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Saturday, March 23, 2019

अखिल भारतीय मानव कल्याण ट्रस्ट के पडाधिकारियों ने विश्व जल दिवस की चर्चा


All India Human Kalyan Trust's stakeholders discussed World Water Day
बल्लभगढ़/फरीदाबाद(abtaknews.com)23मार्च,2019; हर वर्ष के तरह इस वर्ष भी अखिल भारतीय मानव कल्याण ट्रस्ट  के पडाधिकारियों ने 22 मार्च के दिन विश्व जल दिवस पर बल्लभगढ़ के जे सी बी चौक पर लखन रावत के ऑफिस पर में तमाम तरह के प्रयोग से जल इकट्ठा करने का उपाय बताया गया । वर्ष 1933 से विश्व भर में मनाये जा रहे इस दिन को आज के समय में भी काफी उत्साह के साथ मनाया जाता है। देश भर में विश्व जल दिवस को मानाया जाता है । ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्पेन्द्र शर्मा ने बताया कि हमें थोड़ा थोड़ा कर के पानी को बचाने के लिए प्रयास करते हुए सभी को साथ लेकर चलना है जल ही जीवन है । राष्ट्रीय सलाहकार राजीव गुप्ता ने कहा कि हमारे पास बहुत से विकल्प हैं जल बचाने के लिए बस हमें विकल्पों का चयन सही करें । ट्रस्ट के संयोजक लखन रावत ने बताया कि पानी को पानी की तरह से ही इस्तेमाल करें तो बहुत पानी को बचाया जा सकता है नल और टंकी पर कंट्रोल रखें ताकि ज्यादा पानी ना चले । राष्ट्रीय महासचिव महेश शर्मा वत्स ने बताया पानी के अधिक मात्रा से नालियों में मच्छर पैदा होने पर अनेक प्रकार की बीमारी होती हैं फिर इलाज में पैसा खर्च किया जाता है उससे हमारे तीन नुकसान होते हैं पानी, पैसा और शरीर ।
All India Human Kalyan Trust's stakeholders discussed World Water Day

ट्रस्ट के राष्ट्रीय महामंत्री ह्रदयेश सिंह ने कहा कि जब हमारे दादा जी के समय में बहुत सी नदी तालाब पानी से भरे पड़े रहते थे लेकिन अब कहीं भी किसी तालाब में पानी की बूंद नहीं होती। अगर इसी प्रकार चलते गये तो आने वाले समय में लोगों को पानी के लिए बहुत परेशानी होने वाली है इस के लिए हम सब जुम्मेदार होंगे पानी को आवश्यकतानुसार ही प्रयोग करें  । ट्रस्ट के सह संयोजक बीर चौधरी ने बताया कि पानी है तो जीवन है जीवन जीना तो सब चाहते हैं लेकिन पानी को बचाना कोई नहीं चाहता और ना कोई भी पेड़ लगाना चाहता है हम सब को अपने जीवन में कम से कम 2 पेड़ जरूर लगाने चाहिए ताकि हमें आराम से ऑक्सीजन मिलती रहे । ट्रस्ट के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय शर्मा ने बताया कि हमारी एक कोशिश है कि हम सब अपने ट्रस्ट के माध्यम से पूरे भारत देश में एक मुहिम चला कर पानी की बढ़ती हुई समस्या से निजात मिल पा सकें जमीन में जलस्रोत बहुत निचले स्तर पर चला गया है । 
 इस अवसर पर संजय कालोनी वासीयों ने भी विश्व जल दिवस के अवसर पर इस बात की सहमति जताई कि वृक्ष तथा पानी जैसे प्राकृतिक संसाधनों के प्रति हमारे मन में श्रद्धा होनी चाहये। पूरे विश्व के लोगों द्वारा हर वर्ष 22 मार्च को विश्व जल दिवस मनाया जाता है। वर्ष 1993 में संयुक्त राष्ट्र की सामान्य सभा के द्वारा इस दिन को एक वार्षिक कार्यक्रम के रुप में मनाने का निर्णय किया गया। लोगों के बीच जल का महत्व, आवश्यकता और संरक्षण के बारे में जागरुकता बढ़ाने के लिये हर वर्ष 22 मार्च को विश्व जल दिवस के रुप में मनाने के लिये इस अभियान की घोषणा की गयी थी।
इसे पहली बार वर्ष 1992 में ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में “पर्यावरण और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन” की अनुसूची 21 में आधिकारिक रुप से जोड़ा गया था और पूरे दिन के लिये अपने नल के गलत उपयोग को रोकने के द्वारा जल संरक्षण में उनकी सहायता प्राप्त करने के साथ ही प्रोत्साहित करने के लिये वर्ष 1993 से इस उत्सव को मनाना शुरु किया।
इस दौरान ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्पेन्द्र शर्मा, राष्ट्रीय सलाहकार राजीव गुप्ता, राष्ट्रीय महासचिव महेश शर्मा वत्स ,राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय शर्मा, राष्ट्रीय संयोजक कुँवर लखन रावत , राष्ट्रीय सह संयोजक बीर चौधरी और राष्ट्रीय महामंत्री ह्रदयेश सिंह व अन्य बहुत से कॉलोनीवासी उपस्थित थे तथा सभी लोगों ने वचन दिया कि हमें अपने प्रयासों से जल बचाना है और पेड़ भी लगाने हैं। 

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