Breaking

Monday, April 1, 2019

बहुचर्चित कांत एंक्लेव में आखिरकार शुरू हुई तोडफोड, जीव जंतुओं को मिलेगा बसेरा

फरीदाबाद(abtaknews.com) 01अप्रैल,2019; बहुचर्चित कांत एंक्लेव में आखिरकार आज पीला पंजा चल ही गया, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद सुबह से ही कांत एंक्लेव में फाॅरेस्ट विभाग तोडफोड कर रहा है, 11 सितम्बर 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने फरीदाबाद में अरावली पर्वतीय इलाके में अवैध तरीके से निर्मित कांत एंक्लेव को 31 दिसंबर तक पूरी तरह ढहा देने का आदेश दिया था। मगर कोर्ट में पीडित परिवारों द्वारा याचिका दायिर करने के बाद समय लगा। जिसमें बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान एल एन पराशर ने कोर्ट में कांत एंक्लेव को तोडने की याचिका दायिर की और पार्टी बन गये। आज उन्हें खुशी हैं कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की पालना हो रही है जिससे अब अरावली बच पायेगी और जीव जंतुओं को उनका बसेरा मिल पायेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने 11 सितम्बर 2018 को आदेश जारी करते हुए कहा था कि अरावली पर 18 अगस्त 1992 के बाद हुए अवैध निर्माण ढहा दिए जाएँ, जिसके आदेश के तहत आज कांत एंक्लेव में बडी तोडफोड की गई। सुबह से ही कांत एंक्लेव में फाॅरेस्ट विभाग तोडफोड मशीन लेकर पहुंचा और मकान तोडना शुरू कर दिया। विगत 11 सितम्बर 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने कांत एंक्लेव को तोडने के लिये फाॅरेस्ट विभाग को 31 दिसबंर का समय दिया था मगर पीडित परिवारों ने कोर्ट में याचिका दायिर करवाई और मामला लटक गया, इस दौरान बार एसोसिएशन  के पूर्व प्रधान एल एन पराशर ने सुप्रीम कोर्ट में कांत एंक्लेव को तोडने के लिये याचिका दायिर कर दी और पार्टी बन गये। बार एसोसिएशन  के पूर्व प्रधान एल एन पराशर से बात की गई तो उन्होंने बताया कि आज उन्हें खुशी है कि आखिरकार आज कांत एंक्लेव में तोडफोड की जा रही है, अब अरावली बच पायेगी और वहां रहने वाले जीव जंतुओं को फिर से बसेरा मिलेगा। जिसके लिये वह सुप्रीम कोर्ट को बार-बार धन्यवाद करते हैं।

अरावली पर सभी अवैध निर्माण ध्वस्त करे प्रशासन: पाराशर

फरीदाबाद के सूरजकुंड रोड पर अरावली क्षेत्र में बनाई गई कांत एन्क्लेव पर  13 निर्माण तोड़े जाने के बाद बार एसोशिएशन के पूर्व प्रधान एवं न्यायिक सुधार संघर्ष समिति के अध्यक्ष एडवोकेट एल एन पाराशर ने प्रतिक्रया देते हुए कहा कि इन निर्माणों को उसी समय तोड़ देना चाहिए था जब सुप्रीम कोर्ट ने इन्हे ध्वश्त करने के आदेश दिए थे। वकील पाराशर ने कहा कि हरियाणा सरकार और फरीदाबाद के कुछ अधिकारी इन्हे बचाते रहे लेकिन ज्यादा समय तक इन्हे बचा नहीं सके। पाराशर ने कहा कि अरावली के माफियाओं को बचाने के लिए ही हरियाणा सरकार ने पीएलपीए  ऐक्ट में बदलाव करने का प्रयास किया था ताकि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को ठेंगा दिखाया जा सके लेकिन हरियाणा सरकार की नहीं चली और अब कांत एन्क्लेव के निर्माणों को तोडना पड़ा। 
पाराशर ने कहा कि 11 सितंबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने कांत एन्क्लेव पर फैसला देते हुए कहा था कि कांत एन्क्लेव की जमीन फॉरेस्ट लैंड है। जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की स्पेशल बेंच ने 18 अगस्त 1992 के बाद हुए अवैध निर्माण को ढहाने का आदेश दिया था।  कोर्ट ने कहा है कि सभी निर्माणों को गिराया जाए। जमीन वापस फॉरेस्ट को दी जाए। पाराशर ने कहा कि अरावली पर अब भी अवैध निर्माण जारी हैं और कोर्ट के आदेश को अब भी ठेंगा दिखाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अरावली मामले को लेकर मैंने सुप्रीम कोर्ट में जो याचिका दाखिल की है उसमे मैंने हाल के अवैध निर्माणों के बारे में जानकारी दी है और इन निर्माणों को भी जल्द ध्वस्त करने की मांग करूंगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के चलते जिला प्रशासन ने कांत एन्कलेव में बने 14 निर्माणों को किया धव्‍स्त 
सर्वोच्च न्यायलय ने कांत एंक्लेव को पीएवपीए संरक्षित क्षेत्र घोषित कर सभी निर्माण गिराने के आदेश दिए थे। उक्त क्षेत्र में 44 प्लाटों पर 42 निर्माण थे, जिनमें से 31 लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में 31 जुलाई तक स्वयं ही अपने निर्माण गिराने का शपथ पत्र दाखिल किया गया है।  बाकी निमार्णधाराकों के पास 31मार्च 2019 तक का समय था। सोमवार को समय सीमा खत्म होने के साथ ही बाकी के निर्माणों को तोड़ने की कार्यवाही जिला प्रशासन पर पुलिस सुरक्षा के बीच सोमवार की सुबह शुरू कर दी। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अनुपालना के साथ इस कार्यवाही में कानून व्यवस्‍था को सुनिश्चित करते हुए ‌डिस्ट्रिक मेजिस्ट्रेट अतुल कुमार ने पांच टीमों का गठन करते हुए डयूटी मेजिस्ट्रेट तैनात किए थे। एसटीपी संजीव मान ने बताया कि कांत एन्कलेव के ब्लाक नंबर दो में चार निर्माण, ब्लाक तीन में आठ निर्माण व ब्लाक चार में एक निर्माण धवस्त करने की कार्यवाही की गई। इसक अलावा एक फिल्म स्टूडियो निर्माण गिराने की कार्यवाही की जा रही है।
इन अधिकारियों की देख-रेख में चली कार्यवाहीःइस कार्यवाही में ओवरआल इंचार्ज अतिरिक्त उपायुक्त धर्मेद्र सिंह के नेतृत्व में डीसीपी विक्रम कपूर, जितेंद्र दहिया सचिव नगर निगम फरीदाबाद, त्रिलोक चंद एसडीएम बल्लभगढ़, सतबीर मान एसडीएम फरीदाबाद, प्रदीप गोदारा अतिरिक्त आयुक्त नगर निगम व बड़खल एसडीएम बेलिना, एसीपी सहित अधिकारीगण व सुरक्षा के लिहाज से पुलिस बल तैनात रहा।

No comments:

Post a Comment

Post Top Ad

Your Ad Spot

Pages