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Friday, March 22, 2019

जबतक अनुबंध कर्मियों को पक्का नही किया जाएगा यूनियन का संधर्ष जारी रहेगा; सुभाष लाम्बा


फरीदाबाद(abtaknews.com) 22 मार्च,2019;आल हरियाणा पावर कारपोरेशनज वर्कर यूनियन ने आरोप लगाया है कि सरकार ठेकेदार को बीच से हटाकर डीसी रेट अनुबंध कर्मियों को पक्का करने के प्रति गंभीर नहीं है। यूनियन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुभाष लांबा,उप प्रधान सतपाल नरवत व सर्कल सचिव अशोक कुमार ने यह आरोप लगाते हुए बताया कि जब ठेकेदारों को बीच से नहीं हटाया जाएगा और डीसी रेट अनुबंध कर्मियों को पक्का नही किया जाएगा यूनियन का संधर्ष जारी रहेगा। यूनियन नेताओं ने यह ऐलान मंगलवार को पावर सेक्रेटरी की अध्यक्षता में सरकार व यूनियन के बीच आयोजित मीटिंग की समीक्षा करने के बाद किया। वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुभाष लांबा ने बताया कि सरकार ने अपनी ही आउटसोर्सिंग नीति-2015 की धज्जियां उड़ाते हुए बिजली निगमों में स्वीकृत रिक्त पदों के विरुद्ध ठेकेदारों के माध्यम से करीब 14 हजार कर्मचारियों को डीसी रेट व अनुबंध आधार पर लगाया हुआ है। ठेकेदार बिजली निगमों से  केवल पे-रोल देने के लिए प्रति कर्मचारी करीब 3300 रुपए प्रति माह वसूल कर रहा है। बिजली निगम शोषण पर आधारित इस निर्णय के कारण करीब 4.62 करोड़ रुपए बेवजह ठेकेदारों को दे रही है। ठेकेदार बीच से हट जाए तो बिजली निगमों को 55.44 करोड़ की बचत हो सकती है और डीसी रेट अनुबंध कर्मियों को शोषण से मुक्ति मिल जाएगी। लेकिन सरकार ऐसा करने को तैयार नहीं है। उन्होंने बताया कि एसीएस ने मीटिंग में यूनियन को आश्वासन दिया कि यह निर्णय कैबिनेट ने लिया हुआ है और वह ही बदल सकती है। इसलिए ठेकेदारों को बीच से हटाने व समान काम के लिए समान वेतन देने का निर्णय सरकार ही ले सकती है। इसलिए केस सरकार को भेजा जाएगा और जो निर्णय सरकार करेगी, उसे लागू किया जाएगा।
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लांबा ने बताया कि एसीएस विधुत विभाग ने मीटिंग में यूनियन को आश्वासन दिया कि प्रसारण व उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के लिए नव चयनित शिफ्ट अटेंडेंट (एस ए) को चुनाव आयोग की अनुमति लेकर शीघ्र  ज्वाइनिंग दे दी जाएगी और इनके ज्वाइन करने उपरांत पहले से कार्यरत अनुबंध पर लगे कर्मचारियों की नौकरी को भी सुरक्षित किया जाएगा। इस मीटिंग में यूनियन की नव चयनित शिफ्ट अटैंडेंट की इंटर  यूटीलिटीज बदली करने की मांग को भी स्वीकार किया गया। इंटर यूटीलिटीज ट्रांसफर का काम चुनाव आचार संहिता के बाद किया जाएगा। समान काम समान वेतन देने की मांग पर भी यह कहा गया कि चुनाव आचार संहिता के बाद सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। मीटिंग में एसीएस ने बढ़े हुए वर्कलोड के अनुसार दोनों वितरण निगमों में पदों के पुनर्गठन करने और नयी बनाई गई सब डिवीजन,सब स्टेशन, डिवीजन व सर्कलों के नये पद व फिल्ड के अंडर सेक्रेटरी दो पद सृजित करने का काम भी पुनर्गठन प्रक्रियां में ही करने का भी भरोसा दिलाया। 
मीटिंग में यूनियन ने रोड़वेज कर्मचारियों की हड़ताल व 8-9 जनवरी की राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल में शामिल बिजली कर्मचारियों की सेवा नियमों के विरुद्ध सेवा ब्रेक करने, पदोन्नति व वेतन वृद्धि रोकने पर कड़ी नाराजगी जताई। एसीएस ने बताया कि सभी प्रकार की उत्पीड़न की कार्यवाहियों को समाप्त करने का केस के चीफ सेक्रेटरी के पास भेजा गया है। जो भी निर्णय आयेंगा, लागू कर दिया जायेगा। पोजेटिव निर्णय करवाने के प्रयास किए जाएंगे। हड़ताल के कारण किसी भी कर्मचारी की प्रमोशन व रिटायरमेंट बेनिफिट नही रोका जाएगा। ड्राइंग केडर से साहयक अभियंता की प्रमोशन में प्रसारण निगम की तरह वितरण निगमों में भी कोटा देने की मांग को एग्जामिन करने का आश्वासन दिया गया। सरकार द्वारा नवंबर में वर्दी धुलाई भत्ता बढ़ाने और केशलेेस मेडीकल सुविधा प्रदान करने के जारी पत्रों को निगमों में लागू करने का आश्वासन दिया।

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