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Tuesday, March 26, 2019

पत्रकार मोहन तिवारी पर फरीदाबाद पुलिस द्वारा दर्ज किए गए फर्जी मुकदमे से कोर्ट ने किया बरी


फरीदाबाद(abtaknews.com)-26 मार्च,2019; फरीदाबाद पुलिस की करतूत के चलते चार साल मानसिक तनाव में रहने वाले पत्रकार मोहन तिवारी को न्याय के मंदिर ने बड़ी राहत दी है।  पैसे के लेनदेन के केस को दबाकर उल्टा  ओल्ड फरीदाबाद पुलिस थाने ने पत्रकार तिवारी पर झूठा छेड़छाड़ का आरोप लगाकर मानसिक प्रताड़ना दी। शिकायत कर्ता लड़की एवं उसके रिश्तेदारों द्वारा पुलिस को शपथ पत्र दिया था कि पत्रकार इस घटना में शामिल नहीं था बल्कि हमारा मददगार है बावजूद इसके पुलिस ने खुनस निकालते हुए पत्रकार के खिलाफ चालान कोर्ट  में पेश कर दिया था। 
उक्त मामला 14 जून,2015 का है। पीड़िता की माँ से पत्रकार का पैसे के लेनदेन का मामला था जिसका फैंसला माननीय न्यायालय श्रीमती साक्षी सैनी की अदालत द्वारा पत्रकार के पक्ष में पहले ही दिया जा चुका है। लेकिन ओल्ड  पुलिस ठाणे ने पीड़िता की माँ को पैसा ना देना पड़े जिसके चलते दबाव बनाने और मानसिक प्रताड़ना के चलते पीड़िता से पत्रकार द्वारा छेड़छाड़ का झूठा मामला बना दिया। जिसमें पीड़ित की माँ और पिता ने कोर्ट में पत्रकार के पक्ष में बयान देकर कहा कि इनका इस तरह का कोई रोल नहीं है। 
सभी सबूतों और गवाहों और दस्तावेजों को देखते हुए माननीय न्यायालय श्रीमती कंचन माही की अदालत ने 25 मार्च,2019 को पत्रकार मोहन तिवारी को बा ईज्जत बरी कर दिया है। इस पूरे मामले में पत्रकार मोहन तिवारी फरीदाबाद पुलिस की पक्षपात और बिना कारण हरास करने के चलते चार साल से मानसिक प्रताड़ना का शिकार हुआ। पत्रकार तिवारी आवश्यक कदम उठाएंगे ताकि भविष्य में रंजिस के चलते ऐसे फर्जी मुकदमे फिर किसी और पर न दर्ज हो। 

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