Sunday, June 23, 2019

अहंकार से आकंठ तक डूबे खट्टर को विधानसभा में सबक सिखाएगी जनता : दीपेंद्र हुड्डा

फरीदाबाद(Abtaknews.com)23 जून,2019रोहतक के पूर्व सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने आज तिगांव की ऐतिहासिक धरती से संघर्ष का शंखनाद करते हुए अहंकारी खट्टर सरकार को उखाड़ फैंकने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पूरी तरह से अहंकार के अखंड से डूब चुकी भाजपा की खट्टर सरकार को सबक सिखाने का सही समय आ गया है इसलिए लोग विधानसभा चुनाव में वोट की चोट से इनके अहंकार को चकनाचूर करने का काम करें। उन्होंने कहा कि तिगांव की ऐतिहासिक धरती ने हमेशा हवा के विपरीत चलते हुए अपनी अलग पहचान बनाने का काम किया है इसलिए उन्होंने हरियाणा के सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों में किए जाने वाले संघर्ष की शुरुआत तिगांव क्षेत्र से कर बदलाव का बिगुल फूंकने के लिए कार्यकर्ताओं को लामबंद किया है। उन्होंने अपनी हार पर बोलते हुए कहा कि रोहतक की हार की टीस पूरे हरियाणा की जनता में दिखाई दे रही है और प्रदेश की जनता इस इंतजार में है कि कब इन जुमलेबाजों को सबक सिखाया जा सके। पूर्व सांसद श्री हुड्डा आज तिगांव विधानसभा क्षेत्र के विधायक ललित नागर द्वारा तिगांव अनाज मंडी में आयोजित कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में उमड़े अपार जनसैलाब को बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन की अध्यक्षता पृथला विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक रघुबीर सिंह तेवतिया द्वारा की गई। कार्यक्रम में पहुंचने पर तिगांव क्षेत्र के सभी गांवों, सेक्टरों व कालोनियों से आए भारी संख्या में कार्यकर्ताओं की तरफ से विधायक ललित नागर ने दीपेंद्र हुड्डा सहित सभी अतिथियों का बड़ी माला पहनाकर स्वागत किया। सम्मेलन में दीपेंद्र हुड्डा ने अपने संबोधन में सीधे-सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में कहीं कोई मोदी की लहर नहीं, प्रधानमंत्री द्वारा लोगों को गुमराह कर सेना के शौर्य व पराक्रम का श्रेय लेते हुए चुनाव कराया था, जिसमें जनता देशभक्ति को लेकर बहक गई। उन्होंने कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरु से लेकर अब तक देश में अनेकों प्रधानमंत्री हुए और अनेकों बार उनके कार्यकाल में सेना ने अपने पराक्रम का लोहा मनवाया है, लेकिन किसी भी प्रधानमंत्री ने सेना के शौर्य व पराक्रम का श्रेय अपने आप नहीं लिया, लेकिन अब देश में मोदी नाम का ऐसा प्रधानमंत्री हुआ है, जिसके पास अपने द्वारा देश के लिए किए जाने के लिए तो कुछ नहीं है, उन्हें सत्ता प्राप्ति के लिए सिर्फ एक सेना का सहारा लेना पड़ा। 
उन्होंने हरियाणा प्रदेश का जिक्र करते हुए सीधे-सीधे मुख्यमंत्री मनोहर लाल को चुनौती देते हुए कहा कि खट्टर साहब इस अहंकार में न रहे कि प्रदेश की दस की दस सीटों पर भाजपा की विजयी हुई है। प्रदेश के चुनाव मुद्दों के आधार पर लड़े जाएंगे और हरियाणा की भाजपा सरकार ने पिछले पौने पांच साल के शासनकाल में कोई एक ऐसी विकास की सौगात हरियाणा को नहीं दी है, जिसको यह जनता के लिए ले जा सके क्योंकि विकास के नाम पर पहले पायदान पर रहने वाला हरियाणा आज देश में 19वें स्थान पर पहुंच गया है वहीं बेरोजगारी की बात की जाए तो हरियाणा पहला ऐसा राज्य है, जो देश में अपनी अलग जगह बनाए हुए है, यहां 8.8 बेरोजगार रोजगार की तलाश में सडक़ों पर घूम रहे है। उन्होंने हाल ही के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में कांग्रेस को मिली हार का एक कारण फरीदाबाद से भी जुड़ा है क्योंकि आपके विधायक ललित नागर को पहले लोकसभा की टिकट देकर 8 दिन बाद कांग्रेस आलाकमान द्वारा टिकट काटने से पूरे हरियाणा के कांग्रेस कार्र्यकर्ताओं का एक तरह से मनोबल ही टूट गया, जिसका पूरे हरियाणा प्रदेश में सभी प्रत्याशियों को हार के रुप में उठाना पड़ा। उन्होंने कार्यकर्ताओं की ठहाके मार रही भीड़ का जोश पढ़ते हुए उन्हें और उत्साहित करते हुए ठेठ हरियाणवीं अंदाज में कहा कि विधानसभा चुनाव में लोकसभा की कसर काढ देना, बाकि कि जिम्मेदारी मेरी रहेगी क्योंकि पूरे पांच साल के शासनकाल में तिगांव विधानसभा क्षेत्र का विधायक हरियाणा का पहला ऐसा विधायक है, जिसने हमेशा जनता के हक-हकूक की आवाज को सडक़ से लेकर विधानसभा तक बुलंद करने का काम किया है इसलिए जिस प्रकार से आपने 2014 में मोदी लहर के विपरीत क्षेत्र की अलग पहचान बनाई थी, ठीक उसी प्रकार 2019 में विधानसभा में ललित नागर को विधायक बनाकर भेजने का काम करें।
 कार्यकर्ता सम्मेलन के आयोजक विधायक ललित नागर ने तिगांव क्षेत्र के कोने-कोने से आए भारी संख्या में कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लोकसभा में मेरी टिकट कटने के बाद आज जिस प्रकार से आपने भारी संख्या में आकर जो मेरी हौंसला अफजाई की है, उससे मैं संघर्ष के लिए और तरोताजा हो गया हूं। उन्होंने कहा कि एक लायक बेटे की तरह चाहे किसानों के मुआवजे की बात रही हो, चाहे गांवों, सेक्टरों व कालोनियों के विकास की बात रही है, स्कूल-अस्पताल बनवाने के साथ-साथ बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए मैंने विधानसभा के हर सत्र में तिगांव क्षेत्र की आवाज बुलंद करने का काम किया, इसी का परिणाम है कि आज जो थोड़े बहुत यहां विकास कार्य दिखाई देते है, वो आपके विधायक द्वारा उठाई गई आवाज का परिणाम है। उन्होंने लोगों का आश्वस्त किया कि संघर्ष की शुरुआत हो चुकी है और तिगांव विधानसभा क्षेत्र के साथ-साथ हरियाणा में 70 से अधिक सीटें पूर्व मुख्यमंत्री चौ. भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में जीतकर आएगी और उसके बाद सही मायनों तिगांव क्षेत्र का सर्वांगीण विकास किया जाएगा।  
 कार्यकर्ता सम्मेलन में होडल के विधायक उदयभान, पृथला के पूर्व विधायक रघुबीर सिंह तेवतिया, पूर्व महापौर अशोक अरोड़ा, शारदा राठौर के अनुज अजय राठौर, लखन सिंगला, फरीदाबाद युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष तरुण तेवतिया, प्रदेश महासचिव पं. राजेंद्र शर्मा, पूर्व वरिष्ठ उपमहापौर मुकेश शर्मा, राजेंद्र भामला, विकास नंबरदार, राजेश खटाना, सुनील भाटी चेयरमैन, कंवरलाल नागर, चंदन सरपंच, रुपेश मेम्बर, अनिल चेची, सूरजपाल भूरा, कृष्ण अत्री, मास्टर चंद्रपाल अधाना, महेश नागर, जगबीर सरपंच, कल्याण सिंह नरवत, शारदा राम जैलदार, विरेंद्र सिंह, विनोद सरपंच, युद्धवीर झा, आरएस दहिया, उदगार मिश्रा, रिजवान आजमी, मुकुटपाल, शंकर नंबरदार, सुंदर नेताजी, ब्रहम प्रधान, अशोक रावल, बिजेंद्र पाल मावी सहित अनेकों गणमान्य लोग मौजूद थे।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश भर गए दीपेंद्र हुड्डा
फरीदाबाद, 23 जून। लोकसभा चुनाव में मिली हार के ठीक एक महीने बाद रोहतक के पूर्व सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने हरियाणा में संघर्ष का बिगुल फूंक दिया है। इसकी शुरुआत उन्होंने तिगांव विधानसभा क्षेत्र से की है। रविवार को तिगांव विधानसभा क्षेत्र के विधायक ललित नागर द्वारा आयोजित कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे दीपेंद्र हुड्डा ने कार्यकर्ताओं में नए जोश का संचार किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से भावुक अपील करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में मिली हार से निराश होने की आवश्यकता नहीं क्योंकि ऐसे अनेकों उदाहरण है, जब लोकसभा में हार के बाद मात्र 3 महीनों में ही विधानसभा चुनाव में विपरीत परिणाम आए है। उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव में दिल्ली का उदाहरण देते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में तो दिल्ली में 7 की 7 सीटों पर भाजपा की विजयी हुई, लेकिन मात्र 6 महीने में हुए विधानसभा चुनावों में दिल्ली की जनता ने भाजपा का सूपड़ा साफ करते हुए मात्र 3 सीटों पर सीमित कर दिया वहीं हाल ही में एक महीने पूर्व हुए लोकसभा चुनाव में उड़ीसा का उदाहरण देते हुए कहा कि लोकसभा व विधानसभा के साथ-साथ हुए चुनावों में उड़ीसा प्रदेश की जनता ने लोकसभा के लिए तो भाजपा को जीत दर्ज कराई लेकिन विधानसभा के लिए की गई वोटिंग में भाजपा को करारी हार देते हुए बीजू जनता दल को मुख्यमंत्री की कुर्सी सौंपने का काम किया वहीं उन्होंने छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश व राजस्थान का उदाहरण देते हुए कहा कि तीन महीने पहले विधानसभा चुनावों में तीनों प्रदेशों में जहां कांग्रेस के मुख्यमंत्री बने वहीं तीन महीने बाद लोकसभा के चुनाव के लिए भाजपा को जीत मिली। इससे यह प्रतीत होता है कि देश व प्रदेश की जनता देश व प्रदेश के मु्द्दों पर अलग-अलग मतदान करती है और हरियाणा में 3 महीने बाद होने वाले चुनाव में प्रदेश की जनता मुद्दों के आधार पर भाजपा को सबक सिखाने का काम करेगी क्योंकि पांच साल के शासनकाल में भाजपा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर हर मोर्चे पर विफल साबित हुए है और प्रदेश विकास की दृष्टि से पूरी तरह से पिछड़ गया है इसलिए कार्यकर्ता एकजुट होकर जहां भाजपा की नाकामियों के प्रचार प्रसार में जुट जाए वहीं पूर्व की कांग्रेस सरकार में फरीदाबाद में किए गए विकास कार्याे को भी जनता की अदालत में पेश करने का काम करें। उन्होंने तिगांव विधानसभा क्षेत्र के विधायक ललित नागर को बधाई देते हुए कहा कि तिगांव विधानसभा हरियाणा में संघर्ष का एक उदाहरण बन गया है क्योंकि लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद तिगांव ही पहला ऐसा क्षेत्र है, जिसने मौजूदा भाजपा सरकार के विरोध में संघर्ष का बिगुल फूंकने का काम किया है, जिसके लिए तिगांव क्षेत्र की जनता बधाई की पात्र है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया कि निश्चित तौर पर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनेगी और लोग जुमलेबाजी के बहकावे में नहीं आएंगे। 

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