीच शुक्ल पक्ष की एकादशी निर्जला एकादशी होती है। इस व्रत को भीमसेन एकादशी या पांडव एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक मान्यता है कि पाँच पाण्डवों में एक भीमसेन ने इस व्रत का पालन किया था और वैकुंठ को गए थे। इसलिए इसका नाम भीमसेनी एकादशी भी हुआ। 
सिर्फ निर्जला एकादशी का व्रत कर लेने से अधिकमास की दो एकादशियों सहित साल की 25 एकादशी व्रत का फल मिलता है। जहाँ साल भर की अन्य एकादशी व्रत में आहार संयम का महत्त्व है। वहीं निर्जला एकादशी के दिन आहार के साथ ही जल का संयम भी ज़रूरी है। इस व्रत में जल ग्रहण नहीं किया जाता है यानि निर्जल रहकर व्रत का पालन किया जाता है। यह व्रत मन को संयम सिखाता है और शरीर को नई ऊर्जा देता है। यह व्रत पुरुष और महिलाओं दोनों द्वारा किया जा सकता है। व्रत का विधान है। इस मोके पर सुभाष तनेजा, कमल कांत विक्रम सिंह राहुल समेत बहुत संख्या में समाज सेवी मौजूद रहे। 

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