ग्रेटर फरीदाबाद के किसानो की अधिग्रहित जमीन को रिलिज करने वाली याचिका उच्च न्यायालय ने की खारिज


फरीदाबाद(abtaknews.com)22 मई,2019;नहर पार ग्रैटर फरीदाबाद के किसानो ने अपनी अधिग्रहित जमीनो को अधिग्रहण से मुक्त कराने के लिए उच्च न्यायाल में 2008 में याचिका दायर की थी। यह याचिका नहर पार के किसानो ने 9 वर्ष पहले दायर की थी। नहर पार ग्रैटर फरीदाबाद किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष शिवदत्त विशिष्ठ एडवोकेट ने बताया कि उच्च न्यायालय का फैसला 16 मई को किसानो के खिलाफ आ चुका है जिसकी कॉपी अभीतक किसानो को नही मिली है। वशिष्ठ ने कहा कि तत्तकालिन कॉग्रैस सरकार ने सैक्सन 4 लगने के बाद साढे छ सौ एकड जमीन का अधिग्रहण किया था। सैक्सन 4 लगने के बाद भी साढे चार सौ एकड जमीन प्राईवेट बिल्डरो से मिलीभगत करके उनके लिए छोड दी। सरकार ने कुल दो सौ बीस एकड का ही अवार्ड सुनाया था इस अधिग्रहण से नहर पार के किसान सहमत नही हुए और उन्होने एकजुट पंचायत करके उच्च न्यायालय में अपनी जमीनो को छुटाने के लिए याचिका दायर की थी। इस फैसले से किसानो को बहुत निराशा हुई है। उनके 9 वर्षो के प्रयासो पर उच्च न्यायालय ने जमीन छोडने पर रोक लगा दी है यानि अधिग्रहण से मुक्त नही किया जाएगा। वशिष्ठ ने कहा कि नहर पार के किसानो ने इतना लम्बा समय बीत जाने के बाद भी आजतक उन्होने अपनी जमीन का ना तो मुआवजा उठाया है और ना ही सरकार को कब्जा दिया है जल्दी ही किसानो की एक बैठक करेगे जिसमें सर्वोच न्यायालय में जमीन छुडाने के लिए याचिका दायर की जाएगी। और जल्दी ही नहर पार के किसानो की अधिग्रहित जमीन का मुआवजा बढवाने के लिए दायर की गई याचिका का फैसला भी आने वाला है।

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