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Thursday, May 30, 2019

हरियाणा विस चुनाव-2019; परिवारवाद से परहेज करेगी पार्टी तो तिगांव में भी खिलेगा कमल



चंडीगढ़(abtaknews.comदुष्यंत त्यागी) 30 मई,2019; जल्द ही होने वाले हरियाणा विधान सभा चुनाव-2019 में भाजपा परिवारवाद पर अंकुश लगाने वाली अपनी मुहिम पर कायम रही और वर्तमान में 70 फीसदी विधायकों के टिकट काट कर जिताऊ कार्यकर्त्ता को टिकट दे तो हरियाणा में 80 सीट आ सकती हैं। लोकसभा चुनाव में सभी 10 सीट जीतकर भारतीय जनता पार्टी ने एक बेहतर माहौल हरियाणा में तैयार कर दिया है। किसी बाहरी को टिकट ना देकर भाजपा पार्टी के कर्मठ, जुझारू और जीताऊ उम्मीदवार को टिकट दे तो हरियाणा फिर से भगवा होने को तैयार है। 
परिवारवाद से परहेज करेगी पार्टी तो तिगांव में भी इस बार कमल खिलेगा। भारतीय जनता पार्टी परिवारवाद  के मुद्दे पर कांग्रेस सहित अन्य राजनैतिक दलों पर हमला बोलती रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने परिवारवाद के खिलाफ अपने तेवर पहले से ज्यादा तल्ख दिखाए हैं। अभी हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव- 2019 में भी कांग्रेस और अन्य विरोधी पार्टियों के परिवारवाद पर भाजपा नेताओं ने जमकर प्रहार किए। बावजूद उपरोक्त बातों की अनदेखी करने वाले विपक्षी नेता अपने बेटे-बेटियों को टिकट देते और दिलाते रहे। कार्यकर्ता हाशिए पर आ गए। ऐसे में वंशवादी सियासत के खिलाफ बीजेपी नकारात्मक माहौल बनाने में सफल रही और परिणाम आया तो बड़े-बड़े नाम भी धराशायी हो चुके थे। 

भजनलाल, बंसीलाल और देवीलाल के वंशज और पूर्व मुख्य मंत्री भूपेंद्र सिंह हुडडा के बेटे दीपेंद्र सिंह हुडडा हारे--हरियाणा के सीएम रहे बंसीलाल की पौत्री और कांग्रेस नेत्री किरण चौधरी की बेटी श्रुति चौधरी को भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा सीट से हारी। देवीलाल के पौते दुष्यंत चौटाला हारे और भजनलाल के पौते भव्य बिश्नोई चुनाव हारे। 
अब जनता जनार्दन भी परिवारवाद को नकार चुकी है। भारतीय जनता पार्टी इस मुहिम पर हरियाणा सहित अन्य राज्यों में होने वाले चुनावों में परिवारवाद को कितना नकारती है ये देखने वाली बात है। हरियाणा में यदि किसी विधायक और सांसद के बेटे-बेटी और रिश्तेदार को टिकट ना देकर जिताऊ पार्टी कार्यकर्त्ता को टिकट देती है तो हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी की एकतरफा जीत निश्चित है। 

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