Wednesday, June 5, 2019

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने की बैठक में लिए कई अहम फैंसले, इलेक्शन मोड़ में सरकार

चंडीगढ़(abtaknews.com)5  जून,2019;हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, स्वास्थ्य विभाग, हरियाणा के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राज्य के तीन जिलों नामत: अंबाला, पंचकूला और गुरूग्र्राम में चलाए जा रहे नेशनल प्रोग्राम फोर कंट्रोल आफ ब्लांइडनेस (एनपीसीबी) के अंतर्गत चलाए जा रहे कोर्निया इम्पलांट कार्यक्रम को पूरे राज्य में चलाया जाए ताकि इस योजना के तहत ज्यादा से ज्यादा मरीजों को कवर किया जा सकें। 
यह निर्देश आज यहां मुख्यमंत्री ने हरियाणा नेशनल हैल्थ मिशन की जनरल बॉडी की 6वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। बैठक में हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री ओम प्रकाश धनखड़, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन, परिवहन मंत्री श्री कृष्णलाल पंवार, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्ण बेदी, जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री डा. बनवारी लाल और विधायक लतिका शर्मा भी उपस्थित थी। 
बैठक में मुख्यमंत्री को बताया गया कि वर्ष 2018-19 में हैल्थ एवं वेलनेस सेंटर के क्रियान्वयन 105 प्रतिशत की प्रगति दर्ज की गई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नेशनल हैल्थ मिशन के तहत चलाए जा रहे हैल्थ एवं वेलनेस केन्द्रों की सूची बनाई जाए और मनोनीत सदस्यों के संज्ञान में लाया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि वे राज्य स्तर पर चलाई जा रही राज्य स्वास्थ्य सोसायटी की तरह जिला स्तर पर चलाई जा रही सोसायटी में गैर-सरकारी सदस्यों को भी मनोनित करें ताकि चलाई जा रही योजनाओं व कार्यक्रमों की सही जवाबदेही बन सकें। 
बैठक में मुख्यमंत्री को संस्थागत डिलीवरी के संबंध में बताया गया कि सेंट्रल रजिस्ट्रेशन सिस्टम अप्रैल, 2019 तक 93 प्रतिशत तक उपलब्धि हासिल की है जिसके आने वाले समय में शत-प्रतिशत कवर करने के लिए प्रयास किए जाएंगें। शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) में भी भारी गिरावट आई है जो एसआरएस वर्ष 2013 में 41 था जो अब एसआरएस वर्ष 2017 में 30 हो गया है। मातृत्व मृत्यु दर (एमएमआर) में गिरावट दर्ज की गई है  जो एसआरएस वर्ष 2011-13 में 127 थी, जिसमें 26 बिंदूओं की गिरावट दर्ज हुई है जो एसआरएस वर्ष 2014-16 में 101 हो गई  है। बैठक में मुख्यमंत्री ने संस्थागत डिलीवरी अभियान पर जोर देते हुए विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पिछले एक साल का डाटा उन्हें मुहैया करवाएं जिसमें घरों पर की जाने वाली डिलीवरी की विस्तृत जानकारी हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि वे जब यह डाटा तैयार किया जाए तो उसमें जिलावार जानकारी होनी चािहए। 
इसके अलावा, बैठक में वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु द्वारा संस्थागत डिलीवरी को राज्य के ग्रामीण व सूदुर क्षेत्रों में प्रभावी बनाने के लिए राय दी गई, जिस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वित्त मंत्री द्वारा सुझाए गए किन्हीं तीन गांवों का पूर्ण सर्वे भी इस संबंध में कराया जाए। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने मेवात जैसे क्षेत्रों में लोगों के बीच संस्थागत डिलीवरी को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष जागरूकता अभियान भी चलाए जाए। 
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने 65 वर्ष तक लगाए जाने वाले डाक्टरों के संबंध में निर्देश दिए कि विभाग के अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि 58 वर्ष की आयु के पश्चात जिन डाक्टरों को सेवा में रखा जा रहा है उनके कार्य का हर साल मूल्यांकन करके उन्हें सेवा विस्तार दिया जाए। 
बैठक में मुख्यमंत्री को बताया गया कि वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग में 359 एम्बलेंस संचालित है जिसमें 2018-19 के दौरान 150 नई एम्बूलेंस को पुरानी एम्बूलेंस के स्थान पर रखा गया है। मुख्यमंत्री ने राज्य में चलाई जा रही एम्बूलेंस प्रणाली की समीक्षा करते हुए कहा कि वर्तमान में हरियाणा में एम्बूलेंस पहुंच का समय लगभग 15 मिनट हैं, जिसे आने वाले समय में विभाग द्वारा ओर कम किया जाना चाहिए ताकि मरीजों को त्वरित ईलाज संभव हो सकें। इस पर स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि इस समय को भविष्य में कम किया जाएगा। इसके अतिरिक्त उन्होंने विभाग के अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि वे एम्बूलेंस को पुलिस विभाग द्वारा तैयार किए जा रहे केन्द्रीयकृत नियंत्रण केन्द्र के साथ जोडऩे का प्रयास करें ताकि पूरे राज्य में एम्बूलेंस सेवा को एकीकृत किया जा सकें। 
मुख्यमंत्री ने बैठक में अपने भाव व्यक्त करते हुए कहा कि हमारी प्राथमिकता रोटी-कपड़ा और मकान से बदलकर बिजली-सडक़ और पानी हो गई है और आने वाले समय में यह प्राथमिकता सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा होगी, इसलिए हमें आज से ही स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने पर जोर देने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि वे राज्य के लोगों को स्वस्थ रखने के लिए एक रोडमैप तैयार किया जाए जिसमें स्वस्थ से संबंधित सभी पद्धतियों को एकीकृत किया जाए। 
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को बताया गया कि पंचकूला, पानीपत और मेवात जिलों में जच्चा-बच्चा अस्पताल बनाने पर विचार चल रहा है, तो वहीं, राज्य में टीकाकरण सेवाओं को आधार से जोडऩे की शुरूआत कर दी गई है और इस सेवा को भविष्य में आगे बढाया जाएगा। बैठक में मुख्यमंत्री को बताया गया कि शिशु मृत्यु दर (आईएमआर),मातृत्व मृत्यु दर (एमएमआर), संस्थागत डिलीवरी, पूर्ण टीकाकरण के स्वस्थ बिंदूओं में गुणात्मक सुधार हुआ है। इसके अलावा, वर्ष 2017-18 व 2018-19 के बजट खर्च की जानकारी भी मुख्यमंत्री को दी गई। 
बैठक में मुख्य सचिव श्री डी.एस. ढेसी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजीव अरोड़ा, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी.वी.एस.एन. प्रसाद, ग्राम एवं आयोजना विभाग के प्रधान सचिव श्री ए.के.सिंह, महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रधान सचिव श्री राजा शेखर वुंडरू, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती नीरजा शेखर, मिशन निदेशक श्रीमती अमनीत पी. कुमार, शहरी स्थानीय निकाय विभाग व सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री समीर पाल सरो, आयुष निदेशक डा. साकेत कुमार, स्टेट इंस्टीटयूट हैल्थ एवं फैमिली वैलफेयर की निदेशक और हरियाणा स्टेट हैल्थ रिसोर्स सेंटर की निदेशक श्रीमती सोनिया त्रिखा, राष्टï्रीय स्वस्थ मिशन, स्वास्थ्य विभाग के निदेशक एवं उपनिदेशक और स्टेट हैल्थ मिशन के गैर-सरकारी सदस्यों सहित अन्य वरिष्ठï अधिकारी भी उपस्थित थे। 
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चंडीगढ़, 5 जून- हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री ओम प्रकाश धनखड़ ने कहा है कि किसानों को जोखिम-फ्री बनाने की दिशा में पहल करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है। इस कड़ी में आगे बढ़ते हुए गत वर्ष फसलों की आगजनी को प्राकृतिक आपदा श्रेणी में शामिल किया गया था और अब नहर टूटने या ओवर-फ्लो के कारण होने वाले फसलों के नुकसान की भरपाई भी की जाएगी। इसके अलावा, बाढ़ से अगर किसी किसान का नलकूप खराब हो जाता है, तो इसके लिए भी सरकार शीघ्र ही एक नीति बनाएगी। 
श्री धनखड़ आज एक विभाग के अधिकारियों की बैठक के बाद पत्रकारों को सम्बोधित कर रहे थे।
एक प्रश्न के उत्तर में श्री धनखड़ ने कहा कि भावान्तर भरपाई योजना में शामिल आलू, टमाटर, गोभी और प्याज के लिए एक-एक रुपये भरपाई का दायरा बढ़ाया जाएगा। आलू व टमाटर  में यह चार रुपये से बढ़ाकर 5 रुपये तथा गोभी व प्याज के लिए छ: रुपये किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पहले वर्ष भावान्तर भरपाई योजना के तहत 10579 एकड़ रकबे को  कवर किया गया और 4435 किसानों ने पंजीकरण करवाया था,जिन्हेें लगभग 12 लाख रुपये की भरपाई की गई। इस तरह दूसरे वर्ष 20346 किसानों ने 66250 एकड़ का पंजीकरण करवाया तथा उन्हें 9.40 करोड़ रुपये की भरपाई की गई। इस योजना के तहत 25 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। 
श्री धनखड़ ने बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों की मेहनत और उन्होंने किसानों के हाईटेक होने के कारण हरियाणा ने सबसे पहले प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए केन्द्र सरकार को डाटा उपलब्ध करवाया । इसके परिणामस्वरूप हरियाणा के 9,63,821 किसानों को सम्मान निधि की पहली किस्त तथा 935929  को दूसरी किस्त मिल पानी सम्भव हुई हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हर किसान को सालाना 6 हजार रुपये उपलब्ध करवाने की नई पहल की और अब तो पांच एकड़  या दो हैक्टेयर की शर्त को भी हटा दिया गया है। 
  उन्होंने बताया कि  प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना भी किसानों के लिए कारगर सिद्घ हो रही है। अब तक 1846 करोड़ रुपये की राशि किसानों को दी जा चुकी है। 
इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती नवराज सन्धू तथा निदेशक श्री अजीत बालाजी जोशी भी उपस्थित थे।
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चंडीगढ़, 5 जून- हरियाणा सरकार ने तुरंत प्रभाव से सिविल सचिवालय के 8 अधीक्षकों के स्थानांतरण एवं नियुक्ति आदेश जारी किए हैं। राजेंद्र कुमार को पदोन्नति उपरांत हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग, पंचकूला में लगाया गया है।कपिल ग्रोवर को पदोन्नति उपरांत सेवा-1 शाखा में लगाया गया है और पीएआर सैल का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है।
ज्योति बाला अरोड़ा को पदोन्नति उपरांत सामान्य सेवाएं-2 शाखा में लगाया गया है। 
महेश शर्मा को पदोन्नति उपरांत प्रशासकीय शाखा में प्रशासनिक अधिकारी-2 नियुक्त किया गया है।
नरेश कुमार को पदोन्नति उपरांत हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग, पंचकूला में लगाया गया है।
संजीव कुमार को पदोन्नति उपरांत आरवीए शाखा में लगाया गया है और हरियाणा सिविल सचिवालय में प्रोटोकोल अधिकारी का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है।
रोहताश सिंह को पदोन्नति उपरांत मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री राजीव जैन के पास लगाया गया है। रमेश कुमार को पदोन्नति उपरांत मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव श्री दीपक मंगला के  पास लगाया गया है।
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चण्डीगढ़, 5 जून - हरियाणा सरकार ने संत कबीर दास जयंती के अवसर पर 16 जून, 2019 को जींद में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है। एक सरकारी प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल इस अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे।
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हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिवों को निर्देश दिए हैं कि वे मुख्यमंत्री घोषणाओं के तहत चल रहे विकास कार्यों में तेजी लाएं ताकि उन्हें जल्द से जल्द पूरा करके लोगों को त्वरित सेवाएं मुहैया करवाई जा सकें। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि अगले तीन माह के दौरान लम्बित पड़े कार्यो को जल्द से जल्द निपटाएं।
 मुख्यमंत्री कल देर सायं यहां विभिन्न विभागों, जिनमें आबकारी एवं कराधान विभाग, वास्तुकार एवं संग्रहालय, अभिलेखागार, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन, लोक निर्माण विभाग और शिक्षा विभाग थे, से सम्बन्धित की गई घोषणाओं के तहत किए जा रहे विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में हरियाणा के लोक निर्माण (भवन एवं सडकें) मंत्री राव नरबीर सिंह भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरे हरियाणा में पर्यटन की क्षमता के अध्ययन के लिए एक एजेंसी को नियुक्त किया जाए, जो हरियाणा में पर्यटन की दृष्टि से विकसित होने वाले स्थानों, जिनमें मंदिर, स्मारक, किले इत्यादि, का अध्ययन करेगी। उन्होंने कहा कि पर्यटन आज एक उद्योग का रूप ले चुका है और पर्यटन को राज्य में बढ़ावा देने से रोजगार और राजस्व उत्पन्न होगा।
बैठक के दौरान पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग से सम्बन्धित की गई घोषणाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न प्रकार के रासायनिक गंदे पानी के ट्रीटमेंट के लिए कैमिकल इंजीनियरों की एक कमेटी बनाई जाए जो विभिन्न प्रकार के गंदे पानी के ट्रीटमेंट के लिए अपनी राय दे सकें ताकि विभिन्न प्रकार के एसटीपी और सीटीपी को स्थापित किया जा सके।
बैठक के दौरान ई-रिक्शा को बढ़ावा देने पर भी चर्चा की गई और अधिकारियों को मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ई-रिक्शा को राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में चलाया जाए। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम जैसे शहरों में प्रदूषण को कम करने हेतू व डीजल के ऑटो रिक्शा को कम करने के लिए चालकों को ई-रिक्शा चलाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
 मुख्यमंत्री घोषणाओं की बैठक में शिक्षा विभाग के तहत विभिन्न स्कूलों के अपग्रेडेशन और निर्माण कार्य से सम्बन्धित विभिन्न घोषणाओं की प्रगति रिपोर्ट भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पांच किलोमीटर के दायरे में प्राइमरी, मिडल, सेकेण्डरी और सीनियर सेकेण्डरी स्कूलों की मैपिंग करवाने के निर्देश भी अधिकारियोंं को दिए। इसके अलावा, उन्होंने प्रत्येक स्कूल में बच्चों की वर्तमान स्थिति की जानकारी ऑनलाइन होने पर भी जोर दिया और कहा कि यह जानकारी प्रत्येक दिन या सप्ताह में एक बार ऑनलाइन अपडेट की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि राज्य के प्रत्येक स्कूल में कितने कमरे, कितने अध्यापक और कितने छात्र हैं, की जानकारी भी प्रत्येक सप्ताह अपडेट होनी चाहिए। शिक्षा विभाग के सम्बन्धित घोषणाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले एक सप्ताह के भीतर उन्हें उन स्कूलों की जानकारी चाहिए, जिनमें चारदीवारी नहीं है, पक्का रास्ता नहीं है, पीने का पानी नहीं है और छात्रों के अनुपात के अनुसार शौचालयों की व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा, उन्होंने राज्य के सभी स्कूलों में सोलर सिस्टम लगाने की घोषणा की प्रगति की स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विशेषकर गुरुग्राम के स्कूलों की स्थिति की समीक्षा करें और रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
 लोक निर्माण (भवन एवं सडक़ें) विभाग से सम्बन्धित की गई मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री को पटोदी बाईपास, हथीन बाईपास, कोसली आरयूबी, कोसली बाईपास, अम्बाला बाईपास के अलावा विभिन्न सडक़ों पर की जा रही कार्यवाही की  प्रगति की रिपोर्ट की जानकारी भी दी गई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने लोक  निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शहर के अन्दर बनने वाले आरओबी को पिल्लरों पर बनाएं ताकि उसके नीचे के स्थान का उपयोग लोग ज्यादा से ज्यादा कर सकें। इसके अलावा, जहां कहीं भी आरयूबी या अंडरपास बनाया जाए तो उस पर बरसात से बचाव के लिए शीट का इस्तेमाल किया जाए ताकि बरसात का पानी अंडरपास या आरयूबी के अन्दर न जा सके। मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विभाग द्वारा प्रतिदिन सडक़ निर्माण व मरम्मत की जानकारी भी उन्हें मुहैया करवाएं।बैठक के दौरान आबकारी एवं कराधान विभाग की घोषणाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निम्न आय वाले व्यापारियों को विभिन्न योजनाओं को जल्द से जल्द लागू करने पर कार्य किया जाए ताकि व्यापारियों को इन योजनाओं का लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री को विभाग की अन्य घोषणाओं की प्रगति के सम्बन्ध में भी जानकारी दी गई।
बैठक में मुख्य सचिव श्री डी.एस.ढेसी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री की उप-प्रधान सचिव श्रीमती आशिमा बराड़, मुख्यमंत्री घोषणाओं के क्रियान्वयन के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी.सी. गुप्ता, लोक निर्माण (भवन एवं सडक़ें) विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आलोक निगम, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती धीरा खण्डेलवाल, आबकारी एवं कराधान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल और शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री पी.के. दास, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री अमरजीत सिंह के अलावा राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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